02 Oct 2026, 06:33 PM
पापांकुशा एकादशी पर तुलसी में जल चढ़ाना सही या गलत? जान लें ये एक जरूरी नियम
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="1"><strong>Papankusha Ekadashi 2026:</strong> हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व माना गया है. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को <strong data-path-to-node="1" data-index-in-node="117">पापांकुशा एकादशी</strong> कहा जाता है. मान्यता है कि यह व्रत व्यक्ति के पुराने पापों को मिटाकर जीवन में सुख-समृद्धि लाता है. इस दिन भगवान विष्णु के पद्मनाभ रूप की पूजा की जाती है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="2">एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा तब तक पूरी नहीं मानी जाती, जब तक उसमें तुलसी का उपयोग न हो. यही वजह है कि पापांकुशा एकादशी पर तुलसी पूजन का विशेष महत्व होता है. आइए जानते हैं कि इस दिन तुलसी पूजन क्यों जरूरी है और इसके नियम क्या हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="2"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/qC5oxd58sbM?si=fzZN32-81aHNmgiR" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<h3 style="text-align: justify;" data-path-to-node="4">पापांकुशा एकादशी पर तुलसी पूजन क्यों खास है?</h3>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="5">तुलसी को माता लक्ष्मी का रूप और भगवान विष्णु की सबसे प्रिय माना गया है. शास्त्रों में कहा गया है कि एकादशी के पावन दिन पर तुलसी की सेवा करने से कई गुना अधिक पुण्य मिलता है:</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,0,0"><strong data-path-to-node="6,0,0" data-index-in-node="0">भोग बिना तुलसी अधूरा:</strong> भगवान विष्णु को तुलसी दल अति प्रिय है. मान्यता है कि एकादशी के दिन श्रीहरि को जो भी भोग अर्पित किया जाए, उसमें तुलसी का पत्ता जरूर होना चाहिए, वरना वे भोग स्वीकार नहीं करते.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,1,0"><strong data-path-to-node="6,1,0" data-index-in-node="0">पापों से छुटकारा:</strong> मान्यता है कि पापांकुशा एकादशी पर तुलसी के पौधे की परिक्रमा करने और शाम को घी का दीपक जलाने से जाने-अनजाने में हुए पाप कट जाते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,2,0"><strong data-path-to-node="6,2,0" data-index-in-node="0">घर में सुख-शांति:</strong> शाम के समय तुलसी के पास बैठकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और परिवार में बरकत आती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;" data-path-to-node="8">भूलकर भी न करें ये गलतियां: तुलसी पूजन के जरूरी नियम</h3>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="9">एकादशी पर तुलसी पूजा करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, नहीं तो पुण्य की जगह दोष लग सकता है:</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="10,0,0"><strong data-path-to-node="10,0,0" data-index-in-node="0">पत्ते न तोड़ें:</strong> एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना सख्त मना होता है. अगर आपको पूजा या भोग के लिए पत्ते चाहिए, तो उन्हें एक दिन पहले (दशमी तिथि को) ही तोड़कर रख लें. या फिर पौधे के नीचे गिरे हुए पत्तों को धोकर पूजा में इस्तेमाल कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="10,1,0"><strong data-path-to-node="10,1,0" data-index-in-node="0">जल न चढ़ाएं:</strong> धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन माता तुलसी भी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इसलिए इस दिन तुलसी के पौधे में जल नहीं चढ़ाना चाहिए. ऐसा करने से उनका व्रत टूटता है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="10,2,0"><strong data-path-to-node="10,2,0" data-index-in-node="0">शाम को दीपक जलाएं:</strong> शाम के समय तुलसी के पौधे के पास शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाएं और कम से कम 7 या 11 बार परिक्रमा करें.</p>
<h3 style="text-align: justify;" data-path-to-node="12">पापांकुशा एकादशी 2026: व्रत व पारण समय</h3>
<ul style="text-align: justify;">
<li id="p-rc_c24664d0e1bfd7f4-67" data-path-to-node="13,0,0"><strong data-path-to-node="13,0,0" data-index-in-node="0">एकादशी व्रत तिथि:</strong> <span class="citation-201 citation-end-201">22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)</span></li>
<li data-path-to-node="13,1,0"><strong data-path-to-node="13,1,0" data-index-in-node="0">पारण (व्रत खोलने का समय):</strong> 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 06:27 बजे से 08:42 बजे तक</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14">अगर आप भी इस बार पापांकुशा एकादशी का व्रत रख रहे हैं, तो भगवान विष्णु की आराधना के साथ तुलसी के इन नियमों का पालन जरूर करें. इससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं और घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है.</p>
