BJP के गढ़ कासगंज में सपा का PDA करेगा खेला! सेंध लगा पाएंगे अखिलेश?
Uttar Pradesh 04 Oct 2026, 11:47 AM

BJP के गढ़ कासगंज में सपा का PDA करेगा खेला! सेंध लगा पाएंगे अखिलेश?

ABP News
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<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों की तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही हैं. इस बीच एबीपी की ख़ास सीरीज़ विशाल विश्लेषण में आज बात होगी कासगंज विधानसभा सीट की और यहां के सियासी व जातीय समीकरण की. कासगंज जिले में तीन विधानसभाएं आती है. 2022 के विधानसभा चुनाव में दो सीटों पर बीजेपी और एक पर सपा ने जीत हासिल की. कासगंज कभी समाजवादी पार्टी का गढ़ होता था लेकिन, अब बीजेपी ने इस पर मजबूत पकड़ बना ली है. </p>
<p style="text-align: justify;">कासगंज सीट की विधानसभा संख्या 100 है. उत्तर प्रदेश की 100वीं नंबर की सीट कासगंज है. कासगंज विधानसभा सीट लोधी बाहुल्य विधानसभा है. हालांकि यहाँ पर शाक्य और बघेल मतदाता भी अच्छी खासी संख्या में हैं. कासगंज विधानसभा सीट से कल्याण सिंह भी 1993 में विधायक रह चुके हैं.  </p>
<h3 style="text-align: justify;">कासगंज सीट का सियासी इतिहास</h3>
<p style="text-align: justify;">कासगंज विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने आखिरी बार 1985 में जीत हासिल की. बीजेपी ने पहली बार 1991 में कासगंज विधानसभा सीटी जीती और फिर 1993 और 1996 में बीजेपी ही जीती. लेकिन 1996 के बाद बीजेपी 2017 और 2022 में ही कासगंज विधानसभा सीट जीती. वहीं कासगंज विधानसभा सीट पर सपा पहली बार 2002 और फिर 2012 में जीती. 2007 में बसपा भी यहाँ से चुनाव जीत चुकी है. हालांकि अगर विधानसभा चुनाव के रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि जो दल कासगंज विधानसभा सीट जीतता है, राज्य में उसकी सरकार बनती है. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="जवान होना अच्छी बात...', कांग्रेस में शामिल हुए श्याम सुंदर शर्मा पर RLD का तंज" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/rld-leader-rohit-agarwal-jabs-at-shyam-sundar-sharma-for-joining-congress-3197366" target="_self">'जवान होना अच्छी बात...', कांग्रेस में शामिल हुए श्याम सुंदर शर्मा पर RLD का तंज</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;">2026 में एसआईआर के बाद कासगंज विधानसभा सीट पर 3,22,017 मतदाता बचे हैं. 2024 लोकसभा चुनाव में कासगंज विधानसभा सीट पर 3,70,728 मतदाता थे. <a title="एसआईआर" href="https://www.abplive.com/topic/sir" data-type="interlinkingkeywords">एसआईआर</a> के बाद कासगंज विधानसभा सीट पर 48,711 मतदाता कम हुए हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजों का गणित</h3>
<p style="text-align: justify;">2022 विधानसभा चुनाव में कासगंज विधानसभा सीट से बीजेपी के देवेन्द्र सिंह चुनाव जीते. सपा ने पूर्व विधायक मानपाल सिंह को टिकट दिया. बसपा ने मोहम्मद आरिफ और कांग्रेस ने कुलदीप कुमार को प्रत्याशी बनाया. 2022 विधानसभा चुनाव में कासगंज विधानसभा सीट से बीजेपी और सपा दोनों ने ही लोधी समाज को टिकट दिया. </p>
<p style="text-align: justify;">2022 विधानसभा चुनाव में कासगंज विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-</p>
<p style="text-align: justify;">1. बीजेपी- 1,23,410<br />2. सपा- 77,145<br />3. बसपा- 23,001<br />4. कांग्रेस- 5,951</p>
<p style="text-align: justify;">2022 विधानसभा चुनाव में कासगंज विधानसभा सीट से बीजेपी के देवेन्द्र सिंह राजपूत चुनाव जीते. बीजेपी ने सपा के मानपाल सिंह को लगभग 46 हज़ार वोटों के अंतर से चुनाव हरा दिया. बसपा को लगभग 23 हज़ार और कांग्रेस को 6 हज़ार के आसपास वोट हासिल हुए.</p>
<h3 style="text-align: justify;">ओबीसी वोटरों ने किया भाजपा को वोट</h3>
<p style="text-align: justify;">2022 विधानसभा चुनाव में कासगंज सीट पर बीजेपी को लोधी, शाक्य, बघेल समाज का वोट एकतरफा मिला. इसके अलावा ठाकुर, पंडित और बनिया वोट भी बीजेपी के ही साथ गया. ओबीसी समाज में निषाद, प्रजापति समेत अति पिछड़ी जातियों का वोट भी बीजेपी को ही मिला. एससी समाज में बीजेपी को बाल्मीकि वोट भी मिले. हालांकि 10 हज़ार लोधी और थोड़ा ब्राह्मण-बनिया के वोटों में बीजेपी को नुकसान हुआ.</p>
