Rajasthan
16 Oct 2026, 11:56 AM
'BAP तो BJP की B-टीम है', राजकुमार रोत की पार्टी पर कांग्रेस विधायक का आरोप
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">राजस्थान के डूंगरपुर में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. डूंगरपुर विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा ने भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है. मीडिया से बातचीत के दौरान घोघरा ने BAP की राजनीतिक कार्यशैली, उसके नेताओं के चुनाव लड़ने के फैसलों और आदिवासी संस्कृति के प्रतीकों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए. वहीं, प्रदेश की बीजेपी सरकार को मनरेगा, शिक्षा व्यवस्था, ग्रामीण रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दों पर घेरते हुए कई आरोप लगाए.</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने BAP को बीजेपी की &lsquo;बी-टीम&rsquo; करार दिया और आरोप लगाया कि यह पार्टी कांग्रेस को नुकसान पहुंचाकर बीजेपी को राजनीतिक फायदा पहुंचाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के नाम पर राजनीति करने के बजाय क्षेत्र में विकास के ठोस काम करके दिखाने चाहिए. हालांकि, BAP और बीजेपी को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है.</p>
<div class="__hero_news_title"><strong><a href="https://www.abplive.com/states/rajasthan/madan-rathore-rajasthan-bjp-chief-says-we-will-stand-with-pakistan-if-war-between-us-and-pakistan-3202664">राजस्थान BJP चीफ बोले, 'अगर US-PAK का युद्ध होता है तो हम पाकिस्तान के साथ हैं'</a></strong></div>
<h3 style="text-align: justify;">&lsquo;मुझे ज्ञान का सर्टिफिकेट देने वाले ये कौन होते हैं?&rsquo;</h3>
<p style="text-align: justify;">विधायक गणेश घोघरा ने अपने ज्ञान और शैक्षणिक योग्यता को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के ज्ञान का प्रमाणपत्र देने वाले दूसरे लोग कौन होते हैं. घोघरा के मुताबिक, उन्होंने एमए और एम.फिल की पढ़ाई की है और उनकी डिग्रियां विश्वविद्यालय तथा संबंधित संस्थानों की ओर से दी गई हैं. उन्होंने BAP के नेताओं पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या अब वो दूसरों के ज्ञान का आकलन करने और उन्हें प्रमाणपत्र देने का काम करेंगे?</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि राजनीतिक बहस में व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय मुद्दों और कामकाज पर चर्चा होनी चाहिए. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब डूंगरपुर और आसपास के आदिवासी बहुल इलाकों में कांग्रेस, बीजेपी और BAP के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार चर्चा में बनी हुई है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">MP, MLA और अब जिला परिषद चुनावों पर सवाल</h3>
<p style="text-align: justify;">गणेश घोघरा ने BAP की चुनावी रणनीति और उसके नेताओं की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पहले एक व्यक्ति के एक ही बार चुनाव लड़ने की बात कही जाती थी, लेकिन अब सांसद और विधानसभा चुनाव के बाद जिला परिषद चुनाव लड़ने की स्थिति भी सामने आ रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने सवाल किया कि क्या पार्टी में अन्य कार्यकर्ता नहीं हैं, जिन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया जा सकता है? उन्होंने BAP की ओर से बताई जाने वाली &lsquo;जाजम व्यवस्था&rsquo; का जिक्र करते हुए पूछा कि यदि संगठन में सभी को बराबर अवसर देने की बात की जाती है, तो फिर चुनावी फैसलों में इसका पालन किस तरह हो रहा है?</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ नेताओं की मनमर्जी चल रही है और आम कार्यकर्ताओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे. उनके इन सवालों के केंद्र में BAP की संगठनात्मक कार्यप्रणाली और चुनावी फैसले रहे. हालांकि, इन आरोपों पर BAP का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">&lsquo;ऊंट पर बैठकर दिखावा करते हैं, घूमते मर्सिडीज में हैं&rsquo;</h3>
<p style="text-align: justify;">गणेश घोघरा के बयान का सबसे चर्चित हिस्सा आदिवासी संस्कृति के प्रतीकों और नेताओं की जीवनशैली को लेकर की गई उनकी टिप्पणी रही. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केवल ऊंट पर बैठने से विकास नहीं होता. अगर ऊंट की सवारी इतनी ही पसंद है, तो नेताओं को रोजमर्रा की यात्रा में भी इसका इस्तेमाल करना चाहिए, न कि मर्सिडीज जैसी गाड़ियों में घूमना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने कहा कि कबूतर के पंख लगाने या प्रतीकात्मक गतिविधियां करने से क्षेत्र का विकास नहीं होगा. उनके मुताबिक, जनता को वास्तविक विकास, रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस विधायक की इस टिप्पणी को BAP की राजनीतिक शैली पर सीधा हमला माना जा रहा है. उन्होंने अपने बयान में प्रतीकों और दिखावे के बजाय जमीनी कामकाज को प्राथमिकता देने की बात कही. इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि आदिवासी समाज की पहचान से जुड़े प्रतीकों का इस्तेमाल करने के साथ-साथ क्षेत्र की मूल समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं?</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, घोघरा की इस टिप्पणी पर BAP नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. ऐसे में इस बयान को फिलहाल कांग्रेस विधायक के राजनीतिक आरोप और उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी के रूप में देखा जाना चाहिए.</p>
