19 Oct 2026, 03:27 PM
पानी पीते ही बार-बार आती है पेशाब? डॉक्टर की सलाह पर कराएं ये टेस्ट
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">पानी पीने के बाद पेशाब आना सामान्य बात है. लेकिन अगर थोड़ी-थोड़ी देर में टॉयलेट जाना पड़ता है या रात में बार-बार नींद खुलती है, तो इसकी वजह समझना जरूरी है. कई बार ज्यादा पानी, चाय या कॉफी पीने से ऐसा होता है. वहीं, कुछ मामलों में बढ़ी हुई शुगर या यूरिन इन्फेक्शन भी इसकी वजह होता है.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">शुगर की जांच कराएं</h3>
<p style="text-align: justify;">अगर बार-बार पेशाब आने के साथ बहुत प्यास लगती है, तो ब्लड शुगर की जांच कराना जरूरी होता है. शरीर में शुगर बढ़ने पर पेशाब ज्यादा आती है. इसके लिए डॉक्टर फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c टेस्ट लिखते हैं. HbA1c टेस्ट से पिछले करीब 2-3 महीनों की औसत शुगर का पता चलता है. इन जांचों से डायबिटीज का पता लगाने में मदद मिलती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/morning-sneezing-causes-allergy-know-the-remedies-and-follow-this-health-tips-3202795#google_vignette">सुबह उठते ही शुरू हो जाती हैं छींक, जानें क्या है दिक्कत? </a></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>यूरिन टेस्ट से पता चलेगा इन्फेक्शन</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">अगर बार-बार पेशाब आने के साथ जलन, दर्द या बदबू भी है, तो यूरिन इन्फेक्शन हो सकता है. इसके लिए डॉक्टर यूरिन रूटीन टेस्ट कराने की सलाह देते हैं. जरूरत पड़ने पर यूरिन कल्चर टेस्ट भी किया जाता है. इससे इन्फेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया का पता लगाने में मदद मिलती है. बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से एंटीबायोटिक न लें.अगर पेशाब करते समय धार कमजोर होती है या पेशाब करने के बाद भी लगता है कि ब्लैडर खाली नहीं हुआ, तो डॉक्टर यूरोफ्लोमेट्री टेस्ट कराने को कहते हैं. इस जांच से पता चलता है कि पेशाब कितनी तेजी से निकल रही है. कुछ मामलों में अल्ट्रासाउंड से यह भी देखा जाता है कि पेशाब करने के बाद ब्लैडर में कितना पेशाब बचा है.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>किडनी की जांच कब करानी चाहिए ?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">अगर बार-बार पेशाब आने के साथ पैरों या चेहरे पर सूजन या दूसरी परेशानी है, तो डॉक्टर किडनी की जांच कराने की सलाह देते हैं. किडनी फंक्शन टेस्ट&nbsp; से पता चलता है कि किडनी ठीक से काम कर रही है या नहीं है पर बार बार पेशाब आने का मतलब यह नहीं की आपकी किडनी खराब ही हो पहले डॉक्टर को दिखाएं फिर रिपोर्ट के अनुसार ही ट्रीटमेंट चुने .&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>डॉक्टर को बताएं अपनी परेशानी</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉक्टर को बताएं कि दिन में कितनी बार पेशाब आती है, रात में कितनी बार उठना पड़ता है और आप कितना पानी या चाय-कॉफी पीते हैं. कुछ दिनों तक इसका रिकॉर्ड रखना भी मददगार होता है. इससे डॉक्टर को सही जांच चुनने में आसानी होगी. अगर पेशाब में खून आए, तेज बुखार हो, पेट या कमर में तेज दर्द हो या पेशाब बिल्कुल न हो रही हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/brittle-nails-nutrient-deficiency-causes-and-reasons-healthy-nails-tips-3202777">बार-बार टूट रहे नाखून? शरीर में इस चीज की हो गई कमी </a></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;">शुगर की जांच कराएं</h3>
<p style="text-align: justify;">अगर बार-बार पेशाब आने के साथ बहुत प्यास लगती है, तो ब्लड शुगर की जांच कराना जरूरी होता है. शरीर में शुगर बढ़ने पर पेशाब ज्यादा आती है. इसके लिए डॉक्टर फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c टेस्ट लिखते हैं. HbA1c टेस्ट से पिछले करीब 2-3 महीनों की औसत शुगर का पता चलता है. इन जांचों से डायबिटीज का पता लगाने में मदद मिलती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/morning-sneezing-causes-allergy-know-the-remedies-and-follow-this-health-tips-3202795#google_vignette">सुबह उठते ही शुरू हो जाती हैं छींक, जानें क्या है दिक्कत? </a></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>यूरिन टेस्ट से पता चलेगा इन्फेक्शन</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">अगर बार-बार पेशाब आने के साथ जलन, दर्द या बदबू भी है, तो यूरिन इन्फेक्शन हो सकता है. इसके लिए डॉक्टर यूरिन रूटीन टेस्ट कराने की सलाह देते हैं. जरूरत पड़ने पर यूरिन कल्चर टेस्ट भी किया जाता है. इससे इन्फेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया का पता लगाने में मदद मिलती है. बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से एंटीबायोटिक न लें.अगर पेशाब करते समय धार कमजोर होती है या पेशाब करने के बाद भी लगता है कि ब्लैडर खाली नहीं हुआ, तो डॉक्टर यूरोफ्लोमेट्री टेस्ट कराने को कहते हैं. इस जांच से पता चलता है कि पेशाब कितनी तेजी से निकल रही है. कुछ मामलों में अल्ट्रासाउंड से यह भी देखा जाता है कि पेशाब करने के बाद ब्लैडर में कितना पेशाब बचा है.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>किडनी की जांच कब करानी चाहिए ?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">अगर बार-बार पेशाब आने के साथ पैरों या चेहरे पर सूजन या दूसरी परेशानी है, तो डॉक्टर किडनी की जांच कराने की सलाह देते हैं. किडनी फंक्शन टेस्ट&nbsp; से पता चलता है कि किडनी ठीक से काम कर रही है या नहीं है पर बार बार पेशाब आने का मतलब यह नहीं की आपकी किडनी खराब ही हो पहले डॉक्टर को दिखाएं फिर रिपोर्ट के अनुसार ही ट्रीटमेंट चुने .&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>डॉक्टर को बताएं अपनी परेशानी</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉक्टर को बताएं कि दिन में कितनी बार पेशाब आती है, रात में कितनी बार उठना पड़ता है और आप कितना पानी या चाय-कॉफी पीते हैं. कुछ दिनों तक इसका रिकॉर्ड रखना भी मददगार होता है. इससे डॉक्टर को सही जांच चुनने में आसानी होगी. अगर पेशाब में खून आए, तेज बुखार हो, पेट या कमर में तेज दर्द हो या पेशाब बिल्कुल न हो रही हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/brittle-nails-nutrient-deficiency-causes-and-reasons-healthy-nails-tips-3202777">बार-बार टूट रहे नाखून? शरीर में इस चीज की हो गई कमी </a></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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