<p style="text-align: justify;">2022 विधानसभा चुनाव में कासगंज सीट पर सपा को यादव और मुस्लिम वोट एक साथ मिले. इसके अलावा 10 हज़ार लोधी और 10 हज़ार अन्य ओबीसी की जातियों का वोट सपा के साथ गया. 2-3 हज़ार सामान्य वर्ग का वोट सपा को मिला. बसपा को सिर्फ एससी समाज में अपने कोर वोटर का वोट हासिल हो पाया. कांग्रेस को 2-3 हज़ार ब्राह्मण और 2 हज़ार के आसपास बनिया वोट मिला है. </p>
<h3 style="text-align: justify;">लोकसभा चुनाव 2024 में कैसा रहा परिणाम</h3>
<p style="text-align: justify;">कासगंज विधानसभा सीट एटा लोकसभा का हिस्सा है. 2024 में एटा लोकसभा सीट से बीजेपी ने राज भैय्या और सपा ने देवेश शाक्य को टिकट दिया था. यानि बीजेपी ने लोधी तो सपा ने शाक्य को चुनावी मैदान में उतारा.</p>
<p style="text-align: justify;">2024 लोकसभा चुनाव में कासगंज विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे-</p>
<p style="text-align: justify;">1. बीजेपी- 1,13,678<br />2. सपा- 90,238<br />3. बसपा- 17,670</p>
<p style="text-align: justify;">2024 लोकसभा चुनाव में कासगंज विधानसभा सीट पर बीजेपी की ही जीत हुई. बीजेपी ने सपा को लगभग 23 हज़ार वोटों से चुनाव हरा दिया. हालांकि 2022 के मुकाबले 2024 में बीजेपी-सपा के बीच हार जीत का अंतर 23 हज़ार कम हो गया. 2022 विधानसभा चुनाव में सपा 46 हज़ार वोटों से कासगंज विधानसभा सीट हारी थी तो 2024 में सपा 23 हज़ार वोटों से कासगंज में विधानसभा हारी. बसपा को लगभग 17 हज़ार वोट मिला.</p>
<p style="text-align: justify;">2024 लोकसभा चुनाव में कासगंज विधानसभा सीट पर बीजेपी को लोधी समाज का वोट पूरा मिला. लेकिन शाक्य समाज का वोट बीजेपी को नहीं मिला. जबकि 2022 में शाक्य समाज का पूरा वोट कासगंज में बीजेपी के साथ गया था. इसके अलावा अति पिछड़ी जातियों में लगभग 8-9 हज़ार वोटों का नुकसान बीजेपी को हुआ. बीजेपी को ठाकुर, पंडित और बनिया वोट एकमुश्त मिला. हालांकि कुछ स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि 3-4 हज़ार ठाकुर वोट भी सपा प्रत्याशी को मिले. इसके अलावा एससी समाज में बसपा के मूल काडर वाला वोट छोड़कर बाकी सारा वोट बीजेपी को ही मिला. इसीलिए बीजेपी 23 हज़ार वोटों से चुनाव जीतने में सफल रही. </p>
<h3 style="text-align: justify;">कासगंज सीट का जातीय समीकरण</h3>
<p style="text-align: justify;">2024 में कासगंज विधानसभा सीट पर सपा को शाक्य, यादव और मुस्लिम वोट एकतरफा मिले. इसीलिए 2022 के मुकाबले 2024 में सपा का वोट लगभग 13 हज़ार बढ़ गया. सपा को अति पिछड़ी जातियों का भी 6-7 हज़ार वोट हासिल हुआ. इसके अलावा एससी समाज में भी 5-6 हज़ार वोट सपा को मिले. कुछ क्षत्रिय वोट भी सपा को मिले. </p>
<p style="text-align: justify;">2024 में कासगंज विधानसभा सीट पर बसपा को उसका मूल वोट मिला, लेकिन 5-6 हज़ार वोटों का नुकसान बसपा को हुआ.</p>
<p style="text-align: justify;">कासगंज विधानसभा सीट के जातीय समीकरण (अनुमानित)-</p>
<p style="text-align: justify;">1. लोधी- 80 हज़ार<br />2. एससी- 50 हज़ार<br />3. यादव- 40 हज़ार<br />4. मुस्लिम- 40 हज़ार<br />5. शाक्य- 25 हज़ार<br />6. बघेल- 20 हज़ार<br />7. ठाकुर- 25 हज़ार<br />8. ब्राह्मण- 11 हज़ार<br />9. निषाद- 15 हज़ार <br />10. नाई- 5 हज़ार<br />11. बनिया- 18 हज़ार<br />12. प्रजापति- 4 हज़ार</p>
<p style="text-align: justify;">कासगंज विधानसभा सीट लोधी बाहुल्य विधानसभा सीट है. लगभग 80 हज़ार लोधी मतदाता हैं. वहीं यादव और मुस्लिम मतदाता भी 80 हज़ार के आसपास हैं. यानि कासगंज विधानसभा सीट पर जीत की चाभी शाक्य, ठाकुर, बघेल और अति पिछड़ी जातियों के मतदाता के हाथ में है.</p>
<p style="text-align: justify;">कासगंज विधानसभा सीट के बाद अब कासगंज ज़िले की अमांपुर विधानसभा सीट का विशाल विश्लेषण करते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"> </p>
Source Credit: abplive.com
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