तुम बेवकूफी कर रहे हो… किसके बुलावे पर विदेश की नौकरी छोड़ घर लौटे थे मनमोहन सिंह!
23 Sep 2026, 02:55 PM

तुम बेवकूफी कर रहे हो… किसके बुलावे पर विदेश की नौकरी छोड़ घर लौटे थे मनमोहन सिंह!

Patrika
@patrika
Manmohan Singh UNCTAD: ‘तुम बेवकूफी कर रहे हो, लेकिन कभी-कभी ज़िंदगी में नासमझ बनना ही समझदारी होती है।‘ ये वो शब्द थे जो डॉ. मनमोहन सिंह को तब सुनने को मिले, जब उन्होंने यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (UNCTAD) की नौकरी छोड़कर भारत वापस लौटने का फैसला लिया। डॉ. सिंह चलता-फिरता इनसाइक्लोपीडिया थे, उनका ज्ञान समुंदर जितना गहरा था। पंजाब यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करने के बाद, मनमोहन सिंह ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ऑनर्स किया और कुछ साल बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स भी पढ़ाया। 1966 में मनमोहन सिंह UNCTAD का हिस्सा बने। यहां तक उनके मन में वापसी का कोई ख्याल नहीं था। सबकुछ बढ़िया चल रहा था, डॉ. सिंह अपने काम से खुश थे, UNCTAD उनके काम से। फिर एक दिन भारत से एक बुलावा आया और मनमोहन सिंह सबकुछ छोड़कर जाने को तैयार हो गए। कौन थे वो शख्स जिसके बुलावे पर डॉ. सिंह हंसते-हंसते विदेश की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर जाने को राजी हो गए?
Source Credit: patrika.com
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