<h3 style="text-align: justify;">बीजेपी सरकार पर भी बरसे घोघरा</h3>
<p style="text-align: justify;">BAP के साथ-साथ गणेश घोघरा ने राजस्थान की बीजेपी सरकार को भी निशाने पर लिया. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत कामकाज और मजदूरी भुगतान को लेकर सवाल उठाए. घोघरा ने आरोप लगाया कि कई ग्रामीण इलाकों में काम नहीं मिलने और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं के कारण मजदूरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर सीमित होने से लोगों को आजीविका की तलाश में दूसरे क्षेत्रों की ओर पलायन करना पड़ रहा है. घोघरा ने सरकार से सवाल किया कि यदि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के दावे किए जा रहे हैं, तो फिर लोगों को स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार क्यों नहीं मिल पा रहा है?</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने मनरेगा से जुड़े कामकाज और मजदूरी भुगतान की स्थिति की समीक्षा करने की जरूरत पर जोर दिया. हालांकि, मनरेगा में काम ठप होने, भुगतान में देरी और पलायन को लेकर किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है. इन मुद्दों पर आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया से स्थिति स्पष्ट हो सकती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">जर्जर स्कूल भवनों और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल</h3>
<p style="text-align: justify;">गणेश घोघरा ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर स्कूल भवन जर्जर हैं और बच्चों को टेंट या मंदिरों जैसी जगहों पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियाद होती है. यदि बच्चों को सुरक्षित भवन, पर्याप्त कक्षाएं और जरूरी सुविधाएं नहीं मिलती हैं, तो इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है. घोघरा ने सरकार से सवाल किया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस विधायक के इस बयान में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया. उन्होंने संकेत दिया कि विकास के दावों का आकलन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि स्कूलों और गांवों में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर होना चाहिए. हालांकि, जिन स्कूलों की स्थिति का उल्लेख किया गया है, उनके नाम और स्थान संबंधी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है</p>
<h3 style="text-align: justify;">बैलों से खेती करने वाले किसानों की मदद को लेकर भी सरकार को घेरा</h3>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी बीजेपी सरकार की आलोचना की. उन्होंने बैलों के जरिए खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देने के वादों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर किसानों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती की लागत, संसाधनों की उपलब्धता और आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण विषय हैं. ऐसे में सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">विधायक ने आरोप लगाया कि किसानों को सहायता प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों और कैंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का समाधान करने और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई. हालांकि, आर्थिक सहायता से जुड़े वादों, उनके क्रियान्वयन और लाभार्थियों की स्थिति की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी योजना तथा विभागीय आंकड़ों की जानकारी आवश्यक होगी.</p>
<div class="story-title"><strong><a href="https://www.abplive.com/states/rajasthan/rajasthan-panchayat-election-bhairaram-siyol-challenges-maderna-family-jodhpur-ann-3202201">राजस्थान पंचायत चुनाव: भैराराम सियोल की मदेरणा परिवार को चुनौती, 'ओसियां के...'</a></strong></div>
<h3 style="text-align: justify;">&lsquo;BAP कर रही BJP की दलाली&rsquo;</h3>
<p style="text-align: justify;">गणेश घोघरा ने BAP पर बीजेपी को राजनीतिक फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि BAP की राजनीति से कांग्रेस को नुकसान पहुंच रहा है और इसका फायदा बीजेपी को मिल रहा है. इसी संदर्भ में उन्होंने BAP को बीजेपी की &lsquo;बी-टीम&rsquo; बताया. घोघरा ने नगर परिषद चुनाव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि BAP के पार्षद मतदान के लिए नहीं पहुंचे थे. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति गंभीर रवैये से जोड़ते हुए सवाल उठाए.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि BAP के राजनीतिक फैसलों का असर कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ता है. उनके मुताबिक, क्षेत्र का युवा अब राजनीतिक परिस्थितियों को समझ रहा है और कांग्रेस के साथ जुड़ रहा है. उन्होंने आगामी चुनावों में जनता की ओर से राजनीतिक दलों को जवाब दिए जाने की बात भी कही.</p>
