08 Nov 2026, 09:16 AM
Aaj Ka Panchang 8 November 2026: दिवाली पर राहुकाल 5:31 बजे तक, लक्ष्मी पूजा 5:54 से; समझें 23 मिनट का फर्क
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Panchang 8 November 2026:&nbsp;</strong>दिवाली पर नई दिल्ली में लक्ष्मी-गणेश पूजा का मुहूर्त शाम 5:54 से रात 7:50 बजे तक है. राहुकाल शाम 5:31 बजे खत्म होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">उसी वक्त सूर्यास्त के साथ प्रदोष काल शुरू होगा, लेकिन पूजा के लिए देखा जाने वाला वृषभ लग्न 23 मिनट बाद लगेगा. सुबह नरक चतुर्दशी के अभ्यंग स्नान का समय 5:41 से 6:38 बजे तक है. जानें आज का पंचांग-</p>
<h3 style="text-align: justify;">दिवाली की शाम के तीन समय नोट कर लें</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/B1-FcjjDGrs?si=BAlG6Fkh5KEIAxI7" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शाम 5:31 बजे:</strong> सूर्यास्त होगा. राहुकाल खत्म होगा और प्रदोष काल शुरू होगा.<br /><strong>शाम 5:54 बजे:</strong> वृषभ लग्न के साथ लक्ष्मी-गणेश पूजा का मुहूर्त शुरू होगा.<br /><strong>रात 7:50 बजे:</strong> वृषभ लग्न वाला पूजा मुहूर्त समाप्त होगा. प्रदोष काल रात 8:09 बजे तक रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप घर की पूजा शाम को कर रहे हैं, तो 5:54 से 7:50 बजे का मुहूर्त मान्य है. सूर्यास्त के बाद पूजा की चौकी, भोग और आरती की तैयारी के लिए 23 मिनट मिलेंगे. प्रदोष काल का पूरा समय और उसके भीतर आने वाला वृषभ लग्न अलग हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इसी वजह से पंचांग में प्रदोष रात 8:09 बजे तक है, जबकि पूजा के लिए दी गई अवधि रात 7:50 बजे खत्म हो जाती है.</p>
<p style="text-align: justify;">देर रात लक्ष्मी पूजा की परंपरा मानने वालों के लिए महानिशिता का समय 8 नवंबर रात 11:39 से 9 नवंबर तड़के 12:31 बजे तक है. यह अलग पूजा मुहूर्त है. शाम का मुहूर्त चुनने वाले परिवारों को इसके लिए आधी रात तक रुकने की जरूरत नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">सुबह नरक चतुर्दशी और शाम को दिवाली कैसे?</h3>
<p style="text-align: justify;">रविवार का सूर्योदय चतुर्दशी में होगा. सुबह 11:27 बजे चतुर्दशी समाप्त होगी और अमावस्या लगेगी. अभ्यंग स्नान की परंपरा में चंद्रोदय के बाद और सूर्योदय से पहले चतुर्दशी देखी जाती है. लक्ष्मी पूजा के लिए शाम के प्रदोष काल में अमावस्या देखी जाती है. इस बार नई दिल्ली में दोनों स्थितियां 8 नवंबर को बन रही हैं. अमावस्या अगले दिन 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">एक बात चंद्रोदय को लेकर भी ध्यान रखें. 8 नवंबर का चंद्रोदय सुबह 5:41 बजे है, लेकिन यह सूर्योदय से पहले है. इसलिए यह समय कैलेंडर में रविवार का है और सूर्योदय से शुरू होने वाली पंचांग गणना में शनिवार के पन्ने पर दर्ज है. इसी तरह 8 नवंबर सुबह 5:52 से 6:38 बजे तक का सर्वार्थ सिद्धि योग भी पिछले पंचांग दिवस में आता है. उसे रविवार की शाम की पूजा से न जोड़ें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">8 नवंबर का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और चंद्र राशि</h3>
<p style="text-align: justify;"><strong>वार, पक्ष और मास:</strong> रविवार, कृष्ण पक्ष. पूर्णिमांत कार्तिक, अमांत आश्विन<br /><strong>तिथि:</strong> चतुर्दशी सुबह 11:27 बजे तक, फिर अमावस्या<br /><strong>नक्षत्र:</strong> स्वाति, अगले सूर्योदय तक<br /><strong>योग:</strong> आयुष्मान 9 नवंबर तड़के 3:03 बजे तक, फिर सौभाग्य<br /><strong>करण:</strong> शकुनि सुबह 11:27 बजे तक, चतुष्पद रात 11:56 बजे तक, फिर नाग<br /><strong>सूर्य और चंद्र राशि:</strong> दोनों <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> में.<br /><strong>सूर्योदय और सूर्यास्त:</strong> सुबह 6:38 और शाम 5:31 बजे<br /><strong>चंद्रास्त:</strong> शाम 4:35 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">दिवाली और नरक चतुर्दशी के साथ पंचांग में काली पूजा, केदार गौरी व्रत और चोपड़ा पूजा भी दर्ज हैं. आडल योग पूरे पंचांग दिवस में है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और बाकी मुहूर्त</h3>
