02 Oct 2026, 06:57 PM
Gandhi Jayanti: न अंग्रेजों की गुलामी, न मुगलों का दंभ, कैसे गांधी जी के अधूरे सपने को पूरा कर सकती है हिंदुस्तान की ‘नई पीढ़ी’?
Patrika
@patrika
महात्मा गांधी एक ऐसे भारत का सपना भी देखते थे जो अपनी भाषा में खुद से बात कर सके। इसमें न अंग्रेजों की गुलामी की निशानी हो, न मुगलों के दरबार की, न किसी क्षेत्र विशेष के वर्चस्व की- यह ‘हिंदुस्तानी’ हो। जो गली-मोहल्लों से निकले और हर भारतीय की जुबान पर सहज उतर आए।
Source Credit: patrika.com
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