13 Oct 2026, 07:33 PM
तुला राशि वालों के लिए अक्टूबर का आखिरी सप्ताह क्यों है खास?
ABP News
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<p>अक्टूबर का महीना तुला राशि वालों के लिए उन फैसलों को सामने लाने वाला है, जिन्हें आप लंबे समय से टालते आ रहे थे. जब आपकी अपनी ही राशि में ग्रहों की बड़ी हलचल चल रही हो, तो असर सीधे आपके मिजाज, आपकी जेब और आपके करीबी रिश्तों पर पड़ता है.</p>
<p>ग्रहों की स्थिति साफ है कि शुक्र पहले से तुला में वक्री हैं, 17 अक्टूबर से सूर्य तुला में आकर नीच के हो रहे हैं और 24 अक्टूबर से बुध भी इसी राशि में उल्टी चाल शुरू कर देंगे. सीधे शब्दों में कहें तो यह कोई डरने या भारी नुकसान का वक्त नहीं है, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं को ठीक करने और पुराने हिसाब-किताब साफ करने का समय है.</p>
<p><strong>वक्री शुक्र: रिश्ते में बराबरी और साझा पैसे का हिसाब</strong><br />शुक्र आपकी ही राशि के स्वामी हैं और साथ ही आठवें भाव के मालिक भी हैं, जो साझा धन, अनपेक्षित बदलाव और भावनात्मक गहराई से जुड़ा है. अपनी ही राशि में शुक्र का वक्री होना रिश्तों को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी मजबूती और सच्चाई परखने के लिए आया है. इस दौरान दांपत्य या प्रेम संबंध में यह बात उठ सकती है कि गाड़ी खींचने में दोनों का योगदान बराबर है या नहीं. अगर एक ही इंसान लगातार समझौते कर रहा है, तो अब उस पर खुलकर बात होगी.<br />आठवें भाव के असर से पार्टनर के साथ जॉइंट अकाउंट, पुराने कर्ज या बिजनेस पार्टनरशिप के पैसे पर चर्चा जरूरी हो जाएगी. महंगे तोहफे देकर बात संभालने की जगह सीधे आर्थिक जिम्मेदारियों पर बात करना ज्यादा समझदारी होगी. इसके साथ ही अगर किसी पुराने साथी का संपर्क दोबारा हो, तो पुरानी यादों में बहने से पहले यह जरूर सोच लें कि तब अलग होने की नौबत क्यों आई थी.</p>
<p><strong>17 अक्टूबर से नीच सूर्य: काम आपका, तारीफ किसी और की?</strong><br />17 अक्टूबर की शाम को सूर्य तुला राशि में आएंगे, जो उनकी नीच राशि मानी जाती है. आपकी कुंडली में सूर्य ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं, जिसका सीधा संबंध कमाई, नेटवर्क और उपलब्धियों से होता है. इस दौरान ऑफिस या बिजनेस में ऐसा लग सकता है कि पसीना आपने बहाया और वाहवाही कोई और ले गया. वरिष्ठों से उम्मीद के मुताबिक शाबाशी न मिलना थोड़ा अखर सकता है.<br />सूर्य नीच होने पर आत्मसम्मान और अहंकार को चोट जल्दी लगती है. इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाकर तुरंत तीखी प्रतिक्रिया देने या नौकरी छोड़ने जैसा बड़ा कदम न उठाएं. अपना काम दुरुस्त रखें, ठोस आंकड़े अपने पास रखें और सही मौके का इंतजार करें.</p>
<p><strong>24 अक्टूबर के बाद: जब बुध भी चलेंगे उल्टी चाल</strong><br />24 अक्टूबर से बुध भी <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> में वक्री हो जाएंगे, जिससे महीने के आखिरी हफ्ते में वक्री शुक्र, वक्री बुध और नीच सूर्य तीनों का असर एक साथ देखने को मिलेगा. इस समय कागजी कामकाज में खास सतर्कता की जरूरत होगी. अगर किसी नए अनुबंध, पार्टनरशिप या बड़ी डील पर दस्तखत करने जा रहे हैं, तो नियमों और शर्तों को दो बार ध्यान से पढ़ें.<br />बातचीत में यह मानकर न चलें कि सामने वाला आपकी बात अपने आप समझ गया होगा. चाहे घर हो या दफ्तर, जो भी कहें साफ कहें और जरूरी बातों को लिखित में रखना ही बेहतर रहेगा.</p>
<p><strong>इस महीने के लिए व्यावहारिक सलाह</strong><br />इस पूरे दौर में रिश्तों में पुरानी गलतियों पर ताने कसने से बचें और शांत लहजे में बताएं कि आप एक-दूसरे से क्या अपेक्षा रखते हैं. पैसों के मामले में किसी के दबाव में आकर अचानक बड़ा निवेश न करें और न ही किसी को भारी उधारी दें. कार्यक्षेत्र में भी भावनात्मक होकर कोई फैसला लेने के बजाय अपने काम की गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दें.</p>
<h4 class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/saptahik-rashifal-12-to-17-october-2026-weekly-horoscope-mesh-se-meen-bhavishyfal-live-update-3200911">साप्ताहिक राशिफल 12 से 17 अक्टूबर 2026: अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सतर्क? पढ़ें मेष से मीन का भविष्यफल</a></strong></h4>