<p style="text-align: justify;"><strong>राहुकाल:</strong> शाम 4:10-5:31<br /><strong>यमगण्ड:</strong> दोपहर 12:05-1:26<br /><strong>गुलिक काल:</strong> दोपहर 2:48-शाम 4:10<br /><strong>दुष्टमुहूर्त:</strong> शाम 4:04-4:48<br /><strong>वर्ज्य:</strong> सुबह 11:49-दोपहर 1:32<br /><strong>ब्रह्म मुहूर्त:</strong> सुबह 4:53-5:46<br /><strong>अभिजीत मुहूर्त:</strong> सुबह 11:43-दोपहर 12:26<br /><strong>विजय मुहूर्त:</strong> दोपहर 1:54-2:37<br /><strong>गोधूलि मुहूर्त:</strong> शाम 5:31-5:57<br /><strong>अमृत काल:</strong> रात 10:02-11:44</p>
<p style="text-align: justify;">अमावस्या सुबह लग जाएगी और गोधूलि शाम 5:31 बजे शुरू होगी. ये दोनों समय पंचांग में अलग काम के लिए दिए गए हैं. घर की दिवाली पूजा का समय तय करते वक्त शाम 5:54 से रात 7:50 बजे वाला मुहूर्त देखें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुबह:</strong> नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान 5:41 से 6:38 बजे तक. &nbsp;<br /><strong>दिन में:</strong> सुबह 11:27 बजे चतुर्दशी से अमावस्या लगेगी. &nbsp;<br /><strong>शाम:</strong> राहुकाल 5:31 बजे खत्म होगा. लक्ष्मी-गणेश पूजा का मुहूर्त 5:54 बजे शुरू होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">समय नई दिल्ली के दैनिक पंचांग और दिवाली लक्ष्मी पूजा की गणना पर बताए गए हैं. दूसरे शहरों में सूर्योदय, चंद्रोदय, राहुकाल और पूजा मुहूर्त बदल सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;">उसी वक्त सूर्यास्त के साथ प्रदोष काल शुरू होगा, लेकिन पूजा के लिए देखा जाने वाला वृषभ लग्न 23 मिनट बाद लगेगा. सुबह नरक चतुर्दशी के अभ्यंग स्नान का समय 5:41 से 6:38 बजे तक है. जानें आज का पंचांग-</p>
<h3 style="text-align: justify;">दिवाली की शाम के तीन समय नोट कर लें</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/B1-FcjjDGrs?si=BAlG6Fkh5KEIAxI7" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शाम 5:31 बजे:</strong> सूर्यास्त होगा. राहुकाल खत्म होगा और प्रदोष काल शुरू होगा.<br /><strong>शाम 5:54 बजे:</strong> वृषभ लग्न के साथ लक्ष्मी-गणेश पूजा का मुहूर्त शुरू होगा.<br /><strong>रात 7:50 बजे:</strong> वृषभ लग्न वाला पूजा मुहूर्त समाप्त होगा. प्रदोष काल रात 8:09 बजे तक रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप घर की पूजा शाम को कर रहे हैं, तो 5:54 से 7:50 बजे का मुहूर्त मान्य है. सूर्यास्त के बाद पूजा की चौकी, भोग और आरती की तैयारी के लिए 23 मिनट मिलेंगे. प्रदोष काल का पूरा समय और उसके भीतर आने वाला वृषभ लग्न अलग हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इसी वजह से पंचांग में प्रदोष रात 8:09 बजे तक है, जबकि पूजा के लिए दी गई अवधि रात 7:50 बजे खत्म हो जाती है.</p>
<p style="text-align: justify;">देर रात लक्ष्मी पूजा की परंपरा मानने वालों के लिए महानिशिता का समय 8 नवंबर रात 11:39 से 9 नवंबर तड़के 12:31 बजे तक है. यह अलग पूजा मुहूर्त है. शाम का मुहूर्त चुनने वाले परिवारों को इसके लिए आधी रात तक रुकने की जरूरत नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">सुबह नरक चतुर्दशी और शाम को दिवाली कैसे?</h3>
