Gwalior, Madhya Pradesh
24 Sep 2026, 07:50 PM
घुसपैठियों के फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क में गवाह डबरा का भंते ज्ञानज्योति गिरफ्तार
Patrika
@patrika
ग्वालियर. डबरा में एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह की अहम कड़ी ग्याप्रसाद गौतम उर्फ भंते ज्ञानज्योति निवासी बनवार (चीनोर) को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। ग्याप्रसाद ने वार्ड क्रमांक-1 सिमरिया (डबरा) में आंबेडकर पार्क में भंते था तब उसने करीब 8 से ज्यादा घुसपैठियों के पासपोर्ट बनाने के लिए मूल निवासी प्रमाण पत्र और पुलिस वेरिफिकेशन में उन्हें सिमरिया गांव का निवासी होने की गवाही दी थी। ग्याप्रसाद की करतूत तो फर्जी पासपोर्ट का खुलासा होने के साथ सामने आई थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया था। अब गिरफ्त में आने के बाद ग्याप्रसाद खुद को बेकसूर बताकर सारा ठीकरा गुरु गुलाबराय गौतम पर फोड़ रहा है। सफाई दे रहा है कि वह तो मोहरा है उसने तो गुलाबराय गौतम निवासी (माधौनगर) जनकगंज और रियाल उर्फ मित्यानंद भिक्षु के कहने पर ही बांग्लादेशियों को सिमरिया गांव का मूल निवासी बताया था और दस्तावेजों के सत्यापन में उनकी गवाही दी थी। इस आधार पर घुसपैठियों के भारतीय पासपोर्ट तैयार हुए थे। अभी तक की जांच सामने आया है मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद ने फर्जी पासपोर्ट का नेटवर्क धर्म की आड़ में बिछाया है। उसकी साजिश में ग्याप्रसाद गौतम और गुलाबराय भी शामिल थे। गुलाबराय उर्फ सम्यक बोधि भी आंबेडकर पार्क सिमरिया में भंते रहा है। रियाल चौधरी से ग्याप्रसाद और गुलाबराय की धार्मिक आयोजन में मुलाकात होती थी। उसकी आड़ में इन तीनों ने घुसपैठियों को भारतीय पासपोर्ट बनवाने का ताना बाना बुना। भंते होने के नाते प्रशासन और पुलिस महकमे में भी इनकी घुसपैठ थी। इसका फायदा उठाकर दोनों भंते (ग्याप्रसाद और गुलाबराय) इन घुसपैठियों के पासपोर्ट एजेंट बन गए।
Source Credit: patrika.com
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