Lalitpur, Uttar Pradesh
06 Nov 2026, 01:48 AM
बुंदेलखंड की पहचान सूखे से नहीं, पानी से होनी चाहिए : डॉ. अनिल जोशी
AU News
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झांसी। बुंदेलखंड की पहचान अब सूखे और पानी की किल्लत से नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रयासों से होनी चाहिए। इसके लिए परंपरागत जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के साथ नए जल क्षेत्र विकसित करने होंगे। पेड़ लगाने के साथ पानी सहेजने की मुहिम भी
Source Credit: amarujala.com
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