29 Oct 2026, 11:14 PM
अमेरिका के 13 राज्यों में पावर ग्रिड इमरजेंसी, जानें क्या है संकट और इसका असर
ABP News
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<p style="text-align: justify;">दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में इस समय बिजली व्यवस्था को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. जिसने हर किसी को चौंका दिया है. कुछ दिन पहले ही यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी ने देश के 13 राज्यों में पावर ग्रिड इमरजेंसी का ऐलान किया था. जिसके बाद अब सरकार ने देश के बल्क पावर सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए राष्ट्रीय आपातकाल यानी नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इस बड़े फैसले के बाद से पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा है कि आखिर मार्डन तकनीक और पावर सरप्लस माने जाने वाले अमेरिका में ऐसी नौबत क्यों आई. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि सरकार को सीधे तौर पर कड़े कदम उठाने पड़े हैं. तकनीक की दुनिया में सुपरपावर कहे जाने वाले इस देश के बुनियादी ढांचे पर मंडराते इस खतरे ने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है. चलिए आपको बताते हैं क्या है यह संकट और क्या होगा इसका असर.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>किस वजह से खड़ा हुआ संकट?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">इस पूरे बिजली संकट के पीछे की वजह मार्डन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बेतहाशा विस्तार है. आज के दौर में अमेरिका में AI डेटा सेंटर्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और डिफेंस प्रोडक्शन बहुत तेजी से बढ़ रहा है. इन सभी हाई-टेक प्रोजेक्ट्स को सही से चलाने के लिए भारी मात्रा में लगातार बिजली की जरूरत पड़ती है. इस मांग के चलते देश के पावर ग्रिड पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ रहा है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">जिससे ग्रिड के फेल होने का खतरा लगातार मंडरा रहा है. सरकार की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI और टेक सेक्टर की वजह से देश की बिजली पर डिपेंडेंसी काफी कबढ़ चुकी है. अगर ऐसे में कोई तकनीकी खराबी और फिर सप्लाई चेन में रुकावट आती है. तो फिर इसका असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था और दूसरी जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/29/9e06a10eea618fcab5949feb25eb018a1793278062861907_original.jpg" /></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी मंडराया खतरा</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका में इस ग्रिड इमरजेंसी के पीछे सिर्फ बिजली की कमी ही नहीं है. बल्कि देश में विदेशी उपकरणों से जुड़ा सुरक्षा खतरा भी एक वजह है. अमेरिकी सरकार का कहना है कि पावर जनरेशन और ट्रांसमिशन ग्रिड में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण विदेशों से आते हैं. जिससे साइबर अटैक का खतरा काफी बढ़ गया है. इस खतरे को देखते हुए&nbsp;अमेरीकी राष्ट्रपति की ओर से एक नए कार्यकारी आदेश पर साइन किए गए हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">जिसके मुताबिक विदेशी हार्डवेयर और सप्लायर्स पर सख्त प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. इस फैसले के पीछे अमेरिकी सरकार का मकसद देश के पावर ग्रिड को किसी भी संभावित विदेशी साइबर हमले से सुरक्षित रखना है. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में होने वाले उतार-चढ़ाव या सप्लाई चेन टूटने की स्थिति में देश की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो जा,&nbsp; इसके लिए अब स्थानीय स्तर पर उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/technology/flipkart-big-diwali-sale-great-deals-on-iphones-savings-of-up-to-70-percent-3208408">Flipkart दिवाली सेल में Phone से लेकर गैजेट्स तक पर 70% तक का बंपर डिस्काउंट</a><br /></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आम जनता पर क्या होगा असर?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">इस नेशनल पावर ग्रिड इमरजेंसी के बाद अमेरिकी नागरिकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उनके घरों की बिजली काट दी जाएगी या फिर सप्लाई पर कोई असर पड़ेगा. तो बता दें फिलहाल&nbsp; उपभोक्ताओं को बिजली कटौती जैसी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. हालांकि आने वाले दिनों में पावर कंपनियों और ग्रिड ऑपरेटरों को कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/29/f5a4e54f69c9981733db051429ce17e51793278035481907_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;">जिससे पुराने और विदेशी उपकरणों की जांच करके उन्हें बदला जा सके. इस पूरी प्रोसेस के चलते पावर यूटिलिटीज और कंपनियों पर एक्सट्रा फाइनेंशियल बोझ जरूर बढ़ सकता है, लेकिन लंबे समय में यह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है. सरकार की इस सख्ती से अमेरिकी कंपनियों को घरेलू स्तर पर ही ग्रिड उपकरण तैयार करने के नए और बड़े मौके भी मिलेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/technology/cyber-fraud-which-age-group-are-cyber-criminals-targeting-the-most-is-the-plan-different-for-everyone-know-the-details-3208232">Cyber Fraud: किस उम्र के लोगों को ज्यादा शिकार बना रहे साइबर ठग, सबके लिए अलग है प्लान?