16 Oct 2026, 07:48 PM
सेंट्रल पार्क बंद, हाथ में तिरंगा, क्या दिल्ली में CJP दिखा पाएगी ताकत या उलटेगी बाजी? जानिए ग्रहों की चाल
ABP News
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<p style="text-align: justify;">CJP ने समर्थकों से तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की है, लेकिन प्रशासन ने ऐन वक्त पर कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के दरवाजे बंद कर दिए हैं. ऐसे में शाम 5 बजे प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले यह सवाल अहम हो गया है कि क्या CJP कड़ी पाबंदियों के बीच भीड़ जुटाकर अपनी ताकत दिखाएगी या यह प्रशासनिक रोक ही उसके आंदोलन को नया सियासी मोड़ दे देगी? 16 अक्टूबर को ग्रहों की चाल जनता का ध्यान खींचने के संकेत तो दे रही है, मगर आगे की राह बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आती है.</p>
<p style="text-align: justify;">अभिजीत दीपके ने कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम का आह्वान किया है. वहीं NDMC ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क आम जनता के लिए बंद कर दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह विरोध-प्रदर्शन CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के खिलाफ आयोजित है, जिन पर बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और <a title="जंतर-मंतर" href="https://www.abplive.com/topic/jantar-mantar" data-type="interlinkingkeywords">जंतर-मंतर</a> पर बिना अनुमति प्रवेश का आरोप है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">कम भीड़ के बावजूद क्या असर छोड़ेगा आंदोलन?</h3>
<p style="text-align: justify;">मौजूदा हालात में CJP की सफलता को सिर्फ जुटी भीड़ के सिर गिनकर नहीं आंका जा सकता. पाबंदियों और सुरक्षा घेरे के बीच संगठन अपनी आवाज को कितनी दूर तक पहुंचा पाता है, प्रभाव का असली पैमाना यही होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली में घोषित समय (शाम 5 बजे) की आयोजन कुंडली का विश्लेषण करें, तो चंद्रमा दसवें भाव में स्थित दिखता है. ज्योतिष शास्त्र में दशम भाव सार्वजनिक प्रतिष्ठा, दृष्टिगोचरता और सत्ता से संबंधित माना जाता है. लग्न का स्वामी गुरु भी कर्क राशि में मजबूत स्थिति में है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसका सीधा संकेत है कि इस आयोजन को मीडिया और जनता का ध्यान जरूर मिलेगा. हालांकि इसका यह कतई अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि विशाल जनसमूह उमड़ेगा, राष्ट्रव्यापी जनसमर्थन मिल जाएगा या सरकार मांगें तुरंत मान लेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">CJP की असली परीक्षा यही है कि क्या वह बटोरी गई सुर्खियों को स्थायी जनसमर्थन में तब्दील कर पाएगी?</p>
<h3 style="text-align: justify;">सहयोग के साथ रणनीति बदलने की विवशता</h3>
<p style="text-align: justify;">CJP की उपलब्ध कुंडली के कृत्तिका नक्षत्र से आज का मूल नक्षत्र 'मित्र तारा' में आता है. पारंपरिक ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह अन्य वर्गों से सहयोग मिलने का संकेत है. इसके विपरीत, जन्मकालीन चंद्रमा से आज का गोचरीय चंद्रमा आठवें भाव में भ्रमण कर रहा है, जो अचानक उत्पन्न होने वाली बाधाओं और रणनीति में बदलाव की ओर इशारा करता है.</p>
<p style="text-align: justify;">यानी आज का जिन CJP और उनके समर्थक पुलिस को बार बार चकमा देने की कोशिश करेंगे. यहां पर पुलिस की चुनौतियां बढ़ सकती है. मेदिनी ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक है, जबकि आठवां भाव संकट, मानसिक तनाव, गुप्त रहस्य और अचानक होने वाली घटनाओं का है, इसलिए आज कुछ ऐसा भी हो सकता है जिसका अंदाजा किसी को न हो.</p>
