20 Oct 2026, 08:02 PM
आज से भारत-न्यूजीलैंड डील लागू, बिजनेस-जॉब और पढ़ाई को लेकर क्या बदलेगा?
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है. अगर आप भारत और न्यूजीलैंड में कारोबार करने, विदेश में पढ़ाई करने या नौकरी करने का सपना देख रहे हैं, तो भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आपके लिए अहम हो सकता है. इस समझौते से भारतीय कारोबारियों को न्यूजीलैंड में अपने उत्पाद बेचने के नए अवसर मिलेंगे. वहीं, छात्रों और कुशल पेशेवरों के लिए भी वहां पढ़ाई करने और काम करने के नए रास्ते खुलेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है. ऐसे में आइए जानते हैं कि भारत-न्यूजीलैंड डील से कारोबार, नौकरी और पढ़ाई के क्षेत्र में क्या-क्या बदलाव होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय कारोबारियों को क्या होगा फायदा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क खत्म करेगा, जिससे भारतीय सामान वहां कम लागत पर पहुंच सकेगा. इसके अलावा कपड़ा, रेडीमेड कपड़े, चमड़े के सामान, कालीन, सिरेमिक, इंजीनियरिंग सामान और ऑटोमोबाइल के पुर्जे बनाने वाली कंपनियों को भी नए अवसर मिल सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में कारोबार बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे. हालांकि, कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा के नियमों, जरूरी प्रमाणपत्रों की लागत, माल ढुलाई के खर्च और लंबी शिपिंग अवधि जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>न्यूजीलैंड में पढ़ाई और नौकरी के क्या हैं अवसर?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय छात्रों को न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान हर सप्ताह 20 घंटे तक काम करने की इजाजत होगी. विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री हासिल करने वाले पात्र छात्रों को तीन साल के पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का फायदा भी मिल सकता है. डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले पात्र छात्रों के लिए चार साल के पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का प्रावधान रखा गया है. इससे छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूजीलैंड में काम करने का अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">आईटी, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले योग्य पेशेवरों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है. हालांकि, इस समझौते के तहत एक समय में अधिकतम 5,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को तीन साल तक अस्थायी रोजगार का अवसर मिल सकता है. इसके अलावा वर्क एंड हॉलिडे योजना के तहत हर साल अधिकतम 1,000 युवा भारतीय न्यूजीलैंड में 12 महीने तक रहकर काम कर सकेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत को कितना निवेश मिलने की उम्मीद है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का कुल व्यापार करीब 1.23 अरब डॉलर रहा. इसमें भारत ने न्यूजीलैंड को लगभग 651.8 मिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि करीब 575.9 मिलियन डॉलर का आयात किया.</p>
<p style="text-align: justify;">इस समझौते में न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य भी रखा गया है. हालांकि, GTRI के मुताबिक, पिछले 25 सालों में न्यूजीलैंड का भारत में कुल निवेश 1 अरब डॉलर से भी कम रहा है. ऐसे में निवेश के इस लक्ष्य को हासिल करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/air-india-and-indigo-to-appear-before-parliament-questions-on-flight-delays-and-safety-3204356">एयर इंडिया-इंडिगो की संसद में पेशी, फ्लाइट लेट और सेफ्टी पर होंगे सवाल</a></strong></p>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/9zyk0s3_W1I?si=JIdHMYttskkwUEau" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है. ऐसे में आइए जानते हैं कि भारत-न्यूजीलैंड डील से कारोबार, नौकरी और पढ़ाई के क्षेत्र में क्या-क्या बदलाव होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारतीय कारोबारियों को क्या होगा फायदा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क खत्म करेगा, जिससे भारतीय सामान वहां कम लागत पर पहुंच सकेगा. इसके अलावा कपड़ा, रेडीमेड कपड़े, चमड़े के सामान, कालीन, सिरेमिक, इंजीनियरिंग सामान और ऑटोमोबाइल के पुर्जे बनाने वाली कंपनियों को भी नए अवसर मिल सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में कारोबार बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे. हालांकि, कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा के नियमों, जरूरी प्रमाणपत्रों की लागत, माल ढुलाई के खर्च और लंबी शिपिंग अवधि जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>न्यूजीलैंड में पढ़ाई और नौकरी के क्या हैं अवसर?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय छात्रों को न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान हर सप्ताह 20 घंटे तक काम करने की इजाजत होगी. विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री हासिल करने वाले पात्र छात्रों को तीन साल के पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का फायदा भी मिल सकता है. डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले पात्र छात्रों के लिए चार साल के पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का प्रावधान रखा गया है. इससे छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूजीलैंड में काम करने का अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">आईटी, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले योग्य पेशेवरों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है. हालांकि, इस समझौते के तहत एक समय में अधिकतम 5,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को तीन साल तक अस्थायी रोजगार का अवसर मिल सकता है. इसके अलावा वर्क एंड हॉलिडे योजना के तहत हर साल अधिकतम 1,000 युवा भारतीय न्यूजीलैंड में 12 महीने तक रहकर काम कर सकेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत को कितना निवेश मिलने की उम्मीद है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का कुल व्यापार करीब 1.23 अरब डॉलर रहा. इसमें भारत ने न्यूजीलैंड को लगभग 651.8 मिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि करीब 575.9 मिलियन डॉलर का आयात किया.</p>
<p style="text-align: justify;">इस समझौते में न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य भी रखा गया है. हालांकि, GTRI के मुताबिक, पिछले 25 सालों में न्यूजीलैंड का भारत में कुल निवेश 1 अरब डॉलर से भी कम रहा है. ऐसे में निवेश के इस लक्ष्य को हासिल करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/air-india-and-indigo-to-appear-before-parliament-questions-on-flight-delays-and-safety-3204356">एयर इंडिया-इंडिगो की संसद में पेशी, फ्लाइट लेट और सेफ्टी पर होंगे सवाल</a></strong></p>
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Source Credit: abplive.com
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