Uttar Pradesh
03 Oct 2026, 08:03 PM
हाईकोर्ट ने जताई चिंता : कहा- अपनी बात रखने के लिए जजों के पास न्यायिक आदेशों के अलावा कोई मंच नहीं बचा
Amar Ujala
@amarujala
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था और न्यायाधीशों के बीच संस्थागत संवाद को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने 80 पन्नों के फैसले में कहा कि पिछले 10 वर्षों में केवल 16 फुल कोर्ट बैठकें हुईं, जबकि नियमों...
Source Credit: amarujala.com
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