<p style="text-align: justify;">इन दोनों गणनाओं का संयुक्त विश्लेषण स्पष्ट करता है कि समर्थन तो मिल सकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर तय योजना के अनुसार कार्यक्रम संचालित करना आसान नहीं होगा. इसलिए इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए नेताओं पर प्रेशर बन सकता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">17-18 अक्टूबर: किन घटनाक्रमों पर रहेगी नजर?</h3>
<p style="text-align: justify;">17 अक्टूबर को सूर्य <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> राशि में प्रवेश करेगा, जहां पारंपरिक ज्योतिष में इसे 'नीच' यानी कमजोर स्थिति में माना जाता है. मेदिनी ज्योतिष के संदर्भ में सूर्य सत्ता, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करता है. इसका तात्पर्य यह हो सकता है कि आगामी दिनों में शासन के निर्णयों पर सार्वजनिक सवाल उठेंगे और प्रशासन को जवाबदेही और सफाई देने की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि इसे किसी सरकार के अस्थिर होने या अधिकारियों के पद से हटने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">अगले दो दिनों में प्रमुख बहस इस बात पर टिकेगी कि मामला केवल SIR तक सीमित रहता है या फिर गिरफ्तारी और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर व्यापक विमर्श छिड़ता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">प्रशासनिक रुख और विपक्ष की भूमिका</h3>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रदर्शन पर अलग से कोई स्पष्ट रोक नहीं लगाई है. अदालत ने केवल कानून के दायरे में व्यवस्था बनाए रखने के पुलिस के आश्वासन को दर्ज किया है. इसे पूरी तरह खुली छूट या स्पष्ट अनुमति भी नहीं माना जा सकता.</p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे संवेदनशील माहौल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तस्वीरें और प्रशासनिक प्रतिक्रिया का तौर-तरीका ही आगे की राजनीतिक दिशा तय करेंगे. राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल इस मामले को तभी एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना पाएंगे, जब वे इसे आम जनता के बुनियादी सरोकारों से जोड़ सकें.</p>
<p style="text-align: justify;">फिलहाल CJP के लिए अपनी प्रमुख मांगें मनवाने से पहले अपनी विश्वसनीयता और सांगठनिक क्षमता को साबित करने की चुनौती है. देखना यह होगा कि शाम ढलने के बाद चर्चा आंदोलन के मूल मुद्दों पर होती है या फिर प्रदर्शन के दौरान पैदा हुई अव्यवस्था पर.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अभिजीत दीपके ने कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम का आह्वान किया है. वहीं NDMC ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क आम जनता के लिए बंद कर दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह विरोध-प्रदर्शन CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के खिलाफ आयोजित है, जिन पर बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और <a title="जंतर-मंतर" href="https://www.abplive.com/topic/jantar-mantar" data-type="interlinkingkeywords">जंतर-मंतर</a> पर बिना अनुमति प्रवेश का आरोप है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">कम भीड़ के बावजूद क्या असर छोड़ेगा आंदोलन?</h3>
<p style="text-align: justify;">मौजूदा हालात में CJP की सफलता को सिर्फ जुटी भीड़ के सिर गिनकर नहीं आंका जा सकता. पाबंदियों और सुरक्षा घेरे के बीच संगठन अपनी आवाज को कितनी दूर तक पहुंचा पाता है, प्रभाव का असली पैमाना यही होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली में घोषित समय (शाम 5 बजे) की आयोजन कुंडली का विश्लेषण करें, तो चंद्रमा दसवें भाव में स्थित दिखता है. ज्योतिष शास्त्र में दशम भाव सार्वजनिक प्रतिष्ठा, दृष्टिगोचरता और सत्ता से संबंधित माना जाता है. लग्न का स्वामी गुरु भी कर्क राशि में मजबूत स्थिति में है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसका सीधा संकेत है कि इस आयोजन को मीडिया और जनता का ध्यान जरूर मिलेगा. हालांकि इसका यह कतई अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि विशाल जनसमूह उमड़ेगा, राष्ट्रव्यापी जनसमर्थन मिल जाएगा या सरकार मांगें तुरंत मान लेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">CJP की असली परीक्षा यही है कि क्या वह बटोरी गई सुर्खियों को स्थायी जनसमर्थन में तब्दील कर पाएगी?</p>
