01 Oct 2026, 01:33 PM
दशहरा-दीवाली में नहीं महंगी होनी चीनी, त्योहारों से पहले सरकार ने बढ़ाया बिक्री कोटा
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा और दीवाली जैसे त्याेहारों के मौके पर मिठाइयों की डिमांड खूब होगी, जिससे चीनी की मांग भी बढ़ेगी. इसे देखते हुए सरकार ने चीनी की बिक्री का कोटा बढ़ा दिया है ताकि त्योहारों में अधिक मांग के चलते इसकी कीमतें न बढ़े.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (Department of Food and Public Distribution) ने अक्टूबर के शुरुआती 15 दिनों के लिए चीनी की बिक्री का कोटा 1.40 मिलियन टन तय किया है, जो सितंबर में इसी अवधि के लिए तय 1.30 मिलियन टन से ज्यादा है. जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि यह बढ़ा हुआ कोटा अक्टूबर में नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा और उसके बाद नवंबर में दीवाली से पहले तय किया गया है क्योंकि अमूमन इस दौरान चीनी की मांग बढ़ जाती है.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">हर 15 दिन में तय होता है कोटा</h3>
<p style="text-align: justify;">सरकार ने सितंबर से चीनी की बिक्री के लिए हर 15 दिन में कोटा तय करने की व्यवस्था शुरू की है. पहले पूरे महीने के लिए एक साथ कोटा जारी होता था. इससे कई बार बड़े-बड़े कारोबारी महीने के आखिर में अपने मन मुताबिक कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए स्टॉक रोक लेते थे.</p>
<p style="text-align: justify;">अब हर 15 दिन में समीक्षा की जाती है, जिसमें देखा जाता है कि बाजार में चीनी की डिमांड कितनी है और फिर उसी हिसाब से बाजार में चीनी की उपलब्धता घटाई या बढ़ाई जाती है. इस कदम का मकसद सप्लाई को स्थिर रखना और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को रोकना है. बता दें कि अक्टूबर 2025 के लिए यह कोटा 2.40 मिलियन टन था, जबकि अक्टूबर 2024 में यह 2.55 मिलियन टन था.</p>
<h3 style="text-align: justify;">खूब बढ़ गई थीं कीमतें</h3>
<p style="text-align: justify;">जुलाई और अगस्त में चीनी की कीमतों में तेज उछाल आया था. इसके लते आने वाले महीनों में सप्लाई कम होने और सट्टेबाजी वाली खरीदारी को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं. हालांकि, तब सरकार नेव्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा तय करने और कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के आयात की मंजूरी देने जैसे कई कदम उठाए, जिससे सप्लाई की स्थिति में सुधार हुआ. अभी चीनी की खुदरा कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से 11-12% गिरकर औसतन लगभग 57.50 प्रति किलोग्राम हो गई हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="PC Jeweller ने चुकाया ₹3,000 Cr का Bank Debt! अब Share में अगला बड़ा Move क्या होगा? | Paisa Live" src="https://www.youtube.com/embed/J_BJJq0egWE" width="824" height="463" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/8th-pay-commission-civilian-pensioners-demand-for-one-rank-one-pension-similar-to-military-personnel-3196107">8वें वेतन आयोग से बड़ी मांग, अब सिविलियन कर्मचारियों को भी चाहिए OROP&nbsp;</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;">खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (Department of Food and Public Distribution) ने अक्टूबर के शुरुआती 15 दिनों के लिए चीनी की बिक्री का कोटा 1.40 मिलियन टन तय किया है, जो सितंबर में इसी अवधि के लिए तय 1.30 मिलियन टन से ज्यादा है. जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि यह बढ़ा हुआ कोटा अक्टूबर में नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा और उसके बाद नवंबर में दीवाली से पहले तय किया गया है क्योंकि अमूमन इस दौरान चीनी की मांग बढ़ जाती है.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">हर 15 दिन में तय होता है कोटा</h3>
<p style="text-align: justify;">सरकार ने सितंबर से चीनी की बिक्री के लिए हर 15 दिन में कोटा तय करने की व्यवस्था शुरू की है. पहले पूरे महीने के लिए एक साथ कोटा जारी होता था. इससे कई बार बड़े-बड़े कारोबारी महीने के आखिर में अपने मन मुताबिक कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए स्टॉक रोक लेते थे.</p>
<p style="text-align: justify;">अब हर 15 दिन में समीक्षा की जाती है, जिसमें देखा जाता है कि बाजार में चीनी की डिमांड कितनी है और फिर उसी हिसाब से बाजार में चीनी की उपलब्धता घटाई या बढ़ाई जाती है. इस कदम का मकसद सप्लाई को स्थिर रखना और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को रोकना है. बता दें कि अक्टूबर 2025 के लिए यह कोटा 2.40 मिलियन टन था, जबकि अक्टूबर 2024 में यह 2.55 मिलियन टन था.</p>
<h3 style="text-align: justify;">खूब बढ़ गई थीं कीमतें</h3>
<p style="text-align: justify;">जुलाई और अगस्त में चीनी की कीमतों में तेज उछाल आया था. इसके लते आने वाले महीनों में सप्लाई कम होने और सट्टेबाजी वाली खरीदारी को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं. हालांकि, तब सरकार नेव्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा तय करने और कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के आयात की मंजूरी देने जैसे कई कदम उठाए, जिससे सप्लाई की स्थिति में सुधार हुआ. अभी चीनी की खुदरा कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से 11-12% गिरकर औसतन लगभग 57.50 प्रति किलोग्राम हो गई हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="PC Jeweller ने चुकाया ₹3,000 Cr का Bank Debt! अब Share में अगला बड़ा Move क्या होगा? | Paisa Live" src="https://www.youtube.com/embed/J_BJJq0egWE" width="824" height="463" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/8th-pay-commission-civilian-pensioners-demand-for-one-rank-one-pension-similar-to-military-personnel-3196107">8वें वेतन आयोग से बड़ी मांग, अब सिविलियन कर्मचारियों को भी चाहिए OROP&nbsp;</a></strong></p>
Source Credit: abplive.com
Read Full Story
3
Comments (0)