01 Nov 2026, 06:18 PM
रोज 500 किलो LPG और 2500 लीटर डीजल की बचत, IGL के साथ रेलवे की डील
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">सरकार PNG यानी पाइप्ड नैचुरल गैस को बढ़ावा देने के लिए तमाम जरूरी कदम लगातार उठा रही है. इसी कड़ी में हाल ही में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन के बीच एक बड़ी डील हुई है. जिसके तहत दिल्ली-NCR के 22 रेलवे ठिकानों पर अब LPG और डीजल की जगह पाइप से मिलने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">इस योजना के तहत शुरुआत में रोजाना करीब 3000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCMD) गैस की सप्लाई की जाएगी. इससे हर रोज लगभग 500 किलो LPG और 2500 लीटर डीजल की खपत कम होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किन स्टेशनों पर होगा इस्तेमाल?</strong><br />इस योजना के तहत दिल्ली सराय रोहिल्ला, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, हजरत निजामुद्दीन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की पांच बड़ी लॉन्ड्री में बॉयलर चलाने के लिए PNG गैस का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा रेलवे की रसोई, अधिकारियों के विश्राम गृह, कर्मचारियों के रहने की जगह, रनिंग रूम और अन्य सुविधाओं को भी PNG से जोड़ा जाएगा. ये सुविधा दिल्ली, <a title="गाजियाबाद" href="https://www.abplive.com/topic/ghaziabad-news" data-type="interlinkingkeywords">गाजियाबाद</a> और गौतम बुद्ध नगर के रेलवे ठिकानों में शुरू होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बढ़ेगी गैस की सप्लाई</strong><br />इस डील से IGL को उम्मीद है कि आने वाले सालों में इन रेलवे प्रतिष्ठानों में गैस की मांग बढ़कर रोजाना 8000 से 10000 SCMD तक पहुंच सकती है. इसके लिए गैस पाइपलाइन का नेटवर्क और कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">IGL के चेयरमैन शुभंकर सेन ने कहा कि इस समझौते से रेलवे में LPG की जगह प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़ेगा. इससे दूसरे देशों से आयात किए जाने वाले ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही सरकार पर मिलने वाली सब्सिडी का बोझ भी घट सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">तो वहीं दिल्ली डिवीजन के रेलवे मैनेजर पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि PNG के इस्तेमाल से रेलवे का ऊर्जा खर्च कम करने में मदद मिलेगी. भविष्य में रेलवे अस्पतालों और कर्मचारियों की आवासीय कॉलोनियों को भी PNG कनेक्शन देने की योजना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों हुई ये डील?</strong><br />बता दें कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि देश में ज्यादा से ज्यादा PNG कनेक्शन का इस्तेमाल हो. जिससे कि भारत की एलपीजी की अन्य देशों पर निर्भरता कम हो सके. इससे देश को बाहर से एलजीपी आयात नहीं करना होगी, बल्कि नेचुरल गैस से ही आपूर्ति पूरी हो जाएगी. जिससे कि आने वाले समय में यदि किसी भी तरह के विपरीत हालात बनते हैं तो देश में गैस की किल्लत ना हो और दाम भी कंट्रोल में रहें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/business/da-could-reach-68-central-government-employees-salaries-to-increase-again-in-january-3209606">68% हो सकता है DA, जनवरी में फिर बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस योजना के तहत शुरुआत में रोजाना करीब 3000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCMD) गैस की सप्लाई की जाएगी. इससे हर रोज लगभग 500 किलो LPG और 2500 लीटर डीजल की खपत कम होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किन स्टेशनों पर होगा इस्तेमाल?</strong><br />इस योजना के तहत दिल्ली सराय रोहिल्ला, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, हजरत निजामुद्दीन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की पांच बड़ी लॉन्ड्री में बॉयलर चलाने के लिए PNG गैस का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा रेलवे की रसोई, अधिकारियों के विश्राम गृह, कर्मचारियों के रहने की जगह, रनिंग रूम और अन्य सुविधाओं को भी PNG से जोड़ा जाएगा. ये सुविधा दिल्ली, <a title="गाजियाबाद" href="https://www.abplive.com/topic/ghaziabad-news" data-type="interlinkingkeywords">गाजियाबाद</a> और गौतम बुद्ध नगर के रेलवे ठिकानों में शुरू होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बढ़ेगी गैस की सप्लाई</strong><br />इस डील से IGL को उम्मीद है कि आने वाले सालों में इन रेलवे प्रतिष्ठानों में गैस की मांग बढ़कर रोजाना 8000 से 10000 SCMD तक पहुंच सकती है. इसके लिए गैस पाइपलाइन का नेटवर्क और कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">IGL के चेयरमैन शुभंकर सेन ने कहा कि इस समझौते से रेलवे में LPG की जगह प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़ेगा. इससे दूसरे देशों से आयात किए जाने वाले ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही सरकार पर मिलने वाली सब्सिडी का बोझ भी घट सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">तो वहीं दिल्ली डिवीजन के रेलवे मैनेजर पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि PNG के इस्तेमाल से रेलवे का ऊर्जा खर्च कम करने में मदद मिलेगी. भविष्य में रेलवे अस्पतालों और कर्मचारियों की आवासीय कॉलोनियों को भी PNG कनेक्शन देने की योजना है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों हुई ये डील?</strong><br />बता दें कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि देश में ज्यादा से ज्यादा PNG कनेक्शन का इस्तेमाल हो. जिससे कि भारत की एलपीजी की अन्य देशों पर निर्भरता कम हो सके. इससे देश को बाहर से एलजीपी आयात नहीं करना होगी, बल्कि नेचुरल गैस से ही आपूर्ति पूरी हो जाएगी. जिससे कि आने वाले समय में यदि किसी भी तरह के विपरीत हालात बनते हैं तो देश में गैस की किल्लत ना हो और दाम भी कंट्रोल में रहें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/business/da-could-reach-68-central-government-employees-salaries-to-increase-again-in-january-3209606">68% हो सकता है DA, जनवरी में फिर बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी</a></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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