24 Oct 2026, 11:58 PM
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर खीर खुले आसमान में रखें या जाली से ढककर? जानें क्या कहता है नियम
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Sharad Purnima 2026:</strong> शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा की किरणों को विशेष महत्व दिया जाता है और खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. लेकिन जब खीर को रातभर छत या बालकनी में रखने की बात आती है, तो एक सवाल अक्सर मन में आता है कि इसे खुले आसमान के नीचे रखना चाहिए या जाली और कपड़े से ढककर?</p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप भी शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जान लीजिए कि खीर को पूरी तरह खुला रखने के बजाय साफ, बारीक जाली या मलमल के कपड़े से ढकना बेहतर है. इससे चांदनी खीर तक पहुंच सकती है और धूल-मिट्टी, कीड़े-मकोड़ों से बचाव भी होता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा पर खीर को जाली से ढककर क्यों रखना चाहिए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शरद पूर्णिमा की रात खीर को चांदनी में रखने की परंपरा है. कई घरों में इसे छत, आंगन या बालकनी में रखा जाता है. लेकिन, खीर को पूरी तरह खुला छोड़ने से उसमें धूल, मच्छर, मक्खियां और दूसरे छोटे कीड़े गिर सकते हैं. आसपास पक्षियों या अन्य जीवों के आने का भी खतरा रहता है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसलिए खीर को साफ बारीक स्टील की जाली या पतले मलमल के कपड़े से ढकना व्यावहारिक विकल्प है. ध्यान रखें कि कपड़ा साफ हो और खीर के सीधे संपर्क में न आए. बर्तन को ऐसी जगह रखें, जहां चांदनी आती हो और जानवरों या कीड़ों के पहुंचने की आशंका कम हो.</p>
<p style="text-align: justify;">धार्मिक मान्यता की माने तो, जाली या पतले कपड़े से ढकने पर भी खीर को चांदनी में रखा जा सकता है. लेकिन, चंद्रमा की किरणों से खीर में किसी विशेष औषधीय गुण के आने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा की खीर बनाने के लिए कौन-सी सामग्री लें?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आयुर्वेदिक परंपराओं में दूध, चावल और कुछ सुगंधित सामग्री से बनी खीर को पौष्टिक भोजन माना जाता है. इसे बनाने के लिए आप अपनी पसंद और पाचन क्षमता के अनुसार इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दूध:</strong> ताजा गाय का दूध इस्तेमाल कर सकते हैं. दूध की गुणवत्ता(Quality) और ताजगी(Freshness) का ध्यान रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चावल:</strong> खीर के लिए नए चावल का उपयोग कर सकते हैं. पुराने चावल का इस्तेमाल करना चाहें, तो उन्हें अच्छी तरह साफ कर लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मिश्री या चीनी:</strong> स्वाद के अनुसार सीमित मात्रा में मिश्री या चीनी डालें. मिश्री को चीनी की तुलना में अपने आप अधिक स्वास्थ्यवर्धक मानना सही नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>छोटी इलायची:</strong> खीर में खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची डालें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केसर:</strong> चाहें तो थोड़ी मात्रा में केसर का इस्तेमाल कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मखाने और मेवे:</strong> मखाने, बादाम और पिस्ता मिलाकर खीर को अधिक स्वादिष्ट(Tasty) बनाया जा सकता है. इन्हें अपनी पाचन क्षमता और खानपान की जरूरत के अनुसार शामिल करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा की खीर बनाने का सही तरीका:</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">खीर का स्वाद और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इसे साफ-सफाई के साथ तैयार करना जरूरी है.</li>
<li style="text-align: justify;">सबसे पहले चावल को साफ करके धो लें और कुछ देर के लिए भिगो दें.</li>
<li style="text-align: justify;">एक साफ, भारी तले वाले स्टील के बर्तन में दूध गर्म करें.</li>
<li style="text-align: justify;">दूध में चावल डालकर धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं. बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि खीर तले में न लगे.</li>
<li style="text-align: justify;">चावल अच्छी तरह पक जाएं और खीर गाढ़ी होने लगे, तो स्वाद के अनुसार मिश्री या चीनी डालें.</li>
