06 Nov 2026, 08:53 PM
'ये राष्ट्र विरोधी बयान है', इरफान अंसारी पर अठावले की कड़ी प्रतिक्रिया; BJP ने राहुल को घेरा
ABP News
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<p style="text-align: justify;">झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री- कांग्रेस के सीनियर नेता डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार पर विवादित बयान दिया है. उनके इस बयान पर सियासी पारा गरमा गया है. अब इस पर केंद्रीय मंत्री समेत बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस पूरी बयानबाजी पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राष्ट्रविरोधी बयान बताते हुए कहा है कि मुझे नहीं लगता कि यह लोगों के अधिकार छीने जाने का मामला है. हालांकि, संविधान और उससे मिलने वाले अधिकार महत्वपूर्ण है. इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से संविधान के मूल उद्देश्य को कमजोर किया जा रहा है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, 'हमारे देश में कई आंदोलन हुए हैं. इनमें खालिस्तान आंदोलन, किसान आंदोलन या महाराष्ट्र में मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी का नाम बाबा साहेब अंबेडकर के नाम पर रखने के लिए 17 साल तक चला आंदोलन, लेकिन भारत कभी बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसा नहीं बना.'</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा कि यह एक राष्ट्र-विरोधी बयान है. भारत के संविधान के खिलाफ है. यह संविधान को चुनौती देने की कोशिश है. इसे बनाने के लिए बाबासाहेब अंबेडकर ने इतनी कड़ी मेहनत की थी. हम ऐसे बयानों का विरोध करते हैं. इनकी निंदा करते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इरफान अंसारी पर क्या बोले बीजेपी नेता?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा है कि झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी का बयान, अराजकतावादी राहुल गांधी की सोच को ही दर्शाता है. राहुल गांधी एक गैर जिम्मेदार, पार्ट टाइम और अराजकतावादी सोच वाले नेता हैं. यह भारत में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. वे चुनाव हार गए हैं. उनकी विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है. अशांति फैलाने में उनके मुकाबले कोई नहीं है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा उन्होंने कहा कि वे भारत में भी वही कर रहे हैं. बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के मॉडल को यहां लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. मैं पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ कह सकता हूं कि भारत की जनता कानून के शासन में विश्वास रखती है. वे शांतिपूर्ण तरीकों में यकीन करती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों के लिए अराजकता कोई विकल्प नहीं है. &nbsp;वे राहुल गांधी को करारा जवाब देंगे. राहुल गांधी, नेहा बोरा (जो बांग्लादेश से प्रेरणा लेती हैं), या संजय राउत (जो भारत को अल्बानिया बनाना चाहते हैं और सुप्रीम कोर्ट में तोड़फोड़ करना चाहते हैं) जैसे लोग देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मैं यही कहूंगा कि अगर आपमें थोड़ी भी शर्म बची है, तो तुरंत इरफान अंसारी को बर्खास्त करें. चूंकि आप SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जो कि एक संवैधानिक प्रक्रिया है, तो कृपया केरल के मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहें, हम आपसे बस यही दो चीजें चाहते हैं. लेकिन आपसे कोई उम्मीद रखना ही बेकार है. आज भारत में सबसे बड़ा अराजकतावादी और यह हमारे देश का दुर्भाग्य है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी खुद हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इरफान अंसारी के बयान पर क्यों छिड़ा विवाद?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि नेपाल और बांग्लादेश की सरकारें इसलिए गिर गई, क्योंकि उन्होंने अपनी जनता की आवाज को अनसुना कर दिया था. जनता के बीच बढ़ते असंतोष की ओर इशारा करते हुए, अंसारी ने दावा किया है कि पूरे भारत में 40 लाख छात्र सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं. अबतक कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ही उन्हें रोक रखा है. तनाव और बढ़ने से पहले प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इस पूरी बयानबाजी पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राष्ट्रविरोधी बयान बताते हुए कहा है कि मुझे नहीं लगता कि यह लोगों के अधिकार छीने जाने का मामला है. हालांकि, संविधान और उससे मिलने वाले अधिकार महत्वपूर्ण है. इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से संविधान के मूल उद्देश्य को कमजोर किया जा रहा है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, 'हमारे देश में कई आंदोलन हुए हैं. इनमें खालिस्तान आंदोलन, किसान आंदोलन या महाराष्ट्र में मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी का नाम बाबा साहेब अंबेडकर के नाम पर रखने के लिए 17 साल तक चला आंदोलन, लेकिन भारत कभी बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसा नहीं बना.'</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा कि यह एक राष्ट्र-विरोधी बयान है. भारत के संविधान के खिलाफ है. यह संविधान को चुनौती देने की कोशिश है. इसे बनाने के लिए बाबासाहेब अंबेडकर ने इतनी कड़ी मेहनत की थी. हम ऐसे बयानों का विरोध करते हैं. इनकी निंदा करते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इरफान अंसारी पर क्या बोले बीजेपी नेता?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा है कि झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी का बयान, अराजकतावादी राहुल गांधी की सोच को ही दर्शाता है. राहुल गांधी एक गैर जिम्मेदार, पार्ट टाइम और अराजकतावादी सोच वाले नेता हैं. यह भारत में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. वे चुनाव हार गए हैं. उनकी विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है. अशांति फैलाने में उनके मुकाबले कोई नहीं है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इसके अलावा उन्होंने कहा कि वे भारत में भी वही कर रहे हैं. बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के मॉडल को यहां लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. मैं पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ कह सकता हूं कि भारत की जनता कानून के शासन में विश्वास रखती है. वे शांतिपूर्ण तरीकों में यकीन करती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों के लिए अराजकता कोई विकल्प नहीं है. &nbsp;वे राहुल गांधी को करारा जवाब देंगे. राहुल गांधी, नेहा बोरा (जो बांग्लादेश से प्रेरणा लेती हैं), या संजय राउत (जो भारत को अल्बानिया बनाना चाहते हैं और सुप्रीम कोर्ट में तोड़फोड़ करना चाहते हैं) जैसे लोग देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मैं यही कहूंगा कि अगर आपमें थोड़ी भी शर्म बची है, तो तुरंत इरफान अंसारी को बर्खास्त करें. चूंकि आप SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जो कि एक संवैधानिक प्रक्रिया है, तो कृपया केरल के मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहें, हम आपसे बस यही दो चीजें चाहते हैं. लेकिन आपसे कोई उम्मीद रखना ही बेकार है. आज भारत में सबसे बड़ा अराजकतावादी और यह हमारे देश का दुर्भाग्य है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी खुद हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इरफान अंसारी के बयान पर क्यों छिड़ा विवाद?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि नेपाल और बांग्लादेश की सरकारें इसलिए गिर गई, क्योंकि उन्होंने अपनी जनता की आवाज को अनसुना कर दिया था. जनता के बीच बढ़ते असंतोष की ओर इशारा करते हुए, अंसारी ने दावा किया है कि पूरे भारत में 40 लाख छात्र सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं. अबतक कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ही उन्हें रोक रखा है. तनाव और बढ़ने से पहले प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए.&nbsp;</p>
Source Credit: abplive.com
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