दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में SIR को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिए ये नए आदेश
06 Nov 2026, 08:53 PM

दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में SIR को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिए ये नए आदेश

ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि जिन राज्यों में फिलहाल SIR चल रहा है, वहां ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटे मतदाताओं को ढूंढने के लिए एक बार फिर से विशेष अभियान चलाया जाए. जिन राज्यों के लिए निर्देश जारी किया गया है उनमें दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, नागालैंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और झारखंड शामिल है. इसके तहत जिन मतदाताओं का नाम सूची से हटा है, BLO एक बार फिर उनके घर जाकर जांच करेंगे कि क्या वे वाकई उसी पते पर रह रहे हैं या नहीं.</p>
<p style="text-align: justify;">इसके साथ ही चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन मतदाताओं के नाम कटे हैं, उनकी सूची संबंधित पोलिंग बूथों पर लगाई जाए. ताकि मतदाता अपना नाम देखकर उसे दोबारा जुड़वा सकें. इसके लिए आयोग ने एक फॉर्म भी जारी किया है. आयोग के अनुसार, यह ढील उन मतदाताओं को दी जाएगी, जिन्हें न्यूमरेशन फॉर्म तो जारी किए गए थे, लेकिन जांच के दौरान उन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट कैटेगरी में रखकर ड्राफ्ट रोल से बाहर कर दिया गया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश</strong></p>
<p style="text-align: justify;">चुनाव आयोग ने अधिकारियों को सख्त निगरानी बनाए रखने का भी निर्देश दिया है. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल होने के अवसर से वंचित न रहे और साथ ही किसी भी फर्जी या डुप्लिकेट नाम को सूची में जुड़ने से रोका जा सके. चुनाव आयोग के मुताबिक, अब तक बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में <a title="एसआईआर" href="https://www.abplive.com/topic/sir" data-type="interlinkingkeywords">एसआईआर</a> की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. मतदाता सूची के निरंतर अद्यतन (Continuous Update) की प्रक्रिया के तहत छूटे हुए मतदाताओं के नाम शामिल किए जा सकते हैं. ECI ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को इस प्रक्रिया में सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कार्यप्रणाली और आदेशों पर ECI का स्पष्टीकरण</strong></p>
<p style="text-align: justify;">चुनाव आयोग ने इससे पहले अपने हलफनामे में आंतरिक कार्य आवंटन और एक अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों पर भी स्पष्टीकरण दिया था. ECI ने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखा गया पत्र आयोग या उसके आईटी विभाग से संबंधित किसी नीतिगत मामले को लेकर नहीं था, बल्कि चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था. ECI के अनुसार, संबंधित अधिकारी की ओर से जारी कार्य पुनर्वितरण के आदेशों को दोनों चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किया गया था.</p>
Source Credit: abplive.com
Read Full Story
9

Comments (0)

Login to join the conversation