<p><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p>ग्रहों की स्थिति साफ है कि शुक्र पहले से तुला में वक्री हैं, 17 अक्टूबर से सूर्य तुला में आकर नीच के हो रहे हैं और 24 अक्टूबर से बुध भी इसी राशि में उल्टी चाल शुरू कर देंगे. सीधे शब्दों में कहें तो यह कोई डरने या भारी नुकसान का वक्त नहीं है, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं को ठीक करने और पुराने हिसाब-किताब साफ करने का समय है.</p>
<p><strong>वक्री शुक्र: रिश्ते में बराबरी और साझा पैसे का हिसाब</strong><br />शुक्र आपकी ही राशि के स्वामी हैं और साथ ही आठवें भाव के मालिक भी हैं, जो साझा धन, अनपेक्षित बदलाव और भावनात्मक गहराई से जुड़ा है. अपनी ही राशि में शुक्र का वक्री होना रिश्तों को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी मजबूती और सच्चाई परखने के लिए आया है. इस दौरान दांपत्य या प्रेम संबंध में यह बात उठ सकती है कि गाड़ी खींचने में दोनों का योगदान बराबर है या नहीं. अगर एक ही इंसान लगातार समझौते कर रहा है, तो अब उस पर खुलकर बात होगी.<br />आठवें भाव के असर से पार्टनर के साथ जॉइंट अकाउंट, पुराने कर्ज या बिजनेस पार्टनरशिप के पैसे पर चर्चा जरूरी हो जाएगी. महंगे तोहफे देकर बात संभालने की जगह सीधे आर्थिक जिम्मेदारियों पर बात करना ज्यादा समझदारी होगी. इसके साथ ही अगर किसी पुराने साथी का संपर्क दोबारा हो, तो पुरानी यादों में बहने से पहले यह जरूर सोच लें कि तब अलग होने की नौबत क्यों आई थी.</p>
<p><strong>17 अक्टूबर से नीच सूर्य: काम आपका, तारीफ किसी और की?</strong><br />17 अक्टूबर की शाम को सूर्य तुला राशि में आएंगे, जो उनकी नीच राशि मानी जाती है. आपकी कुंडली में सूर्य ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं, जिसका सीधा संबंध कमाई, नेटवर्क और उपलब्धियों से होता है. इस दौरान ऑफिस या बिजनेस में ऐसा लग सकता है कि पसीना आपने बहाया और वाहवाही कोई और ले गया. वरिष्ठों से उम्मीद के मुताबिक शाबाशी न मिलना थोड़ा अखर सकता है.<br />सूर्य नीच होने पर आत्मसम्मान और अहंकार को चोट जल्दी लगती है. इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाकर तुरंत तीखी प्रतिक्रिया देने या नौकरी छोड़ने जैसा बड़ा कदम न उठाएं. अपना काम दुरुस्त रखें, ठोस आंकड़े अपने पास रखें और सही मौके का इंतजार करें.</p>
<p><strong>24 अक्टूबर के बाद: जब बुध भी चलेंगे उल्टी चाल</strong><br />24 अक्टूबर से बुध भी <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> में वक्री हो जाएंगे, जिससे महीने के आखिरी हफ्ते में वक्री शुक्र, वक्री बुध और नीच सूर्य तीनों का असर एक साथ देखने को मिलेगा. इस समय कागजी कामकाज में खास सतर्कता की जरूरत होगी. अगर किसी नए अनुबंध, पार्टनरशिप या बड़ी डील पर दस्तखत करने जा रहे हैं, तो नियमों और शर्तों को दो बार ध्यान से पढ़ें.<br />बातचीत में यह मानकर न चलें कि सामने वाला आपकी बात अपने आप समझ गया होगा. चाहे घर हो या दफ्तर, जो भी कहें साफ कहें और जरूरी बातों को लिखित में रखना ही बेहतर रहेगा.</p>
<p><strong>इस महीने के लिए व्यावहारिक सलाह</strong><br />इस पूरे दौर में रिश्तों में पुरानी गलतियों पर ताने कसने से बचें और शांत लहजे में बताएं कि आप एक-दूसरे से क्या अपेक्षा रखते हैं. पैसों के मामले में किसी के दबाव में आकर अचानक बड़ा निवेश न करें और न ही किसी को भारी उधारी दें. कार्यक्षेत्र में भी भावनात्मक होकर कोई फैसला लेने के बजाय अपने काम की गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दें.</p>
<h4 class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/saptahik-rashifal-12-to-17-october-2026-weekly-horoscope-mesh-se-meen-bhavishyfal-live-update-3200911">साप्ताहिक राशिफल 12 से 17 अक्टूबर 2026: अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सतर्क? पढ़ें मेष से मीन का भविष्यफल</a></strong></h4>
<p><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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