<h4 class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/astro/transit/grah-gochar-october-2026-planetary-transit-surya-guru-gochar-shukra-budh-vakri-3196120">अक्टूबर में बदल रही 2 बड़े ग्रहों की चाल: 5 दुर्लभ योगों के बीच जानें प्रभाव और उपाय</a></strong></h4>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="2">एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा तब तक पूरी नहीं मानी जाती, जब तक उसमें तुलसी का उपयोग न हो. यही वजह है कि पापांकुशा एकादशी पर तुलसी पूजन का विशेष महत्व होता है. आइए जानते हैं कि इस दिन तुलसी पूजन क्यों जरूरी है और इसके नियम क्या हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="2"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/qC5oxd58sbM?si=fzZN32-81aHNmgiR" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<h3 style="text-align: justify;" data-path-to-node="4">पापांकुशा एकादशी पर तुलसी पूजन क्यों खास है?</h3>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="5">तुलसी को माता लक्ष्मी का रूप और भगवान विष्णु की सबसे प्रिय माना गया है. शास्त्रों में कहा गया है कि एकादशी के पावन दिन पर तुलसी की सेवा करने से कई गुना अधिक पुण्य मिलता है:</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,0,0"><strong data-path-to-node="6,0,0" data-index-in-node="0">भोग बिना तुलसी अधूरा:</strong> भगवान विष्णु को तुलसी दल अति प्रिय है. मान्यता है कि एकादशी के दिन श्रीहरि को जो भी भोग अर्पित किया जाए, उसमें तुलसी का पत्ता जरूर होना चाहिए, वरना वे भोग स्वीकार नहीं करते.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,1,0"><strong data-path-to-node="6,1,0" data-index-in-node="0">पापों से छुटकारा:</strong> मान्यता है कि पापांकुशा एकादशी पर तुलसी के पौधे की परिक्रमा करने और शाम को घी का दीपक जलाने से जाने-अनजाने में हुए पाप कट जाते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,2,0"><strong data-path-to-node="6,2,0" data-index-in-node="0">घर में सुख-शांति:</strong> शाम के समय तुलसी के पास बैठकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और परिवार में बरकत आती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;" data-path-to-node="8">भूलकर भी न करें ये गलतियां: तुलसी पूजन के जरूरी नियम</h3>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="9">एकादशी पर तुलसी पूजा करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, नहीं तो पुण्य की जगह दोष लग सकता है:</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="10,0,0"><strong data-path-to-node="10,0,0" data-index-in-node="0">पत्ते न तोड़ें:</strong> एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना सख्त मना होता है. अगर आपको पूजा या भोग के लिए पत्ते चाहिए, तो उन्हें एक दिन पहले (दशमी तिथि को) ही तोड़कर रख लें. या फिर पौधे के नीचे गिरे हुए पत्तों को धोकर पूजा में इस्तेमाल कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="10,1,0"><strong data-path-to-node="10,1,0" data-index-in-node="0">जल न चढ़ाएं:</strong> धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन माता तुलसी भी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इसलिए इस दिन तुलसी के पौधे में जल नहीं चढ़ाना चाहिए. ऐसा करने से उनका व्रत टूटता है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="10,2,0"><strong data-path-to-node="10,2,0" data-index-in-node="0">शाम को दीपक जलाएं:</strong> शाम के समय तुलसी के पौधे के पास शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाएं और कम से कम 7 या 11 बार परिक्रमा करें.</p>
<h3 style="text-align: justify;" data-path-to-node="12">पापांकुशा एकादशी 2026: व्रत व पारण समय</h3>
<ul style="text-align: justify;">
<li id="p-rc_c24664d0e1bfd7f4-67" data-path-to-node="13,0,0"><strong data-path-to-node="13,0,0" data-index-in-node="0">एकादशी व्रत तिथि:</strong> <span class="citation-201 citation-end-201">22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)</span></li>
<li data-path-to-node="13,1,0"><strong data-path-to-node="13,1,0" data-index-in-node="0">पारण (व्रत खोलने का समय):</strong> 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 06:27 बजे से 08:42 बजे तक</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14">अगर आप भी इस बार पापांकुशा एकादशी का व्रत रख रहे हैं, तो भगवान विष्णु की आराधना के साथ तुलसी के इन नियमों का पालन जरूर करें. इससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं और घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है.</p>
<h4 class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/astro/transit/grah-gochar-october-2026-planetary-transit-surya-guru-gochar-shukra-budh-vakri-3196120">अक्टूबर में बदल रही 2 बड़े ग्रहों की चाल: 5 दुर्लभ योगों के बीच जानें प्रभाव और उपाय</a></strong></h4>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
Read Full Story
2
Comments (0)