<p style="text-align: justify;">यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि BAP के बीजेपी की &lsquo;बी-टीम&rsquo; होने और बीजेपी को फायदा पहुंचाने संबंधी बातें घोघरा के राजनीतिक आरोप हैं. इन दावों को साबित करने वाले स्वतंत्र प्रमाण या संबंधित दलों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">डूंगरपुर की राजनीति में बढ़ेगी बयानबाजी?</h3>
<p style="text-align: justify;">डूंगरपुर और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस, बीजेपी और BAP के बीच राजनीतिक मुकाबला स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ संगठनात्मक ताकत और जनसमर्थन को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में गणेश घोघरा का बयान केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामीण रोजगार, शिक्षा, किसानों की सहायता और आदिवासी क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दे भी शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने जहां BAP की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए, वहीं बीजेपी सरकार से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर जवाब मांगा. उनके बयान से आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है.</p>
<p style="text-align: justify;">अब इस पूरे मामले में BAP और बीजेपी की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी. दोनों दलों का पक्ष सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि कांग्रेस विधायक के आरोपों पर उनकी क्या दलील है और जिन मुद्दों को उठाया गया है, उन पर संबंधित दलों तथा सरकार का क्या रुख है.</p>
<p style="text-align: justify;">फिलहाल, गणेश घोघरा के बयान ने डूंगरपुर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ BAP की चुनावी रणनीति और बीजेपी से उसके कथित संबंधों पर सवाल हैं, तो दूसरी तरफ मनरेगा, शिक्षा, किसानों की सहायता और ग्रामीण विकास को लेकर सरकार की जवाबदेही का मुद्दा भी चर्चा में है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/states/rajasthan/sachin-pilot-attack-on-cec-gyanesh-kumar-also-claimed-that-narendra-modi-would-soon-become-former-prime-minister-3202117">सचिन पायलट बोले, 'अगर उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा हो सकता है तो फिर...'</a></strong></p>
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<p style="text-align: justify;">घोघरा ने BAP को बीजेपी की &lsquo;बी-टीम&rsquo; करार दिया और आरोप लगाया कि यह पार्टी कांग्रेस को नुकसान पहुंचाकर बीजेपी को राजनीतिक फायदा पहुंचाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के नाम पर राजनीति करने के बजाय क्षेत्र में विकास के ठोस काम करके दिखाने चाहिए. हालांकि, BAP और बीजेपी को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है.</p>
<div class="__hero_news_title"><strong><a href="https://www.abplive.com/states/rajasthan/madan-rathore-rajasthan-bjp-chief-says-we-will-stand-with-pakistan-if-war-between-us-and-pakistan-3202664">राजस्थान BJP चीफ बोले, 'अगर US-PAK का युद्ध होता है तो हम पाकिस्तान के साथ हैं'</a></strong></div>
<h3 style="text-align: justify;">&lsquo;मुझे ज्ञान का सर्टिफिकेट देने वाले ये कौन होते हैं?&rsquo;</h3>
<p style="text-align: justify;">विधायक गणेश घोघरा ने अपने ज्ञान और शैक्षणिक योग्यता को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के ज्ञान का प्रमाणपत्र देने वाले दूसरे लोग कौन होते हैं. घोघरा के मुताबिक, उन्होंने एमए और एम.फिल की पढ़ाई की है और उनकी डिग्रियां विश्वविद्यालय तथा संबंधित संस्थानों की ओर से दी गई हैं. उन्होंने BAP के नेताओं पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या अब वो दूसरों के ज्ञान का आकलन करने और उन्हें प्रमाणपत्र देने का काम करेंगे?</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि राजनीतिक बहस में व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय मुद्दों और कामकाज पर चर्चा होनी चाहिए. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब डूंगरपुर और आसपास के आदिवासी बहुल इलाकों में कांग्रेस, बीजेपी और BAP के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार चर्चा में बनी हुई है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">MP, MLA और अब जिला परिषद चुनावों पर सवाल</h3>
