क्रिकेटर शिवालिक शर्मा के खिलाफ रेप केस रद्द, आपसी सहमति से अलग होने की बात
Rajasthan 30 Oct 2026, 11:55 PM

क्रिकेटर शिवालिक शर्मा के खिलाफ रेप केस रद्द, आपसी सहमति से अलग होने की बात

ABP News
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<p style="text-align: justify;">राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने सगाई के बाद बने संबंधों को लेकर दर्ज रेप और आपराधिक धमकी के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आईपीएल क्रिकेटर शिवालिक शर्मा के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म और आपराधिक धमकी से जुड़ी एफआईआर को रद्द कर दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने मामले के तथ्यों, दोनों पक्षों के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट और वित्तीय लेन-देन पर विचार करने के बाद संबंधों को सहमति से बना हुआ माना. न्यायमूर्ति रवि चिरानिया की एकलपीठ ने 17 सितंबर 2026 को एसबी क्रिमिनल मिसलेनियस पिटीशन संख्या 3685/2025 में यह आदेश पारित किया.</p>
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<h3 style="text-align: justify;">क्या है पूरा मामला?</h3>
<p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता शिवालिक शर्मा के खिलाफ कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में 2 जनवरी 2025 को एफआईआर संख्या 7/2025 दर्ज की गई थी. इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(n) और 506 के तहत आरोप लगाए गए थे. शिकायतकर्ता अस्मिता तिवारी हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">युवक की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि दोनों बालिग थे और 28 अगस्त 2023 को परिवार की मौजूदगी में उनकी सगाई हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध रहे. वो शिकायतकर्ता के घर और जयपुर सहित अन्य स्थानों पर भी साथ रहे. युवक की ओर से दावा किया गया कि संबंध आपसी सहमति से बने थे और शादी का झूठा वादा करने का आरोप सही नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">रिश्ते में खटास आने के बाद दर्ज हुई एफआईआर</h3>
<p style="text-align: justify;">याचिकाकर्ता के वकील के अनुसार, दोनों के बीच अगस्त 2023 से जून 2024 तक संबंध रहे. बाद में छोटी-छोटी बातों और आपसी मतभेदों के कारण रिश्ते में खटास आ गई और दोनों अलग हो गए. इसके बाद शिकायतकर्ता ने एफआईआर दर्ज कराई.</p>
<p style="text-align: justify;">कोर्ट ने मामले में उपलब्ध तथ्यों, व्हाट्सऐप चैट और दोनों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन पर विचार किया. कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड के आधार पर संबंध सहमति से बने हुए प्रतीत होते हैं और इस मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध का आधार नहीं बनता.</p>
<h3 style="text-align: justify;">हाई कोर्ट ने एफआईआर और आगे की कार्रवाई की रद्द</h3>
<p style="text-align: justify;">मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए कुड़ी भगतासनी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 7/2025 और याचिकाकर्ता के खिलाफ उससे जुड़ी सभी परिणामी कार्यवाहियों को रद्द कर दिया. कोर्ट ने लंबित अन्य आवेदनों का भी निस्तारण कर दिया.</p>
<p style="text-align: justify;">हाईकोर्ट का यह फैसला सगाई के बाद बने संबंधों और उनके टूटने के पश्चात लगाए गए आरोपों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है. हालांकि, यह आदेश मामले के विशिष्ट तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर दिया गया है.</p>
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Source Credit: abplive.com
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