<li style="text-align: justify;">आखिर में इलायची, केसर और पसंद के मेवे मिलाएं. इसके बाद खीर को आंच से उतारकर साफ बर्तन में निकाल लें.</li>
<li style="text-align: justify;">खीर को खुले में रखने से पहले उसकी भाप निकलने दें. फिर उसे साफ बारीक जाली से ढककर चांदनी वाली सुरक्षित जगह पर रखें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ध्यान दें:</strong> दूध को पीतल या तांबे के बिना उचित खाद्य-सुरक्षित परत वाले बर्तन में पकाने या लंबे समय तक रखने से बचें. स्टेनलेस स्टील का बर्तन एक आसान ऑप्शन है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा पर खीर कब खानी चाहिए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">धार्मिक परंपरा में शरद पूर्णिमा की रात खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखकर अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. कुछ परिवार सुबह स्नान-पूजा के बाद इसे खाते हैं. लेकिन, इसके खाने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में खाली पेट खाना अनिवार्य होने का कोई नियम नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">स्वास्थ्य की दृष्टि से खीर को रातभर कमरे के तापमान पर छोड़ना सुरक्षित नहीं है. दूध से बनी खीर में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं, खासकर गर्म या उमस वाले <a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a> में. इसलिए खीर को रातभर बाहर रखने के बजाय ठंडा होने पर जल्द फ्रिज में रखें. चांदनी में रखने की परंपरा निभानी हो, तो खीर की थोड़ी मात्रा साफ ढके हुए बर्तन में थोड़े समय के लिए रखें और बाकी खीर फ्रिज में सुरक्षित रखें. खाने से पहले उसकी गंध और दिखावट ही नहीं, बल्कि सुरक्षित रखने का समय और तापमान भी ध्यान में रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा की खीर से जुड़ी जरूरी बातें:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शरद पूर्णिमा पर खीर बनाना आस्था, परंपरा और परिवार के साथ त्योहार मनाने का सुंदर तरीका है. इसे चांदनी में रखने के लिए बारीक जाली या साफ मलमल के कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है. खीर बनाते समय ताजा सामग्री लें, साफ बर्तनों का उपयोग करें और दूध से बनी इस मिठाई को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न छोड़ें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप भी शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जान लीजिए कि खीर को पूरी तरह खुला रखने के बजाय साफ, बारीक जाली या मलमल के कपड़े से ढकना बेहतर है. इससे चांदनी खीर तक पहुंच सकती है और धूल-मिट्टी, कीड़े-मकोड़ों से बचाव भी होता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा पर खीर को जाली से ढककर क्यों रखना चाहिए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शरद पूर्णिमा की रात खीर को चांदनी में रखने की परंपरा है. कई घरों में इसे छत, आंगन या बालकनी में रखा जाता है. लेकिन, खीर को पूरी तरह खुला छोड़ने से उसमें धूल, मच्छर, मक्खियां और दूसरे छोटे कीड़े गिर सकते हैं. आसपास पक्षियों या अन्य जीवों के आने का भी खतरा रहता है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसलिए खीर को साफ बारीक स्टील की जाली या पतले मलमल के कपड़े से ढकना व्यावहारिक विकल्प है. ध्यान रखें कि कपड़ा साफ हो और खीर के सीधे संपर्क में न आए. बर्तन को ऐसी जगह रखें, जहां चांदनी आती हो और जानवरों या कीड़ों के पहुंचने की आशंका कम हो.</p>
<p style="text-align: justify;">धार्मिक मान्यता की माने तो, जाली या पतले कपड़े से ढकने पर भी खीर को चांदनी में रखा जा सकता है. लेकिन, चंद्रमा की किरणों से खीर में किसी विशेष औषधीय गुण के आने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा की खीर बनाने के लिए कौन-सी सामग्री लें?