Aaj Ka Dhanu Rashifal 29 October 2026: 6वें भाव में चंद्रमा का गोचर, परिध योग से वर्कप्लेस पर मिलेगा बड़ा सम्मान
29 Oct 2026, 08:13 PM

Aaj Ka Dhanu Rashifal 29 October 2026: 6वें भाव में चंद्रमा का गोचर, परिध योग से वर्कप्लेस पर मिलेगा बड़ा सम्मान

ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Dhanu Rashifal 29 October 2026:</strong> प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के अनुसार, चंद्रमा के छठे (6th) भाव में होने से आप अपनी ऊर्जा और स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखने में सक्षम होंगे और विरोधियों पर आपका प्रभाव बना रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आज का पंचांग और ग्रह गोचर (Aaj Ka Panchang 29 October 2026)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिनांक:</strong> 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार (करवा चौथ)</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तिथि:</strong> रात्रि 10:11 तक कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, तत्पश्चात पंचमी तिथि रहेगी</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नक्षत्र:</strong> सुबह 11:12 तक रोहिणी नक्षत्र, तत्पश्चात मृगशिरा नक्षत्र रहेगा</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ योग:</strong> वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, पारिजात योग, बुधादित्य योग और परिध योग</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चंद्र गोचर:</strong> चंद्रमा रात्रि 10:07 तक वृषभ राशि (षष्ठम भाव) में, इसके बाद मिथुन राशि में संचरण करेंगे</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ मुहूर्त (चौघड़िया):</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुबह 07:00 से 08:00 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शाम 05:00 से 06:00 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अशुभ समय (राहुकाल): दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक राहुकाल रहेगा</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ यात्रा दिशा: दक्षिण दिशा</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बिजनेस और वित्तीय प्रबंधन (Business & Finance)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>व्यापारिक उत्साह और अनुकूल परिस्थितियां:</strong> व्यापार के प्रति आपका जोश और सक्रियता काबिले तारीफ रहेगी. कार्यक्षेत्र में ऐसी सकारात्मक परिस्थितियां खुद-ब-खुद बनेंगी जो आपको आगे बढ़ाने में मदद करेंगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पैतृक व्यापार में बड़ों की राय अनिवार्य:</strong> पुश्तैनी (Ancestral) कारोबार से जुड़े लोग कोई भी बड़ा फैसला लेते समय परिवार के वरिष्ठ सदस्यों और अनुभवी सलाहकारों से मशविरा अवश्य करें; बिना सलाह जोखिम लेने से बचें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>करियर और नौकरी (Career & Job)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सीनियर से भूरि-भूरि प्रशंसा और तकनीकी निपुणता:</strong> परिध योग के प्रभाव से आप अपने कार्यक्षेत्र में किसी जटिल या तकनीकी कार्य में महारत हासिल करेंगे. आपकी कार्यकुशलता को देखकर सीनियर अधिकारी खुले दिल से आपकी तारीफ करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मार्केटिंग प्रोफेशनल्स को फेस्टिव गुड न्यूज:</strong> मार्केटिंग और सेल्स से जुड़े नौकरीपेशा लोगों को इस त्योहारी सीजन में कोई बड़ी डील या इंसेंटिव से संबंधित शुभ समाचार मिल सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लव, फैमिली, छात्र-खिलाड़ी व स्वास्थ्य (Family, Students & Health)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>करवा चौथ पर संतान का गौरव और सामान्य दांपत्य:</strong> करवा चौथ के पर्व पर दांपत्य और पारिवारिक जीवन सुखद व सामान्य रहेगा. संतान द्वारा किए गए किसी उत्कृष्ट कार्य से समाज में परिवार का मान-सम्मान बढ़ेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>छात्रों की एकाग्रता में वृद्धि:</strong> प्रतियोगी और सामान्य शिक्षा ले रहे विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में पूर्ण ध्यान व समर्पण के साथ जुटे रहेंगे, जिससे अध्ययन का स्तर सुधरेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्वास्थ्य अलर्ट:</strong> अगर दिन अच्छा है, लेकिन पुरानी किसी शारीरिक व्याधि या दर्द के दोबारा उभरने की संभावना है; खानपान में लापरवाही न बरतें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लकी कलर: येलो (पीला)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लकी नंबर: 1</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अनलकी नंबर: 6</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विशेष अचूक उपाय:</strong> करवा चौथ और गुरुवार के पावन संयोग पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का संयुक्त पूजन करें. केले के वृक्ष पर जल अर्पित कर चने की दाल व गुड़ चढ़ाएं. करवा चौथ की पूजा के समय जीवनसाथी के साथ पीले पुष्प और अक्षत से चंद्रमा को अर्घ्य दें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.<br /></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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