ग्वालियर-झांसी रेलखंड पर मानवीय चूक का खतरा शून्य, लागू हुई कवच प्रणाली, अब स्वदेशी तकनीक के पहरे में दौड़ेंगी ट्रेनें
Gwalior, Madhya Pradesh 22 Sep 2026, 07:46 PM

ग्वालियर-झांसी रेलखंड पर मानवीय चूक का खतरा शून्य, लागू हुई कवच प्रणाली, अब स्वदेशी तकनीक के पहरे में दौड़ेंगी ट्रेनें

Patrika
@patrika
ग्वालियर. ग्वालियर से झांसी के बीच रेल मार्ग से रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। व्यस्त रेलखंड पर अब ट्रेनें पूरी तरह से अत्याधुनिक और स्वदेशी सुरक्षा तकनीक कवच की निगरानी में दौड़ेंगी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने ग्वालियर-झांसी के बीच 97.1 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर मानक कवच प्रणाली की कमीशनिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस स्वदेशी तकनीक के लागू होने से न केवल ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि मानवीय भूल के कारण होने वाले रेल हादसों की आशंका पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कवच प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ट्रेन संचालन के दौरान यदि किसी आपात स्थिति में लोको पायलट सिग्नल या अन्य तकनीकी निर्देशों को चूक जाता है, तो यह सिस्टम तुरंत एक्टिव हो जाता है। यह प्रणाली लोको पायलट को विजुअल और ऑडियो अलर्ट देने के साथ-साथ, आवश्यकता पड़ने पर ट्रेन की स्पीड को स्वत: नियंत्रित (कंट्रोल) करने की पूरी क्षमता रखती है।
Source Credit: patrika.com
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