05 Oct 2026, 07:15 AM
Patrika Monday Investigation: कानून में सस्ते इलाज का रास्ता, फिर भी महंगी दवाओं के आगे बेबस मरीज…
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Expensive cancer drug: देश में कैंसर, स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (एसएमए) और हीमोफीलिया जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे लाखों मरीज इलाज के साथ-साथ दवाओं की कीमत से भी लड़ रहे हैं। स्तन कैंसर की एक दवा का सालाना खर्च करीब 10 लाख रुपए है, तो एसएमए के एक इंजेक्शन की एकमुश्त कीमत 16 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। वजह है पेटेंट, जो कंपनियों को एकाधिकार देता है और कीमत तय करने की खुली छूट भी।
Source Credit: patrika.com
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