13 Oct 2026, 03:53 PM
Aaj Ka Panchang 13 October 2026: मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Panchang:</strong> 13 अक्टूबर 2026, मंगलवार को नवरात्रि का तीसरा दिन है. आज मां चंद्रघंटा की पूजा होगी. आश्विन शुक्ल तृतीया रात 11:27 बजे तक रहेगी. चंद्रमा शाम 7:12 बजे तुला से वृश्चिक राशि में जाएंगे. दिल्ली-NCR में राहुकाल दोपहर 3:01 से शाम 4:27 बजे तक रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">आज चंद्र राशि और नक्षत्र अलग-अलग समय पर बदलेंगे. शाम को चंद्रमा वृश्चिक में पहुंच जाएंगे, लेकिन विशाखा नक्षत्र आधी रात के बाद तक रहेगा. सुबह पूजा करने वाले और शाम को आरती की तैयारी कर रहे लोग आज के समय यहां देख सकते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का पंचांग एक नजर में</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/ggOU5jjwdJQ?si=6quX7Kqf6xy4Kj0O" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">मास और पक्ष- आश्विन, शुक्ल पक्ष <br />तिथि- तृतीया, रात 11:27 बजे तक <br />नक्षत्र- विशाखा, 14 अक्टूबर की रात 1:43 बजे तक <br />योग- प्रीति, रात 8:24 बजे तक <br />चंद्र राशि- तुला, शाम 7:12 बजे तक; फिर वृश्चिक <br />सूर्योदय- सुबह 6:20 बजे <br />सूर्यास्त- शाम 5:54 बजे <br />राहुकाल- दोपहर 3:01&ndash;शाम 4:27 बजे <br />अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:44&ndash;दोपहर 12:30 बजे</p>
<h3 style="text-align: justify;">मां चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है. धार्मिक परंपरा में उनका स्वरूप साहस और रक्षा से जुड़ा है. माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र होने से उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा.</p>
<p style="text-align: justify;">स्नान के बाद पूजा स्थान साफ करें. मां को फूल अर्पित करें, दीप जलाएं और ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः मंत्र का जप करें. इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार पाठ और आरती करें. चमेली का फूल उनकी पूजा में अर्पित किया जाता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">सुबह पूजा नहीं कर पाएं तो शाम की आरती में मां चंद्रघंटा का ध्यान करें. आज सूर्यास्त के बाद भी तृतीया रहेगी. रोज की पूजा के लिए देर रात तिथि बदलने तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">शाम को राशि बदलेगी, नक्षत्र कब बदलेगा?</h3>
<p style="text-align: justify;">शाम 7:12 बजे चंद्रमा तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद भी विशाखा नक्षत्र बना रहेगा. अनुराधा नक्षत्र 14 अक्टूबर की रात 1:43 बजे शुरू होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">इसका कारण है कि विशाखा नक्षत्र का एक हिस्सा <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> और अंतिम हिस्सा वृश्चिक राशि में आता है. इसलिए चंद्रमा का राशि बदलना और नक्षत्र बदलना एक ही घटना नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज के प्रमुख बदलाव:</h3>
<p style="text-align: justify;">- शाम 7:12 बजे: चंद्रमा वृश्चिक राशि में जाएंगे.<br />- रात 8:24 बजे: प्रीति योग समाप्त होकर आयुष्मान योग शुरू होगा.<br />- रात 11:27 बजे: तृतीया समाप्त होगी और चतुर्थी शुरू होगी.<br />- 14 अक्टूबर, रात 1:43 बजे: विशाखा के बाद अनुराधा नक्षत्र शुरू होगा.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज शुभ काम कब करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली-NCR में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक है. लेकिन दोपहर 12:07 बजे से गुलिक काल शुरू हो जाएगा. दोनों अवधियों को देखकर समय चुनना चाहें तो अभिजीत का शुरुआती हिस्सा, सुबह 11:44 से दोपहर 12:06 बजे तक, ध्यान में रख सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">यह सामान्य पंचांग समय है. विवाह, गृह प्रवेश या दूसरे संस्कार के लिए उसी कार्य का अलग मुहूर्त देखें. नवरात्रि की नियमित पूजा और पहले से चल रहे पाठ को नए कार्य की शुरुआत से अलग समझें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और दूसरे अशुभ समय</h3>
<ul>
<li style="text-align: justify;">राहुकाल- दोपहर 3:01&ndash;शाम 4:27 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">यमगण्ड- सुबह 9:14&ndash;10:41 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">गुलिक काल- दोपहर 12:07&ndash;1:34 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">सुबह का दुष्टमुहूर्त- सुबह 8:39&ndash;9:25 बजे</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">मुहूर्त परंपरा में इन समयों में नए शुभ काम की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है. इनके कारण नियमित पूजा या आरती रोकने की जरूरत नहीं है. पूर्णिमांत और अमांत, दोनों पद्धतियों में आश्विन मास है. विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है. सूर्य कन्या राशि में हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">Hindu Panchang के अनुसार तैतिल करण के बाद सुबह 10:46 बजे गर करण शुरू होगा. रात 11:27 बजे तृतीया समाप्त होने पर वणिज करण आएगा. दिल्ली-NCR की आज के पंचांग गणना में चंद्रोदय सुबह 8:45 बजे और चंद्रास्त शाम 7:18 बजे है. दिशाशूल उत्तर दिशा में है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">1. नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करें.