08 Nov 2026, 01:11 PM
Post Diwali Diseases: दीपावली के बाद तेजी से बढ़ती हैं ये बीमारियां, ऐसे रखें अपना ध्यान
ABP News
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<p style="text-align: justify;">दीपावली का त्योहार खुशियां लेकर आता है, लेकिन इसके बाद कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है. पटाखों से निकलने वाले धुएं और बारीक कणों के कारण सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं होती हैं. इसका असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों पर ज्यादा पड़ता है. कई बार स्वस्थ लोगों को भी प्रदूषण के कारण परेशानी होने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि दीपावली के बाद अपनी सेहत का खास ध्यान रखा जाए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/childhood-cancer-india-journal-policy-study-aiims-states-highest-cases-data-up-delhi-3210493">Childhood Cancer In India: देश के किस राज्य में सबसे ज्यादा बच्चों को कैंसर? जानें टॉप-5 स्टेट्स&nbsp;</a></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>सांस से जुड़ी बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">दीपावली के बाद हवा में मौजूद धूल और पटाखों के धुएं के कारण सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ती हैं. प्रदूषण में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचते हैं. इससे खांसी, गले में खराश, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी होती है. अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की समस्या भी बढ़ सकती है. अगर आपको पहले से सांस की बीमारी है तो अपनी दवाएं और इनहेलर डॉक्टर की सलाह के अनुसार इस्तेमाल करें. प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर निकलने से बचें और जरूरी होने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आंखों में जलन और एलर्जी की समस्या भी बढ़ती है</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">पटाखों के धुएं और प्रदूषण का असर सिर्फ फेफड़ों पर नहीं पड़ता, बल्कि आंखों और त्वचा को भी नुकसान पहुंचता है. दीपावली के बाद कुछ लोगों को आंखों में जलन, लालिमा, खुजली और पानी आने जैसी परेशानी होती है.&nbsp; त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं. धुएं और धूल के संपर्क में आने से एलर्जी के लक्षण बढ़ते हैं. इससे बचने के लिए आंखों को बार-बार हाथों से न रगड़ें. बाहर से आने के बाद चेहरा और हाथ साफ पानी से धोएं. आंखों में तेज दर्द, धुंधला दिखने या लगातार जलन होने पर डॉक्टर को दिखाएं.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>सिरदर्द और दिल से जुड़ी परेशानी को न करें नजरअंदाज</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">प्रदूषण के कारण कुछ लोगों को सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी होती हैं. वहीं, हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक कण दिल और रक्त वाहिकाओं पर भी असर डाल सकते हैं. पहले से दिल की बीमारी या हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. प्रदूषण के स्तर को देखते हुए बाहर टहलने या एक्सरसाइज करने का समय तय करें. पर्याप्त पानी पिएं और घर के अंदर धुएं से बचने की कोशिश करें. अगर सीने में दर्द, सांस लेने में ज्यादा परेशानी या अचानक चक्कर आने जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. थोड़ी सावधानी अपनाकर दीपावली के बाद होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है <strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/infotainment/zydus-the-easiest-exam-breast-cancer-treatment-cost-recovery-modern-oncology-abp-news-experts-3211323">ब्रेस्ट कैंसर केयर: ABP News के कार्यक्रम में आधुनिक इलाज, खर्च और कैंसर के बाद की जिंदगी पर हुई चर्चा&nbsp;</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>*Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें*</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/childhood-cancer-india-journal-policy-study-aiims-states-highest-cases-data-up-delhi-3210493">Childhood Cancer In India: देश के किस राज्य में सबसे ज्यादा बच्चों को कैंसर? जानें टॉप-5 स्टेट्स&nbsp;</a></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>सांस से जुड़ी बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">दीपावली के बाद हवा में मौजूद धूल और पटाखों के धुएं के कारण सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ती हैं. प्रदूषण में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचते हैं. इससे खांसी, गले में खराश, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी होती है. अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की समस्या भी बढ़ सकती है. अगर आपको पहले से सांस की बीमारी है तो अपनी दवाएं और इनहेलर डॉक्टर की सलाह के अनुसार इस्तेमाल करें. प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर निकलने से बचें और जरूरी होने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आंखों में जलन और एलर्जी की समस्या भी बढ़ती है</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">पटाखों के धुएं और प्रदूषण का असर सिर्फ फेफड़ों पर नहीं पड़ता, बल्कि आंखों और त्वचा को भी नुकसान पहुंचता है. दीपावली के बाद कुछ लोगों को आंखों में जलन, लालिमा, खुजली और पानी आने जैसी परेशानी होती है.&nbsp; त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं. धुएं और धूल के संपर्क में आने से एलर्जी के लक्षण बढ़ते हैं. इससे बचने के लिए आंखों को बार-बार हाथों से न रगड़ें. बाहर से आने के बाद चेहरा और हाथ साफ पानी से धोएं. आंखों में तेज दर्द, धुंधला दिखने या लगातार जलन होने पर डॉक्टर को दिखाएं.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>सिरदर्द और दिल से जुड़ी परेशानी को न करें नजरअंदाज</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">प्रदूषण के कारण कुछ लोगों को सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी होती हैं. वहीं, हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक कण दिल और रक्त वाहिकाओं पर भी असर डाल सकते हैं. पहले से दिल की बीमारी या हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. प्रदूषण के स्तर को देखते हुए बाहर टहलने या एक्सरसाइज करने का समय तय करें. पर्याप्त पानी पिएं और घर के अंदर धुएं से बचने की कोशिश करें. अगर सीने में दर्द, सांस लेने में ज्यादा परेशानी या अचानक चक्कर आने जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. थोड़ी सावधानी अपनाकर दीपावली के बाद होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है <strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/infotainment/zydus-the-easiest-exam-breast-cancer-treatment-cost-recovery-modern-oncology-abp-news-experts-3211323">ब्रेस्ट कैंसर केयर: ABP News के कार्यक्रम में आधुनिक इलाज, खर्च और कैंसर के बाद की जिंदगी पर हुई चर्चा&nbsp;</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>*Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें*</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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