14 सितंबर हिंदी दिवस: क्यों पाकिस्तान ने हिंदी को दुश्मन की भाषा माना
14 Sep 2026, 01:10 PM

14 सितंबर हिंदी दिवस: क्यों पाकिस्तान ने हिंदी को दुश्मन की भाषा माना

Patrika
@patrika
Hindi Diwas 2026: 14 अगस्त 1947 के बाद पाकिस्तान ने भाषा को जोड़ने का औजार नहीं, काटने की तलवार बना लिया। हिंदी को शत्रु की भाषा घोषित कर स्कूल-कॉलेज, प्रेस और सार्वजनिक जीवन से बाहर कर दिया गया। उसी नीति ने उर्दू को अकेली राष्ट्रभाषा ठहराया। एक ऐसी जुबान को जो न पंजाब की माटी की थी, न सिंध की, न बंगाल की। पूर्वी पाकिस्तान की बहुसंख्यक बांग्ला को दरकिनार किया गया।
Source Credit: patrika.com
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