07 Nov 2026, 07:43 PM
Diwali 2026: दिवाली से पहले आज 12 घंटे से ज्यादा भद्रा, क्या शाम की पूजा और खरीदारी पर पड़ेगा असर?
ABP News
@abpnews
<p><strong>Diwali 2026 Bhadra Timing:</strong> दिवाली की तैयारियों के बीच आज शनिवार, 7 नवंबर को भद्रा का साया रहेगा. दिल्ली के पंचांग के अनुसार, भद्रा सुबह 10:47 बजे से रात 11:04 बजे तक रहेगी. यानी करीब 12 घंटे 17 मिनट.</p>
<p>ऐसे में शाम को दिवाली की खरीदारी, दीपदान और पूजा करने वालों के मन में सवाल है कि क्या भद्रा के कारण शुभ कार्य रोकने पड़ेंगे? इसका जवाब भद्रा के निवास और पूजा के निर्धारित मुहूर्त में छिपा है.</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/B1-FcjjDGrs?si=FatZtKJijTvrMRPM" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p><strong>आज भद्रा का समय और निवास</strong></p>
<p>7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त होने के बाद चतुर्दशी शुरू होगी. इसी के साथ विष्टि करण यानी भद्रा का आरंभ होगा.</p>
<ul>
<li>भद्रा प्रारंभ: सुबह 10:47 बजे</li>
<li>भद्रा समाप्त: रात 11:04 बजे</li>
<li>भद्रा निवास: पाताल लोक</li>
<li>भद्रा अवधि: 12 घंटे 17 मिनट</li>
</ul>
<p>ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पृथ्वी लोक की भद्रा को मांगलिक कार्यों के लिए अधिक प्रतिकूल माना जाता है. आज भद्रा का निवास पाताल लोक में बताया गया है. इसलिए इसे पृथ्वी लोक की भद्रा जितना प्रतिकूल नहीं माना जाता.</p>
<p><strong>क्या आज शाम दिवाली की खरीदारी कर सकते हैं?</strong></p>
<p>भद्रा के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और कुछ विशेष मांगलिक कार्यों से बचने की परंपरा है. लेकिन सामान्य खरीदारी पर ऐसा कोई सर्वमान्य प्रतिबंध नहीं है.</p>
<p>आज दीपक, मिठाई, कपड़े, सजावट और पूजा सामग्री खरीद सकते हैं. केवल भद्रा के कारण बाजार जाने या घर की जरूरी खरीदारी रोकने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि नया कारोबार शुरू करने या विशेष मुहूर्त आधारित खरीदारी के लिए अलग शुभ समय देख सकते हैं.</p>
<p><strong>क्या शाम की पूजा और दीपदान पर पड़ेगा असर?</strong></p>
<p>आज काली चौदस की पूजा का विशेष महत्व है. दिल्ली में निशिता काल का पूजा मुहूर्त रात 11:39 बजे से 8 नवंबर को रात 12:31 बजे तक बताया गया है.</p>
<p>खास बात यह है कि भद्रा रात 11:04 बजे समाप्त हो जाएगी. यानी काली चौदस की निशिता पूजा शुरू होने से पहले ही भद्रा समाप्त हो चुकी होगी.</p>
<p>नियमित पूजा, दीपदान और भगवान की आराधना पर भद्रा के कारण कोई सर्वमान्य रोक नहीं है.</p>
<p><strong>क्या दिवाली की लक्ष्मी पूजा पर भी असर होगा?</strong></p>
<p>आज की भद्रा रात में ही समाप्त हो जाएगी. इसलिए इसका अगले दिन की लक्ष्मी पूजा पर सीधा प्रभाव नहीं रहेगा. लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त अमावस्या तिथि, प्रदोष काल और स्थिर लग्न के आधार पर तय किया जाता है.</p>
<p><span class=""><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></span></p>
<p>ऐसे में शाम को दिवाली की खरीदारी, दीपदान और पूजा करने वालों के मन में सवाल है कि क्या भद्रा के कारण शुभ कार्य रोकने पड़ेंगे? इसका जवाब भद्रा के निवास और पूजा के निर्धारित मुहूर्त में छिपा है.</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/B1-FcjjDGrs?si=FatZtKJijTvrMRPM" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p><strong>आज भद्रा का समय और निवास</strong></p>
<p>7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त होने के बाद चतुर्दशी शुरू होगी. इसी के साथ विष्टि करण यानी भद्रा का आरंभ होगा.</p>
<ul>
<li>भद्रा प्रारंभ: सुबह 10:47 बजे</li>
<li>भद्रा समाप्त: रात 11:04 बजे</li>
<li>भद्रा निवास: पाताल लोक</li>
<li>भद्रा अवधि: 12 घंटे 17 मिनट</li>
</ul>
<p>ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पृथ्वी लोक की भद्रा को मांगलिक कार्यों के लिए अधिक प्रतिकूल माना जाता है. आज भद्रा का निवास पाताल लोक में बताया गया है. इसलिए इसे पृथ्वी लोक की भद्रा जितना प्रतिकूल नहीं माना जाता.</p>
<p><strong>क्या आज शाम दिवाली की खरीदारी कर सकते हैं?</strong></p>
<p>भद्रा के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और कुछ विशेष मांगलिक कार्यों से बचने की परंपरा है. लेकिन सामान्य खरीदारी पर ऐसा कोई सर्वमान्य प्रतिबंध नहीं है.</p>
<p>आज दीपक, मिठाई, कपड़े, सजावट और पूजा सामग्री खरीद सकते हैं. केवल भद्रा के कारण बाजार जाने या घर की जरूरी खरीदारी रोकने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि नया कारोबार शुरू करने या विशेष मुहूर्त आधारित खरीदारी के लिए अलग शुभ समय देख सकते हैं.</p>
<p><strong>क्या शाम की पूजा और दीपदान पर पड़ेगा असर?</strong></p>
<p>आज काली चौदस की पूजा का विशेष महत्व है. दिल्ली में निशिता काल का पूजा मुहूर्त रात 11:39 बजे से 8 नवंबर को रात 12:31 बजे तक बताया गया है.</p>
<p>खास बात यह है कि भद्रा रात 11:04 बजे समाप्त हो जाएगी. यानी काली चौदस की निशिता पूजा शुरू होने से पहले ही भद्रा समाप्त हो चुकी होगी.</p>
<p>नियमित पूजा, दीपदान और भगवान की आराधना पर भद्रा के कारण कोई सर्वमान्य रोक नहीं है.</p>
<p><strong>क्या दिवाली की लक्ष्मी पूजा पर भी असर होगा?</strong></p>
<p>आज की भद्रा रात में ही समाप्त हो जाएगी. इसलिए इसका अगले दिन की लक्ष्मी पूजा पर सीधा प्रभाव नहीं रहेगा. लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त अमावस्या तिथि, प्रदोष काल और स्थिर लग्न के आधार पर तय किया जाता है.</p>
<p><span class=""><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></span></p>
Source Credit: abplive.com
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