<p style="text-align: justify;">गणेश घोघरा ने BAP की चुनावी रणनीति और उसके नेताओं की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पहले एक व्यक्ति के एक ही बार चुनाव लड़ने की बात कही जाती थी, लेकिन अब सांसद और विधानसभा चुनाव के बाद जिला परिषद चुनाव लड़ने की स्थिति भी सामने आ रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने सवाल किया कि क्या पार्टी में अन्य कार्यकर्ता नहीं हैं, जिन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया जा सकता है? उन्होंने BAP की ओर से बताई जाने वाली &lsquo;जाजम व्यवस्था&rsquo; का जिक्र करते हुए पूछा कि यदि संगठन में सभी को बराबर अवसर देने की बात की जाती है, तो फिर चुनावी फैसलों में इसका पालन किस तरह हो रहा है?</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ नेताओं की मनमर्जी चल रही है और आम कार्यकर्ताओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे. उनके इन सवालों के केंद्र में BAP की संगठनात्मक कार्यप्रणाली और चुनावी फैसले रहे. हालांकि, इन आरोपों पर BAP का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">&lsquo;ऊंट पर बैठकर दिखावा करते हैं, घूमते मर्सिडीज में हैं&rsquo;</h3>
<p style="text-align: justify;">गणेश घोघरा के बयान का सबसे चर्चित हिस्सा आदिवासी संस्कृति के प्रतीकों और नेताओं की जीवनशैली को लेकर की गई उनकी टिप्पणी रही. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केवल ऊंट पर बैठने से विकास नहीं होता. अगर ऊंट की सवारी इतनी ही पसंद है, तो नेताओं को रोजमर्रा की यात्रा में भी इसका इस्तेमाल करना चाहिए, न कि मर्सिडीज जैसी गाड़ियों में घूमना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने कहा कि कबूतर के पंख लगाने या प्रतीकात्मक गतिविधियां करने से क्षेत्र का विकास नहीं होगा. उनके मुताबिक, जनता को वास्तविक विकास, रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस विधायक की इस टिप्पणी को BAP की राजनीतिक शैली पर सीधा हमला माना जा रहा है. उन्होंने अपने बयान में प्रतीकों और दिखावे के बजाय जमीनी कामकाज को प्राथमिकता देने की बात कही. इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि आदिवासी समाज की पहचान से जुड़े प्रतीकों का इस्तेमाल करने के साथ-साथ क्षेत्र की मूल समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं?</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, घोघरा की इस टिप्पणी पर BAP नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. ऐसे में इस बयान को फिलहाल कांग्रेस विधायक के राजनीतिक आरोप और उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी के रूप में देखा जाना चाहिए.</p>
<h3 style="text-align: justify;">बीजेपी सरकार पर भी बरसे घोघरा</h3>
<p style="text-align: justify;">BAP के साथ-साथ गणेश घोघरा ने राजस्थान की बीजेपी सरकार को भी निशाने पर लिया. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत कामकाज और मजदूरी भुगतान को लेकर सवाल उठाए. घोघरा ने आरोप लगाया कि कई ग्रामीण इलाकों में काम नहीं मिलने और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं के कारण मजदूरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर सीमित होने से लोगों को आजीविका की तलाश में दूसरे क्षेत्रों की ओर पलायन करना पड़ रहा है. घोघरा ने सरकार से सवाल किया कि यदि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के दावे किए जा रहे हैं, तो फिर लोगों को स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार क्यों नहीं मिल पा रहा है?</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने मनरेगा से जुड़े कामकाज और मजदूरी भुगतान की स्थिति की समीक्षा करने की जरूरत पर जोर दिया. हालांकि, मनरेगा में काम ठप होने, भुगतान में देरी और पलायन को लेकर किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है. इन मुद्दों पर आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया से स्थिति स्पष्ट हो सकती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">जर्जर स्कूल भवनों और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल</h3>
<p style="text-align: justify;">गणेश घोघरा ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर स्कूल भवन जर्जर हैं और बच्चों को टेंट या मंदिरों जैसी जगहों पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियाद होती है. यदि बच्चों को सुरक्षित भवन, पर्याप्त कक्षाएं और जरूरी सुविधाएं नहीं मिलती हैं, तो इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है. घोघरा ने सरकार से सवाल किया कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस विधायक के इस बयान में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया. उन्होंने संकेत दिया कि विकास के दावों का आकलन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि स्कूलों और गांवों में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर होना चाहिए. हालांकि, जिन स्कूलों की स्थिति का उल्लेख किया गया है, उनके नाम और स्थान संबंधी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है</p>