</a><br /></strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बड़े फैसले के बाद से पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा है कि आखिर मार्डन तकनीक और पावर सरप्लस माने जाने वाले अमेरिका में ऐसी नौबत क्यों आई. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि सरकार को सीधे तौर पर कड़े कदम उठाने पड़े हैं. तकनीक की दुनिया में सुपरपावर कहे जाने वाले इस देश के बुनियादी ढांचे पर मंडराते इस खतरे ने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है. चलिए आपको बताते हैं क्या है यह संकट और क्या होगा इसका असर.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>किस वजह से खड़ा हुआ संकट?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">इस पूरे बिजली संकट के पीछे की वजह मार्डन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बेतहाशा विस्तार है. आज के दौर में अमेरिका में AI डेटा सेंटर्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और डिफेंस प्रोडक्शन बहुत तेजी से बढ़ रहा है. इन सभी हाई-टेक प्रोजेक्ट्स को सही से चलाने के लिए भारी मात्रा में लगातार बिजली की जरूरत पड़ती है. इस मांग के चलते देश के पावर ग्रिड पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ रहा है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">जिससे ग्रिड के फेल होने का खतरा लगातार मंडरा रहा है. सरकार की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI और टेक सेक्टर की वजह से देश की बिजली पर डिपेंडेंसी काफी कबढ़ चुकी है. अगर ऐसे में कोई तकनीकी खराबी और फिर सप्लाई चेन में रुकावट आती है. तो फिर इसका असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था और दूसरी जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/29/9e06a10eea618fcab5949feb25eb018a1793278062861907_original.jpg" /></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी मंडराया खतरा</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका में इस ग्रिड इमरजेंसी के पीछे सिर्फ बिजली की कमी ही नहीं है. बल्कि देश में विदेशी उपकरणों से जुड़ा सुरक्षा खतरा भी एक वजह है. अमेरिकी सरकार का कहना है कि पावर जनरेशन और ट्रांसमिशन ग्रिड में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण विदेशों से आते हैं. जिससे साइबर अटैक का खतरा काफी बढ़ गया है. इस खतरे को देखते हुए&nbsp;अमेरीकी राष्ट्रपति की ओर से एक नए कार्यकारी आदेश पर साइन किए गए हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">जिसके मुताबिक विदेशी हार्डवेयर और सप्लायर्स पर सख्त प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. इस फैसले के पीछे अमेरिकी सरकार का मकसद देश के पावर ग्रिड को किसी भी संभावित विदेशी साइबर हमले से सुरक्षित रखना है. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में होने वाले उतार-चढ़ाव या सप्लाई चेन टूटने की स्थिति में देश की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो जा,&nbsp; इसके लिए अब स्थानीय स्तर पर उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/technology/flipkart-big-diwali-sale-great-deals-on-iphones-savings-of-up-to-70-percent-3208408">Flipkart दिवाली सेल में Phone से लेकर गैजेट्स तक पर 70% तक का बंपर डिस्काउंट</a><br /></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आम जनता पर क्या होगा असर?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">इस नेशनल पावर ग्रिड इमरजेंसी के बाद अमेरिकी नागरिकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उनके घरों की बिजली काट दी जाएगी या फिर सप्लाई पर कोई असर पड़ेगा. तो बता दें फिलहाल&nbsp; उपभोक्ताओं को बिजली कटौती जैसी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. हालांकि आने वाले दिनों में पावर कंपनियों और ग्रिड ऑपरेटरों को कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/29/f5a4e54f69c9981733db051429ce17e51793278035481907_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;">जिससे पुराने और विदेशी उपकरणों की जांच करके उन्हें बदला जा सके. इस पूरी प्रोसेस के चलते पावर यूटिलिटीज और कंपनियों पर एक्सट्रा फाइनेंशियल बोझ जरूर बढ़ सकता है, लेकिन लंबे समय में यह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है. सरकार की इस सख्ती से अमेरिकी कंपनियों को घरेलू स्तर पर ही ग्रिड उपकरण तैयार करने के नए और बड़े मौके भी मिलेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/technology/cyber-fraud-which-age-group-are-cyber-criminals-targeting-the-most-is-the-plan-different-for-everyone-know-the-details-3208232">Cyber Fraud: किस उम्र के लोगों को ज्यादा शिकार बना रहे साइबर ठग, सबके लिए अलग है प्लान?</a><br /></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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