07 Nov 2026, 10:43 PM
समंदर में घेराबंदी के बाद US का ईरान पर बड़ा एक्शन, जमीनी रास्तों पर 'आयरन गेट' की तैनाती
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी को और मजबूत करते हुए उसके जमीनी व्यापारिक रास्तों पर शिकंजा कसने का फैसला किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने 7 नवंबर को 'टास्क फोर्स आयरन गेट' नाम के एक स्पेशल मिलिट्री टास्क फोर्स के गठन का आदेश दिया है. इसमें 20 सदस्य होंगे, जो फ्लोरिडा के टैम्पा में अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेंगे. इस टास्क फोर्स का काम ईरान की जमीनी सीमाओं और कैस्पियन सागर के रास्ते होने वाली एडवांस्ड हथियारों, तकनीक और प्रतिबंधित सामानों की अवैध तस्करी को ट्रैक करके पूरी तरह रोकना है.</p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस नई टास्क फोर्स का उद्देश्य ईरान के अवैध कमाई के रास्तों को बंद करना है, ताकि वह आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग, अपने हथियार कारखानों और सैन्य ताकतों को फिर से मजबूत न कर सके. इस टीम में लगभग 20 नागरिक और सैन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर ईरान की जमीनी सीमाओं पर नजर रखेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ईरान पर शिकंजा कसने की तैयारी में अमेरिका</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, 'टास्क फोर्स आयरन गेट की स्थापना समुद्र में ईरान के खिलाफ हमारी सफल और अटूट नाकेबंदी को और मजबूती प्रदान करेगी. अमेरिकी अंतर-एजेंसी साझेदारों के साथ सेंटकॉम का यह सहयोग ईरान के आतंकवादी नेटवर्क को मिलने वाली आर्थिक मदद को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा.'</p>
<p style="text-align: justify;">CENTCOM द्वारा जारी नक्शे के मुताबिक, अमेरिका ने इससे पहले जुलाई 2026 में अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाहों पर कड़ी समुद्री नाकेबंदी की थी, जिसके जरिए ईरान के 25 अरब डॉलर से अधिक के कच्चे तेल के निर्यात को रोक दिया गया था. अब समुद्र के बाद ज़मीनी सीमाओं पर भी यह 'आयरन गेट' कायम करके ईरान की आर्थिक और सैन्य घेराबंदी को पूरा करने की रणनीति बनाई गई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ईरान पर अमेरिकी 'स्ट्राइक' के बाद तनाव चरम पर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति <a title="डोनाल्ड ट्रंप" href="https://www.abplive.com/topic/donald-trump" data-type="interlinkingkeywords">डोनाल्ड ट्रंप</a> ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के केशम द्वीप पर एक छोटे सैन्य हमले को अंजाम देकर वहां तैनात इरानी एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया है. इसके साथ ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (CENTCOM) और विदेश मंत्रालय ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, उसके सीक्रेट ठिकानों और संबंधित वैज्ञानिकों की जानकारी देने वाले को $20 मिलियन (लगभग 165 करोड़ रुपये) का इनाम और दूसरे देश में बसाने का बड़ा ऑफर दिया है. अमेरिका का मानना है कि ईरान के पास यूरेनियम का ऐसा भंडार मौजूद है जो परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब है.</p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस नई टास्क फोर्स का उद्देश्य ईरान के अवैध कमाई के रास्तों को बंद करना है, ताकि वह आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग, अपने हथियार कारखानों और सैन्य ताकतों को फिर से मजबूत न कर सके. इस टीम में लगभग 20 नागरिक और सैन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर ईरान की जमीनी सीमाओं पर नजर रखेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ईरान पर शिकंजा कसने की तैयारी में अमेरिका</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, 'टास्क फोर्स आयरन गेट की स्थापना समुद्र में ईरान के खिलाफ हमारी सफल और अटूट नाकेबंदी को और मजबूती प्रदान करेगी. अमेरिकी अंतर-एजेंसी साझेदारों के साथ सेंटकॉम का यह सहयोग ईरान के आतंकवादी नेटवर्क को मिलने वाली आर्थिक मदद को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा.'</p>
<p style="text-align: justify;">CENTCOM द्वारा जारी नक्शे के मुताबिक, अमेरिका ने इससे पहले जुलाई 2026 में अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाहों पर कड़ी समुद्री नाकेबंदी की थी, जिसके जरिए ईरान के 25 अरब डॉलर से अधिक के कच्चे तेल के निर्यात को रोक दिया गया था. अब समुद्र के बाद ज़मीनी सीमाओं पर भी यह 'आयरन गेट' कायम करके ईरान की आर्थिक और सैन्य घेराबंदी को पूरा करने की रणनीति बनाई गई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ईरान पर अमेरिकी 'स्ट्राइक' के बाद तनाव चरम पर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति <a title="डोनाल्ड ट्रंप" href="https://www.abplive.com/topic/donald-trump" data-type="interlinkingkeywords">डोनाल्ड ट्रंप</a> ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के केशम द्वीप पर एक छोटे सैन्य हमले को अंजाम देकर वहां तैनात इरानी एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया है. इसके साथ ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (CENTCOM) और विदेश मंत्रालय ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, उसके सीक्रेट ठिकानों और संबंधित वैज्ञानिकों की जानकारी देने वाले को $20 मिलियन (लगभग 165 करोड़ रुपये) का इनाम और दूसरे देश में बसाने का बड़ा ऑफर दिया है. अमेरिका का मानना है कि ईरान के पास यूरेनियम का ऐसा भंडार मौजूद है जो परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब है.</p>
Source Credit: abplive.com
Read Full Story
2
Comments (0)