<h3 style="text-align: justify;">बैलों से खेती करने वाले किसानों की मदद को लेकर भी सरकार को घेरा</h3>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी बीजेपी सरकार की आलोचना की. उन्होंने बैलों के जरिए खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देने के वादों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर किसानों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती की लागत, संसाधनों की उपलब्धता और आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण विषय हैं. ऐसे में सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">विधायक ने आरोप लगाया कि किसानों को सहायता प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों और कैंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का समाधान करने और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई. हालांकि, आर्थिक सहायता से जुड़े वादों, उनके क्रियान्वयन और लाभार्थियों की स्थिति की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी योजना तथा विभागीय आंकड़ों की जानकारी आवश्यक होगी.</p>
<div class="story-title"><strong><a href="https://www.abplive.com/states/rajasthan/rajasthan-panchayat-election-bhairaram-siyol-challenges-maderna-family-jodhpur-ann-3202201">राजस्थान पंचायत चुनाव: भैराराम सियोल की मदेरणा परिवार को चुनौती, 'ओसियां के...'</a></strong></div>
<h3 style="text-align: justify;">&lsquo;BAP कर रही BJP की दलाली&rsquo;</h3>
<p style="text-align: justify;">गणेश घोघरा ने BAP पर बीजेपी को राजनीतिक फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि BAP की राजनीति से कांग्रेस को नुकसान पहुंच रहा है और इसका फायदा बीजेपी को मिल रहा है. इसी संदर्भ में उन्होंने BAP को बीजेपी की &lsquo;बी-टीम&rsquo; बताया. घोघरा ने नगर परिषद चुनाव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि BAP के पार्षद मतदान के लिए नहीं पहुंचे थे. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति गंभीर रवैये से जोड़ते हुए सवाल उठाए.</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि BAP के राजनीतिक फैसलों का असर कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ता है. उनके मुताबिक, क्षेत्र का युवा अब राजनीतिक परिस्थितियों को समझ रहा है और कांग्रेस के साथ जुड़ रहा है. उन्होंने आगामी चुनावों में जनता की ओर से राजनीतिक दलों को जवाब दिए जाने की बात भी कही.</p>
<p style="text-align: justify;">यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि BAP के बीजेपी की &lsquo;बी-टीम&rsquo; होने और बीजेपी को फायदा पहुंचाने संबंधी बातें घोघरा के राजनीतिक आरोप हैं. इन दावों को साबित करने वाले स्वतंत्र प्रमाण या संबंधित दलों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">डूंगरपुर की राजनीति में बढ़ेगी बयानबाजी?</h3>
<p style="text-align: justify;">डूंगरपुर और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस, बीजेपी और BAP के बीच राजनीतिक मुकाबला स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ संगठनात्मक ताकत और जनसमर्थन को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में गणेश घोघरा का बयान केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामीण रोजगार, शिक्षा, किसानों की सहायता और आदिवासी क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दे भी शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">घोघरा ने जहां BAP की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए, वहीं बीजेपी सरकार से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर जवाब मांगा. उनके बयान से आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है.</p>
<p style="text-align: justify;">अब इस पूरे मामले में BAP और बीजेपी की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी. दोनों दलों का पक्ष सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि कांग्रेस विधायक के आरोपों पर उनकी क्या दलील है और जिन मुद्दों को उठाया गया है, उन पर संबंधित दलों तथा सरकार का क्या रुख है.</p>
<p style="text-align: justify;">फिलहाल, गणेश घोघरा के बयान ने डूंगरपुर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ BAP की चुनावी रणनीति और बीजेपी से उसके कथित संबंधों पर सवाल हैं, तो दूसरी तरफ मनरेगा, शिक्षा, किसानों की सहायता और ग्रामीण विकास को लेकर सरकार की जवाबदेही का मुद्दा भी चर्चा में है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/states/rajasthan/sachin-pilot-attack-on-cec-gyanesh-kumar-also-claimed-that-narendra-modi-would-soon-become-former-prime-minister-3202117">सचिन पायलट बोले, 'अगर उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा हो सकता है तो फिर...'</a></strong></p>
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Source Credit: abplive.com
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