<p style="text-align: justify;">रविवार का सूर्योदय चतुर्दशी में होगा. सुबह 11:27 बजे चतुर्दशी समाप्त होगी और अमावस्या लगेगी. अभ्यंग स्नान की परंपरा में चंद्रोदय के बाद और सूर्योदय से पहले चतुर्दशी देखी जाती है. लक्ष्मी पूजा के लिए शाम के प्रदोष काल में अमावस्या देखी जाती है. इस बार नई दिल्ली में दोनों स्थितियां 8 नवंबर को बन रही हैं. अमावस्या अगले दिन 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">एक बात चंद्रोदय को लेकर भी ध्यान रखें. 8 नवंबर का चंद्रोदय सुबह 5:41 बजे है, लेकिन यह सूर्योदय से पहले है. इसलिए यह समय कैलेंडर में रविवार का है और सूर्योदय से शुरू होने वाली पंचांग गणना में शनिवार के पन्ने पर दर्ज है. इसी तरह 8 नवंबर सुबह 5:52 से 6:38 बजे तक का सर्वार्थ सिद्धि योग भी पिछले पंचांग दिवस में आता है. उसे रविवार की शाम की पूजा से न जोड़ें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">8 नवंबर का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और चंद्र राशि</h3>
<p style="text-align: justify;"><strong>वार, पक्ष और मास:</strong> रविवार, कृष्ण पक्ष. पूर्णिमांत कार्तिक, अमांत आश्विन<br /><strong>तिथि:</strong> चतुर्दशी सुबह 11:27 बजे तक, फिर अमावस्या<br /><strong>नक्षत्र:</strong> स्वाति, अगले सूर्योदय तक<br /><strong>योग:</strong> आयुष्मान 9 नवंबर तड़के 3:03 बजे तक, फिर सौभाग्य<br /><strong>करण:</strong> शकुनि सुबह 11:27 बजे तक, चतुष्पद रात 11:56 बजे तक, फिर नाग<br /><strong>सूर्य और चंद्र राशि:</strong> दोनों <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> में.<br /><strong>सूर्योदय और सूर्यास्त:</strong> सुबह 6:38 और शाम 5:31 बजे<br /><strong>चंद्रास्त:</strong> शाम 4:35 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">दिवाली और नरक चतुर्दशी के साथ पंचांग में काली पूजा, केदार गौरी व्रत और चोपड़ा पूजा भी दर्ज हैं. आडल योग पूरे पंचांग दिवस में है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और बाकी मुहूर्त</h3>
<p style="text-align: justify;"><strong>राहुकाल:</strong> शाम 4:10-5:31<br /><strong>यमगण्ड:</strong> दोपहर 12:05-1:26<br /><strong>गुलिक काल:</strong> दोपहर 2:48-शाम 4:10<br /><strong>दुष्टमुहूर्त:</strong> शाम 4:04-4:48<br /><strong>वर्ज्य:</strong> सुबह 11:49-दोपहर 1:32<br /><strong>ब्रह्म मुहूर्त:</strong> सुबह 4:53-5:46<br /><strong>अभिजीत मुहूर्त:</strong> सुबह 11:43-दोपहर 12:26<br /><strong>विजय मुहूर्त:</strong> दोपहर 1:54-2:37<br /><strong>गोधूलि मुहूर्त:</strong> शाम 5:31-5:57<br /><strong>अमृत काल:</strong> रात 10:02-11:44</p>
<p style="text-align: justify;">अमावस्या सुबह लग जाएगी और गोधूलि शाम 5:31 बजे शुरू होगी. ये दोनों समय पंचांग में अलग काम के लिए दिए गए हैं. घर की दिवाली पूजा का समय तय करते वक्त शाम 5:54 से रात 7:50 बजे वाला मुहूर्त देखें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;"><strong>सुबह:</strong> नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान 5:41 से 6:38 बजे तक. &nbsp;<br /><strong>दिन में:</strong> सुबह 11:27 बजे चतुर्दशी से अमावस्या लगेगी. &nbsp;<br /><strong>शाम:</strong> राहुकाल 5:31 बजे खत्म होगा. लक्ष्मी-गणेश पूजा का मुहूर्त 5:54 बजे शुरू होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">समय नई दिल्ली के दैनिक पंचांग और दिवाली लक्ष्मी पूजा की गणना पर बताए गए हैं. दूसरे शहरों में सूर्योदय, चंद्रोदय, राहुकाल और पूजा मुहूर्त बदल सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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