आधा सत्र बीता, 91 हजार नौनिहालों को न पूरी किताबें मिलीं, न ड्रेस के 600 रुपए, कई स्कूलों में बच्चों को दो तीन किताबें देकर पल्ला झाड़ा
Madhya Pradesh 27 Sep 2026, 07:30 PM

आधा सत्र बीता, 91 हजार नौनिहालों को न पूरी किताबें मिलीं, न ड्रेस के 600 रुपए, कई स्कूलों में बच्चों को दो तीन किताबें देकर पल्ला झाड़ा

Patrika
@patrika
ग्वालियर. सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं देने के दावों की जमीनी हकीकत बेहद ङ्क्षचताजनक है। शैक्षणिक सत्र शुरू हुए तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है और छमाही परीक्षाएं सिर पर हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही के चलते जिले के 91 हजार से ज्यादा स्कूली बच्चों के हाथ अब भी खाली हैं। पहली से आठवीं कक्षा तक के इन मासूमों को न तो पढ़ने के लिए पूरा किताबों का सेट मिला है और न ही स्कूल ड्रेस (गणवेश) के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता। जिले के शासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक कुल 91,160 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विडंबना यह है कि कई स्कूलों में अब तक किताबों की पहली खेप भी नहीं पहुंची है। जहां वितरण हुआ भी है, वहां बच्चों को 2 या 3 किताबें देकर पल्ला झाड़ लिया गया। सबसे बदतर स्थिति सरकारी अंग्रेजी माध्यम (सीएम राइज व अन्य) स्कूलों की है, जहां सत्र शुरू होने के बाद से अब तक एक भी विषय की किताब सप्लाई नहीं हो सकी है। बच्चे रोज खाली बस्ता टांगकर स्कूल आते हैं और बैरंग लौट जाते हैं।
Source Credit: patrika.com
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