<br />2. चंद्रमा शाम को राशि बदलेंगे; विशाखा नक्षत्र आधी रात के बाद समाप्त होगा.<br />3. अभिजीत मुहूर्त के अंतिम हिस्से में गुलिक काल रहेगा. समय चुनते हुए दोनों को देखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आज चंद्र राशि और नक्षत्र अलग-अलग समय पर बदलेंगे. शाम को चंद्रमा वृश्चिक में पहुंच जाएंगे, लेकिन विशाखा नक्षत्र आधी रात के बाद तक रहेगा. सुबह पूजा करने वाले और शाम को आरती की तैयारी कर रहे लोग आज के समय यहां देख सकते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का पंचांग एक नजर में</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/ggOU5jjwdJQ?si=6quX7Kqf6xy4Kj0O" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">मास और पक्ष- आश्विन, शुक्ल पक्ष <br />तिथि- तृतीया, रात 11:27 बजे तक <br />नक्षत्र- विशाखा, 14 अक्टूबर की रात 1:43 बजे तक <br />योग- प्रीति, रात 8:24 बजे तक <br />चंद्र राशि- तुला, शाम 7:12 बजे तक; फिर वृश्चिक <br />सूर्योदय- सुबह 6:20 बजे <br />सूर्यास्त- शाम 5:54 बजे <br />राहुकाल- दोपहर 3:01&ndash;शाम 4:27 बजे <br />अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:44&ndash;दोपहर 12:30 बजे</p>
<h3 style="text-align: justify;">मां चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है. धार्मिक परंपरा में उनका स्वरूप साहस और रक्षा से जुड़ा है. माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र होने से उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा.</p>
<p style="text-align: justify;">स्नान के बाद पूजा स्थान साफ करें. मां को फूल अर्पित करें, दीप जलाएं और ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः मंत्र का जप करें. इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार पाठ और आरती करें. चमेली का फूल उनकी पूजा में अर्पित किया जाता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">सुबह पूजा नहीं कर पाएं तो शाम की आरती में मां चंद्रघंटा का ध्यान करें. आज सूर्यास्त के बाद भी तृतीया रहेगी. रोज की पूजा के लिए देर रात तिथि बदलने तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">शाम को राशि बदलेगी, नक्षत्र कब बदलेगा?</h3>
<p style="text-align: justify;">शाम 7:12 बजे चंद्रमा तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद भी विशाखा नक्षत्र बना रहेगा. अनुराधा नक्षत्र 14 अक्टूबर की रात 1:43 बजे शुरू होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">इसका कारण है कि विशाखा नक्षत्र का एक हिस्सा <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> और अंतिम हिस्सा वृश्चिक राशि में आता है. इसलिए चंद्रमा का राशि बदलना और नक्षत्र बदलना एक ही घटना नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज के प्रमुख बदलाव:</h3>
<p style="text-align: justify;">- शाम 7:12 बजे: चंद्रमा वृश्चिक राशि में जाएंगे.<br />- रात 8:24 बजे: प्रीति योग समाप्त होकर आयुष्मान योग शुरू होगा.<br />- रात 11:27 बजे: तृतीया समाप्त होगी और चतुर्थी शुरू होगी.<br />- 14 अक्टूबर, रात 1:43 बजे: विशाखा के बाद अनुराधा नक्षत्र शुरू होगा.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज शुभ काम कब करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली-NCR में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक है. लेकिन दोपहर 12:07 बजे से गुलिक काल शुरू हो जाएगा. दोनों अवधियों को देखकर समय चुनना चाहें तो अभिजीत का शुरुआती हिस्सा, सुबह 11:44 से दोपहर 12:06 बजे तक, ध्यान में रख सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">यह सामान्य पंचांग समय है. विवाह, गृह प्रवेश या दूसरे संस्कार के लिए उसी कार्य का अलग मुहूर्त देखें. नवरात्रि की नियमित पूजा और पहले से चल रहे पाठ को नए कार्य की शुरुआत से अलग समझें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और दूसरे अशुभ समय</h3>
<ul>
<li style="text-align: justify;">राहुकाल- दोपहर 3:01&ndash;शाम 4:27 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">यमगण्ड- सुबह 9:14&ndash;10:41 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">गुलिक काल- दोपहर 12:07&ndash;1:34 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">सुबह का दुष्टमुहूर्त- सुबह 8:39&ndash;9:25 बजे</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">मुहूर्त परंपरा में इन समयों में नए शुभ काम की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है. इनके कारण नियमित पूजा या आरती रोकने की जरूरत नहीं है. पूर्णिमांत और अमांत, दोनों पद्धतियों में आश्विन मास है. विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है. सूर्य कन्या राशि में हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">Hindu Panchang के अनुसार तैतिल करण के बाद सुबह 10:46 बजे गर करण शुरू होगा. रात 11:27 बजे तृतीया समाप्त होने पर वणिज करण आएगा. दिल्ली-NCR की आज के पंचांग गणना में चंद्रोदय सुबह 8:45 बजे और चंद्रास्त शाम 7:18 बजे है. दिशाशूल उत्तर दिशा में है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">1. नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करें.<br />2. चंद्रमा शाम को राशि बदलेंगे; विशाखा नक्षत्र आधी रात के बाद समाप्त होगा.<br />3. अभिजीत मुहूर्त के अंतिम हिस्से में गुलिक काल रहेगा. समय चुनते हुए दोनों को देखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
Read Full Story
2
Comments (0)