Nashik Kumbh Mela 2026: 12 साल बाद नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आस्था का महासंगम, जानें साधु ग्राम और अमृत स्नान की तारीखें
30 Oct 2026, 11:49 PM

Nashik Kumbh Mela 2026: 12 साल बाद नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आस्था का महासंगम, जानें साधु ग्राम और अमृत स्नान की तारीखें

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<p style="text-align: justify;"><strong>Nashik Kumbh Mela 2026: </strong>गोदावरी के पावन तट और त्र्यंबकेश्वर की तपोभूमि <strong>12 सालों</strong> के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने के लिए तैयार हैं. <strong>31 अक्टूबर 2026</strong> को राष्ट्रपति <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> द्वारा नासिक के ऐतिहासिक रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के पवित्र कुशावर्त तीर्थ पर आधिकारिक ध्वजारोहण के साथ सिंहस्थ कुंभ मेला 2026-28 का विधिवत शुभारंभ हो रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस बार का सिंहस्थ महापर्व कई मायनों में ऐतिहासिक और अनूठा है. आमतौर पर कुंभ मेले का मुख्य चरण कुछ हफ्तों का माना जाता है, लेकिन यह आयोजन पूरे <strong>21 महीने</strong> चलेगा यानी कि <strong>31 अक्टूबर 2026</strong> से लेकर <strong>24 जुलाई 2028</strong> तक श्रद्धालु गोदावरी की पवित्र धारा में पुण्य की डुबकी लगा सकेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/HT0bHTAjhV8" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शंखनाद, जनजातीय आरती और परंपरा का संगम:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शुभारंभ समारोह केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता का दुर्लभ दृश्य प्रस्तुत कर रहा है. ध्वजारोहण के साथ <strong>550 साधु-संतों</strong> और साधकों का संयुक्त शंखनाद संपूर्ण गोदावरी घाटी को गुंजायमान करेगा. </p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, लगभग <strong>6,500 आदिवासी</strong> बंधु पारंपरिक रूप से भव्य एवं दिव्य महाआरती संपन्न कर प्रकृति और आस्था के सनातन जुड़ाव को जीवंत करेंगे. इस ऐतिहासिक अवसर को सहेजने के लिए एक विशेष स्मारक डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>साधुग्राम की तैयारी: 13 अखाड़े और हाइटेक व्यवस्था:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कुंभ की असली आत्मा उसके संन्यासी और अखाड़े होते हैं. नासिक-त्र्यंबकेश्वर में सभी <strong>13 अखाड़ों</strong> के संतों के स्वागत के लिए साधुग्राम को विशाल तपोभूमि का स्वरूप दिया गया है. </p>
<p style="text-align: justify;">नासिक प्रशासन ने साधुग्राम में आधुनिक बुनियादी ढांचे सड़क नेटवर्क, 24 घंटे जलापूर्ति, मजबूत विद्युत ग्रिड और स्वच्छता प्रबंधन के लिए लगभग <strong>₹3.29 करोड़</strong> का बजट स्वीकृत कर काम धरातल पर उतारा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/30/56042d79f769aaa65623a7182e8f206c17933751229501413_original.png" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>NTKMA डिजिटल पोर्टल: एक क्लिक पर संपूर्ण यात्रा प्रबंधन:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) ने अपना आधिकारिक डिजिटल पोर्टल लाइव कर दिया है. इस पोर्टल पर श्रद्धालुओं को वास्तविक समय में ये सुविधाएं मिलेंगी:</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>अमृत स्नान की प्रमाणित तिथियां और मुहूर्त</li>
<li>शहर के एंट्री पॉइंट्स और सैटेलाइट पार्किंग की लोकेशन</li>
<li>अधिकृत टेंट सिटी, होटल व धर्मशालाओं की पारदर्शी बुकिंग</li>
<li>भीड़ नियंत्रण अलर्ट, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और हेल्पडेस्क</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>'अमृत स्नान' 2027: नोट कर लें मुख्य तिथियां:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">परंपरा के अनुसार, इस बार शाही स्नान को आधिकारिक तौर पर 'अमृत स्नान' कहा जा रहा है, मुख्य स्नान पर्व वर्ष 2027 में आयोजित होंगे:</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पहला अमृत स्नान (आषाढ़/श्रावण सोमवती अमावस्या):</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तारीख व दिन:</strong> 2 अगस्त 2027, सोमवार</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्थल व महत्व:</strong> नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ दोनों स्थानों पर एक साथ मुख्य स्नान पर्व की शुरुआत होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दूसरा व मुख्य अमृत स्नान (श्रावण अमावस्या):</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तारीख व दिन:</strong> 31 अगस्त 2027, मंगलवार</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्थल व महत्व:</strong> यह सिंहस्थ कुंभ का सबसे बड़ा और पवित्र स्नान पर्व होगा, जिसमें रामकुंड और कुशावर्त तीर्थ पर सबसे भारी जनसैलाब उमड़ेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तीसरा व अंतिम अमृत स्नान (भाद्रपद शुक्ल एकादशी):</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>11 सितंबर 2027 (शनिवार):</strong> नासिक के रामकुंड पर केवल वैष्णव अखाड़ों के साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>12 सितंबर 2027 (रविवार):</strong> त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड पर शैव अखाड़ों के नागा संन्यासियों और साधुओं के लिए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तीर्थयात्रियों के लिए जरूरी सलाह:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मेले के दौरान <strong>10 से 12 करोड़</strong> श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है. मुख्य अमृत स्नान के दिनों में नासिक शहर में निजी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा; श्रद्धालुओं को तय पार्किंग से सरकारी शटल बसों या पैदल पथ का सहारा लेना होगा. </p>
<p style="text-align: justify;">आवास की परेशानी से बचने के लिए साधुग्राम टेंट सिटी या होटलों की बुकिंग कम से कम 6 महीने पहले आधिकारिक NTKMA पोर्टल से ही सुरक्षित करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.<br /></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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