Indira Ekadashi 2026: आज इंदिरा एकादशी पर पितरों के लिए दीपदान कैसे करें? जानें पूजा और दान की परंपरा
06 Oct 2026, 02:12 PM

Indira Ekadashi 2026: आज इंदिरा एकादशी पर पितरों के लिए दीपदान कैसे करें? जानें पूजा और दान की परंपरा

ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Indira Ekadashi 2026:</strong> घर में लगातार परेशानी रहने पर इंदिरा एकादशी के दिन आसान उपाय किए जा सकते हैं. पितृ दोष से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए यह दिन बेहद खास माना गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा. इस दिन पितरों के निमित्त दीपदान करने से उनका आशीर्वाद मिलता है. इससे परिवार में सुख और शांति का वास होता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">इंदिरा एकादशी के शुभ मुहूर्त</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/qC5oxd58sbM?si=y2xaYMdQGEg90EDy" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">पंचांग के अनुसार 6 अक्टूबर को एकादशी तिथि रात 12:35 बजे तक रहेगी. इस दिन अश्लेषा नक्षत्र रात 10:17 बजे तक रहेगा. पूजा-पाठ के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग बेहद शुभ माना जाता है. यह योग सुबह 6:11 बजे से शुरू होकर रात 10:17 बजे तक रहेगा. इस दौरान किए गए उपाय विशेष फल देते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">पीपल के पास जलाएं चार मुखी दीपक</h3>
<p style="text-align: justify;">शाम के समय आटे का एक चौमुखा दीपक बनाएं. इस आटे में थोड़ी हल्दी, काले तिल और गुड़ मिला लें. अब दीपक में चार बत्तियां लगाकर इसे पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं. पीपल के पास जाना संभव न हो तो नदी किनारे भी दीपदान कर सकते हैं. मान्यता है कि इससे पितृ तृप्त होते हैं. इसके साथ ही शाम को घर में तुलसी के पौधे के पास भी एक दीपक जरूर जलाएं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">भगवान विष्णु की विशेष आराधना</h3>
<p style="text-align: justify;">इंदिरा एकादशी का दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है. इस दिन पीले वस्त्र पहनकर विष्णु जी का ध्यान करें. उनके पवित्र मंत्रों का श्रद्धा से जाप करें. पूजा के बाद सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को दान दें. इससे जीवन के कई संकट दूर होते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">पितरों के लिए भोग और दान-पुण्य</h3>
<p style="text-align: justify;">इस पावन दिन पर घर में शुद्ध सात्विक भोजन तैयार करें. सबसे पहले यह भोजन पितरों के निमित्त अर्पित करें. इसके बाद किसी योग्य ब्राह्मण या गरीब व्यक्ति को आदरपूर्वक भोजन कराएं. अन्न, वस्त्र और जरूरी चीजों का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और पूरे परिवार को तरक्की का आशीर्वाद देते हैं.</p>
Source Credit: abplive.com
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