01 Oct 2026, 03:32 PM
Aaj Ka Panchang 1 October 2026: आज षष्ठी श्राद्ध, रात 9:17 बजे तक सिद्धि योग, जानें राहुकाल
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Panchang 1 October 2026:</strong> आज गुरुवार को अक्टूबर की शुरुआत रोहिणी नक्षत्र और सिद्धि योग में हो रही है. पितृ पक्ष का षष्ठी श्राद्ध भी आज है. पंचमी तिथि दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगी, फिर षष्ठी लग जाएगी. चंद्रमा वृषभ राशि में और सूर्य कन्या राशि में रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">आज रात 9 बजकर 17 मिनट पर सिद्धि योग समाप्त होगा और व्यतीपात शुरू होगा. रोहिणी नक्षत्र रातभर रहेगा. इसका बदलाव 2 अक्टूबर की सुबह होगा. आज क्या विशेष है, जानते हैं आज का पंचांग-</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>1 अक्टूबर का पंचांग- एक नजर</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी है. पंचमी दोपहर 12:35 बजे समाप्त होगी. इसके बाद षष्ठी शुरू होकर 2 अक्टूबर की सुबह 10:15 बजे तक रहेगी. रोहिणी नक्षत्र 2 अक्टूबर की सुबह 4:27 बजे तक है. सिद्धि योग आज रात 9:17 बजे तक रहेगा.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज रात पूजा करें तो कौन-सा योग रहेगा?</h3>
<p style="text-align: justify;">रात 9:17 बजे से पहले सिद्धि और इसके बाद व्यतीपात योग रहेगा. षष्ठी तिथि दोनों समय रहेगी. रोहिणी नक्षत्र भी नहीं बदलेगा. यानी रात में पंचांग के इन तीन अंगों में केवल योग का बदलाव होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">पूजा के संकल्प में योग का नाम बोलते हैं तो समय के अनुसार उसका उल्लेख करें. सुबह पढ़ा हुआ योग देर रात तक वही रहेगा, ऐसा जरूरी नहीं है. आज दिन में पूजा करने वालों और रात 9:17 बजे के बाद पूजा करने वालों के संकल्प में यह अंतर होगा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि में क्या फर्क है?</h3>
<p style="text-align: justify;">नाम मिलते हैं, लेकिन दोनों एक नहीं हैं. सिद्धि दैनिक पंचांग का एक योग है. सर्वार्थ सिद्धि वार और नक्षत्र के मेल से बनने वाला अलग संयोग है. पंचांग में दोनों का विवरण अलग दिया जाता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">रोहिणी नक्षत्र कब तक है?</h3>
<p style="text-align: justify;">आज सुबह, दोपहर और शाम तीनों समय रोहिणी नक्षत्र रहेगा. यह 2 अक्टूबर की सुबह 4:27 बजे समाप्त होगा. उसके बाद मृगशिरा नक्षत्र लगेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">यहाँ तारीख ध्यान से पढ़ें. सुबह 4:27 बजे तक का समय अगले दिन का है. इसे आज सुबह का समय मानने पर नक्षत्र की जानकारी गलत हो जाएगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और शुभ मुहूर्त</h3>
<p style="text-align: justify;">आज Panchang में राहुकाल दोपहर 1:39 से 3:09 बजे तक दिया गया है. यमगण्ड सुबह 6:13 से 7:43 बजे और गुलिक काल सुबह 9:12 से 10:41 बजे तक है.</p>
<p style="text-align: justify;">अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा. ये स्थानीय समय Dev Panchang के अनुसार हैं; Drik Panchang के दिल्ली पेज से इनकी पुष्टि नहीं हो सकी है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज किन पितरों का श्राद्ध करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">जिन परिजनों का निधन षष्ठी तिथि को हुआ था, उनका श्राद्ध आज किया जाता है. निधन शुक्ल पक्ष की षष्ठी को हुआ हो या कृष्ण पक्ष की, दोनों के लिए पितृ पक्ष में यही दिन है.</p>
<p style="text-align: justify;">सुबह पंचमी रहने से भ्रम हो सकता है. श्राद्ध की तारीख तय करने में अपराह्न की तिथि महत्वपूर्ण है. आज अपराह्न में षष्ठी रहेगी, इसलिए षष्ठी श्राद्ध आज है. पंचमी श्राद्ध 30 सितंबर को था.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज करण कब बदलेगा?</h3>