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आयुर्वेदिक परंपराओं में दूध, चावल और कुछ सुगंधित सामग्री से बनी खीर को पौष्टिक भोजन माना जाता है. इसे बनाने के लिए आप अपनी पसंद और पाचन क्षमता के अनुसार इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दूध:</strong> ताजा गाय का दूध इस्तेमाल कर सकते हैं. दूध की गुणवत्ता(Quality) और ताजगी(Freshness) का ध्यान रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चावल:</strong> खीर के लिए नए चावल का उपयोग कर सकते हैं. पुराने चावल का इस्तेमाल करना चाहें, तो उन्हें अच्छी तरह साफ कर लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मिश्री या चीनी:</strong> स्वाद के अनुसार सीमित मात्रा में मिश्री या चीनी डालें. मिश्री को चीनी की तुलना में अपने आप अधिक स्वास्थ्यवर्धक मानना सही नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>छोटी इलायची:</strong> खीर में खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची डालें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केसर:</strong> चाहें तो थोड़ी मात्रा में केसर का इस्तेमाल कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मखाने और मेवे:</strong> मखाने, बादाम और पिस्ता मिलाकर खीर को अधिक स्वादिष्ट(Tasty) बनाया जा सकता है. इन्हें अपनी पाचन क्षमता और खानपान की जरूरत के अनुसार शामिल करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा की खीर बनाने का सही तरीका:</strong></p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">खीर का स्वाद और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इसे साफ-सफाई के साथ तैयार करना जरूरी है.</li>
<li style="text-align: justify;">सबसे पहले चावल को साफ करके धो लें और कुछ देर के लिए भिगो दें.</li>
<li style="text-align: justify;">एक साफ, भारी तले वाले स्टील के बर्तन में दूध गर्म करें.</li>
<li style="text-align: justify;">दूध में चावल डालकर धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं. बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि खीर तले में न लगे.</li>
<li style="text-align: justify;">चावल अच्छी तरह पक जाएं और खीर गाढ़ी होने लगे, तो स्वाद के अनुसार मिश्री या चीनी डालें.</li>
<li style="text-align: justify;">आखिर में इलायची, केसर और पसंद के मेवे मिलाएं. इसके बाद खीर को आंच से उतारकर साफ बर्तन में निकाल लें.</li>
<li style="text-align: justify;">खीर को खुले में रखने से पहले उसकी भाप निकलने दें. फिर उसे साफ बारीक जाली से ढककर चांदनी वाली सुरक्षित जगह पर रखें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>ध्यान दें:</strong> दूध को पीतल या तांबे के बिना उचित खाद्य-सुरक्षित परत वाले बर्तन में पकाने या लंबे समय तक रखने से बचें. स्टेनलेस स्टील का बर्तन एक आसान ऑप्शन है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा पर खीर कब खानी चाहिए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">धार्मिक परंपरा में शरद पूर्णिमा की रात खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखकर अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. कुछ परिवार सुबह स्नान-पूजा के बाद इसे खाते हैं. लेकिन, इसके खाने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में खाली पेट खाना अनिवार्य होने का कोई नियम नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">स्वास्थ्य की दृष्टि से खीर को रातभर कमरे के तापमान पर छोड़ना सुरक्षित नहीं है. दूध से बनी खीर में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं, खासकर गर्म या उमस वाले <a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a> में. इसलिए खीर को रातभर बाहर रखने के बजाय ठंडा होने पर जल्द फ्रिज में रखें. चांदनी में रखने की परंपरा निभानी हो, तो खीर की थोड़ी मात्रा साफ ढके हुए बर्तन में थोड़े समय के लिए रखें और बाकी खीर फ्रिज में सुरक्षित रखें. खाने से पहले उसकी गंध और दिखावट ही नहीं, बल्कि सुरक्षित रखने का समय और तापमान भी ध्यान में रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा की खीर से जुड़ी जरूरी बातें:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शरद पूर्णिमा पर खीर बनाना आस्था, परंपरा और परिवार के साथ त्योहार मनाने का सुंदर तरीका है. इसे चांदनी में रखने के लिए बारीक जाली या साफ मलमल के कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है. खीर बनाते समय ताजा सामग्री लें, साफ बर्तनों का उपयोग करें और दूध से बनी इस मिठाई को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न छोड़ें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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