<h3 style="text-align: justify;">सहयोग के साथ रणनीति बदलने की विवशता</h3>
<p style="text-align: justify;">CJP की उपलब्ध कुंडली के कृत्तिका नक्षत्र से आज का मूल नक्षत्र 'मित्र तारा' में आता है. पारंपरिक ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह अन्य वर्गों से सहयोग मिलने का संकेत है. इसके विपरीत, जन्मकालीन चंद्रमा से आज का गोचरीय चंद्रमा आठवें भाव में भ्रमण कर रहा है, जो अचानक उत्पन्न होने वाली बाधाओं और रणनीति में बदलाव की ओर इशारा करता है.</p>
<p style="text-align: justify;">यानी आज का जिन CJP और उनके समर्थक पुलिस को बार बार चकमा देने की कोशिश करेंगे. यहां पर पुलिस की चुनौतियां बढ़ सकती है. मेदिनी ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक है, जबकि आठवां भाव संकट, मानसिक तनाव, गुप्त रहस्य और अचानक होने वाली घटनाओं का है, इसलिए आज कुछ ऐसा भी हो सकता है जिसका अंदाजा किसी को न हो.</p>
<p style="text-align: justify;">इन दोनों गणनाओं का संयुक्त विश्लेषण स्पष्ट करता है कि समर्थन तो मिल सकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर तय योजना के अनुसार कार्यक्रम संचालित करना आसान नहीं होगा. इसलिए इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए नेताओं पर प्रेशर बन सकता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">17-18 अक्टूबर: किन घटनाक्रमों पर रहेगी नजर?</h3>
<p style="text-align: justify;">17 अक्टूबर को सूर्य <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> राशि में प्रवेश करेगा, जहां पारंपरिक ज्योतिष में इसे 'नीच' यानी कमजोर स्थिति में माना जाता है. मेदिनी ज्योतिष के संदर्भ में सूर्य सत्ता, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करता है. इसका तात्पर्य यह हो सकता है कि आगामी दिनों में शासन के निर्णयों पर सार्वजनिक सवाल उठेंगे और प्रशासन को जवाबदेही और सफाई देने की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि इसे किसी सरकार के अस्थिर होने या अधिकारियों के पद से हटने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.</p>
<p style="text-align: justify;">अगले दो दिनों में प्रमुख बहस इस बात पर टिकेगी कि मामला केवल SIR तक सीमित रहता है या फिर गिरफ्तारी और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर व्यापक विमर्श छिड़ता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">प्रशासनिक रुख और विपक्ष की भूमिका</h3>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रदर्शन पर अलग से कोई स्पष्ट रोक नहीं लगाई है. अदालत ने केवल कानून के दायरे में व्यवस्था बनाए रखने के पुलिस के आश्वासन को दर्ज किया है. इसे पूरी तरह खुली छूट या स्पष्ट अनुमति भी नहीं माना जा सकता.</p>
<p style="text-align: justify;">ऐसे संवेदनशील माहौल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तस्वीरें और प्रशासनिक प्रतिक्रिया का तौर-तरीका ही आगे की राजनीतिक दिशा तय करेंगे. राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल इस मामले को तभी एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना पाएंगे, जब वे इसे आम जनता के बुनियादी सरोकारों से जोड़ सकें.</p>
<p style="text-align: justify;">फिलहाल CJP के लिए अपनी प्रमुख मांगें मनवाने से पहले अपनी विश्वसनीयता और सांगठनिक क्षमता को साबित करने की चुनौती है. देखना यह होगा कि शाम ढलने के बाद चर्चा आंदोलन के मूल मुद्दों पर होती है या फिर प्रदर्शन के दौरान पैदा हुई अव्यवस्था पर.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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