Gwalior, Madhya Pradesh
06 Oct 2026, 07:50 PM
समग्र आइडी का फर्जीवाड़ा: आबादी 17 लाख और आइडी 29 लाख, 17.63 लाख अब तक डिलीट
Patrika
@patrika
ग्वालियर. सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए तैयार की गई समग्र आइडी भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई। शहर की कुल 17.50 लाख की आबादी के मुकाबले सिस्टम में 29.58 लाख आइडी दर्ज थीं। यानी शहर की जनसंख्या से करीब 12 लाख ज्यादा आईडी ! ई-केवाईसी के अभियान ने इस फर्जीवाड़े की परतों को उधेड़ना शुरू किया, तो नगर निगम के पैरों तले जमीन खिसक गई। अब तक की जांच के बाद प्रशासन 17,63,124 फर्जी और डुप्लीकेट आइडी डिलीट कर चुका है, जबकि 1.47 लाख से ज्यादा संदिग्ध आइडी अब भी जांच के दायरे में हैं। जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि हजारों ऐसी आइडी मिली हैं, जिनमें न तो हितग्राही का पता दर्ज है और न ही मोबाइल नंबर। कई आइडी तो ऐसी हैं जिनमें केवल नाम लिखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फर्जी और डुप्लीकेट आइडी के जरिए पिछले कई वर्षों से राशन, पेंशन और लाड़ली बहना जैसी करीब 20 सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से लाभ उठाया जा रहा था। अब सवाल यह है कि बिना किसी भौतिक सत्यापन के यह आइडी सिस्टम में स्वीकार कैसे होती रहीं?
Source Credit: patrika.com
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