08 Nov 2026, 09:55 AM
दिवाली पर क्यों खोले जाते हैं नए बहीखाते? कारोबार में चोपड़ा पूजन का महत्व
AU News
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Diwali : देश-दुनिया में दीपोत्सव का उल्लास छाया हुआ है। धनतेरस और रूप चौदस के बाद अब धार्मिक आस्था, पारंपरिक अनुष्ठानों और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े पर्वों की बारी है। रविवार को सुख, समृद्धि के लिए घर-घर मां लक्ष्मी की पूजा होगी। सोमवार को सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान और भगवान शिव की आराधना होगी। इसके बाद गोवर्धन पूजा पर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और अन्नकूट के आयोजन होंगे। वहीं भाई दूज पर भाई-बहन के स्नेह और आत्मीयता की परंपरा निभाई जाएगी। मंदिरों और घरों में आज मुख्य पर्व दिवाली को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। व्यापारियों के लिए केवल रोशनी और खुशियों का पर्व नहीं, बल्कि नए कारोबारी साल की शुरुआत का भी अवसर होता है। इस दिन घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ दुकानों और प्रतिष्ठानों में नए बहीखातों का पूजन किया जाता है। इसे चोपड़ा पूजन कहा जाता है।
Source Credit: patrika.com
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