Karwa Chauth 2026 Puja Samagri: करवा चौथ की थाली में क्या रखें? पूजा से पहले मिला लें सामान, जानें मुहूर्त
28 Oct 2026, 10:28 PM

Karwa Chauth 2026 Puja Samagri: करवा चौथ की थाली में क्या रखें? पूजा से पहले मिला लें सामान, जानें मुहूर्त

ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Karwa Chauth 2026 Puja Samagri:</strong> करवा चौथ की थाली सजाते समय कभी रोली की डिब्बी ढूंढनी पड़ती है तो कभी याद आता है कि दीपक की बाती रह गई. करवा और छलनी खरीद लेने के बाद भी पूजा का कुछ छोटा सामान छूट सकता है. ऐसे में तैयारी का आसान तरीका है कि शाम की पूजा, चंद्रमा को अर्घ्य और बायने का सामान पहले ही अलग रख लिया जाए.</p>
<p style="text-align: justify;">इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है. नई दिल्ली में पूजा का मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा. थाली के लिए रोली, अक्षत, फूल, दीपक, घी, बाती और मिठाई तैयार रखें.</p>
<p style="text-align: justify;">करवा, जल का पात्र और परिवार की परंपरा में इस्तेमाल होने वाली दूसरी सामग्री भी पहले जुटा लें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">करवा चौथ की पूजा के लिए क्या-क्या सामान चाहिए?</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/cvEaLc-Q4ro?si=iAi6iYBuz9QFhxry" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">सामग्री खरीदने से पहले घर में मौजूद सामान देख लें. चौकी, थाली और जल का पात्र पहले से है तो उन्हें साफ करके इस्तेमाल किया जा सकता है. नीचे सूची दी गई है. पूजा की सामग्री और रस्मों में क्षेत्र तथा परिवार के अनुसार अंतर हो सकता है-</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;">साफ चौकी और कपड़ा- पूजा का स्थान तैयार करने के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">शिव-पार्वती, गणेश जी या करवा चौथ का पूजन चित्र- घर की पूजा-पद्धति के अनुसार</li>
<li style="text-align: justify;">करवा और उसका ढक्कन- करवा पूजन के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">पूजा की थाली और छोटी कटोरियां- सामग्री रखने के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">रोली या कुमकुम, अक्षत, हल्दी और चंदन- तिलक और पूजन के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">मौली या कलावा- पूजा-पद्धति के अनुसार बांधने के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">फूल और माला- अर्पित करने के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">दीपक, घी और रूई की बाती- दीप जलाने के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">धूप या अगरबत्ती- पूजन के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">फल और मिठाई- भोग के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">साफ जल और लोटा- पूजन तथा चंद्र अर्घ्य के लिए</li>
<li style="text-align: justify;">व्रत कथा की पुस्तक या पढ़ने योग्य कथा- कथा सुनने-पढ़ने के लिए</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">कई परिवारों में पान, सुपारी, नारियल, गेहूं या चावल, सींकें, आटे की लोई और विशेष पकवान भी रखे जाते हैं. इन्हें अपनी पारिवारिक रीति के अनुसार सूची में शामिल करें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">पूजा की थाली में क्या रखें?</h3>
<p style="text-align: justify;">थाली में सभी बड़े पात्र रखने की जरूरत नहीं है. रोली और अक्षत छोटी कटोरियों में रखें. फूल, मिठाई, मौली और दीपक साथ रख लें. करवा तथा जल का लोटा थाली के पास रखा जा सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">यदि आपके घर की पूजा में सिंदूर या सुहाग सामग्री चढ़ाई जाती है, तो उसे भी तैयार रखें. गेहूं, सींकें या दूसरी सामग्री की मात्रा घर के बड़ों से पहले पूछ लें. किसी दूसरी सूची में लिखी संख्या को सभी परिवारों के लिए एक जैसा नियम न मानें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">चंद्रमा को अर्घ्य देने का सामान अलग रखें</h3>
<p style="text-align: justify;">शाम की पूजा के बाद चंद्रदर्शन के लिए जाते समय जरूरी सामान ढूंढना न पड़े, इसलिए एक छोटी थाली अलग तैयार कर लें. उसमें ये चीजें रखी जा सकती हैं:</p>
<p style="text-align: justify;">- साफ जल से भरा लोटा या करवा.<br />- दीपक और उसे जलाने का सामान.<br />- परिवार की परंपरा के अनुसार फूल, अक्षत और मिठाई.<br />- छलनी, यदि आपके घर में उससे चंद्रदर्शन की रीति है.</p>
<p style="text-align: justify;">कई घरों में छलनी से चांद और पति का चेहरा देखने की परंपरा निभाई जाती है. हालांकि, पूजा की स्थानीय रीति अलग हो सकती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">करवे में जल भरें या अनाज?</h3>
<p style="text-align: justify;">इस सवाल का जवाब हर परिवार में एक जैसा नहीं मिलेगा. कुछ घरों में जल से भरा करवा रखा जाता है, जबकि कुछ परंपराओं में अनाज और ढक्कन पर मिठाई या दूसरी सामग्री रखने की रीति है. कहीं एक करवा इस्तेमाल होता है तो कहीं दो.</p>
<p style="text-align: justify;">इसलिए करवे की संख्या और उसमें रखी जाने वाली सामग्री घर की पूजा-पद्धति के अनुसार तय करें. पहली बार व्रत रख रही हैं तो खरीदारी से पहले यह बात पूछ लेना उपयोगी रहेगा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">बायना और श्रृंगार का सामान भी तैयार कर लें</h3>
<p style="text-align: justify;">कई परिवारों में सास या घर की बड़ी महिला को बायना देने की परंपरा है. इसमें मिठाई, फल, पकवान, वस्त्र, सुहाग सामग्री और दक्षिणा रखी जाती है. इसकी सामग्री परिवार की रीति और अपनी सुविधा के अनुसार तय करें.</p>
<p style="text-align: justify;">अपनी बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी और आभूषण पूजा सामग्री से अलग रखें. सरगी की परंपरा वाले घरों में सुबह के भोजन की तैयारी भी रात को कर लेने से आखिरी समय की भागदौड़ कम होगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">करवा चौथ की पूजा का मुहूर्त क्या है?</h3>
<p style="text-align: justify;">पंचांग के अनुसार 29 अक्टूबर को नई दिल्ली में पूजा का समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. चंद्रोदय रात 8 बजकर 17 मिनट पर होगा. ये समय नई दिल्ली के हैं; दूसरे शहरों के लिए स्थानीय पंचांग देखें.</p>
<p style="text-align: justify;">पूजा से पहले एक बार दीपक की बाती, घी, रोली, अक्षत, भोग और अर्घ्य का जल मिला लें. सजावट पूरी होने के बाद यही छोटी चीजें अक्सर ध्यान से रह जाती हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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