<p style="text-align: justify;">तैतिल करण दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा. पंचमी समाप्त होते ही गर करण शुरू होगा. यह रात 11:25 बजे तक रहेगा और इसके बाद वणिज करण लगेगा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की तीन जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">आज षष्ठी श्राद्ध है. सिद्धि योग रात 9:17 बजे तक रहेगा. रोहिणी नक्षत्र का बदलाव आज दिन में नहीं, 2 अक्टूबर की तड़के होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आज रात 9 बजकर 17 मिनट पर सिद्धि योग समाप्त होगा और व्यतीपात शुरू होगा. रोहिणी नक्षत्र रातभर रहेगा. इसका बदलाव 2 अक्टूबर की सुबह होगा. आज क्या विशेष है, जानते हैं आज का पंचांग-</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>1 अक्टूबर का पंचांग- एक नजर</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी है. पंचमी दोपहर 12:35 बजे समाप्त होगी. इसके बाद षष्ठी शुरू होकर 2 अक्टूबर की सुबह 10:15 बजे तक रहेगी. रोहिणी नक्षत्र 2 अक्टूबर की सुबह 4:27 बजे तक है. सिद्धि योग आज रात 9:17 बजे तक रहेगा.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज रात पूजा करें तो कौन-सा योग रहेगा?</h3>
<p style="text-align: justify;">रात 9:17 बजे से पहले सिद्धि और इसके बाद व्यतीपात योग रहेगा. षष्ठी तिथि दोनों समय रहेगी. रोहिणी नक्षत्र भी नहीं बदलेगा. यानी रात में पंचांग के इन तीन अंगों में केवल योग का बदलाव होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">पूजा के संकल्प में योग का नाम बोलते हैं तो समय के अनुसार उसका उल्लेख करें. सुबह पढ़ा हुआ योग देर रात तक वही रहेगा, ऐसा जरूरी नहीं है. आज दिन में पूजा करने वालों और रात 9:17 बजे के बाद पूजा करने वालों के संकल्प में यह अंतर होगा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि में क्या फर्क है?</h3>
<p style="text-align: justify;">नाम मिलते हैं, लेकिन दोनों एक नहीं हैं. सिद्धि दैनिक पंचांग का एक योग है. सर्वार्थ सिद्धि वार और नक्षत्र के मेल से बनने वाला अलग संयोग है. पंचांग में दोनों का विवरण अलग दिया जाता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">रोहिणी नक्षत्र कब तक है?</h3>
<p style="text-align: justify;">आज सुबह, दोपहर और शाम तीनों समय रोहिणी नक्षत्र रहेगा. यह 2 अक्टूबर की सुबह 4:27 बजे समाप्त होगा. उसके बाद मृगशिरा नक्षत्र लगेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">यहाँ तारीख ध्यान से पढ़ें. सुबह 4:27 बजे तक का समय अगले दिन का है. इसे आज सुबह का समय मानने पर नक्षत्र की जानकारी गलत हो जाएगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और शुभ मुहूर्त</h3>
<p style="text-align: justify;">आज Panchang में राहुकाल दोपहर 1:39 से 3:09 बजे तक दिया गया है. यमगण्ड सुबह 6:13 से 7:43 बजे और गुलिक काल सुबह 9:12 से 10:41 बजे तक है.</p>
<p style="text-align: justify;">अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा. ये स्थानीय समय Dev Panchang के अनुसार हैं; Drik Panchang के दिल्ली पेज से इनकी पुष्टि नहीं हो सकी है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज किन पितरों का श्राद्ध करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">जिन परिजनों का निधन षष्ठी तिथि को हुआ था, उनका श्राद्ध आज किया जाता है. निधन शुक्ल पक्ष की षष्ठी को हुआ हो या कृष्ण पक्ष की, दोनों के लिए पितृ पक्ष में यही दिन है.</p>
<p style="text-align: justify;">सुबह पंचमी रहने से भ्रम हो सकता है. श्राद्ध की तारीख तय करने में अपराह्न की तिथि महत्वपूर्ण है. आज अपराह्न में षष्ठी रहेगी, इसलिए षष्ठी श्राद्ध आज है. पंचमी श्राद्ध 30 सितंबर को था.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज करण कब बदलेगा?</h3>
<p style="text-align: justify;">तैतिल करण दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा. पंचमी समाप्त होते ही गर करण शुरू होगा. यह रात 11:25 बजे तक रहेगा और इसके बाद वणिज करण लगेगा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की तीन जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">आज षष्ठी श्राद्ध है. सिद्धि योग रात 9:17 बजे तक रहेगा. रोहिणी नक्षत्र का बदलाव आज दिन में नहीं, 2 अक्टूबर की तड़के होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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