Aaj Ka Panchang 3 October 2026: जितिया की पूजा शाम को, अष्टमी श्राद्ध दोपहर में, जानें आज का राहुकाल
03 Oct 2026, 08:37 AM

Aaj Ka Panchang 3 October 2026: जितिया की पूजा शाम को, अष्टमी श्राद्ध दोपहर में, जानें आज का राहुकाल

ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Panchang: </strong>आज 3 अक्टूबर, शनिवार को जितिया व्रत और अष्टमी श्राद्ध है. नई दिल्ली में सुबह 7:59 बजे तक सप्तमी रहेगी, फिर अष्टमी शुरू होगी. पितरों का श्राद्ध दोपहर में और जितिया की मुख्य पूजा शाम को की जाएगी. व्रत का पारण अगले दिन होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">राहुकाल सुबह 9:12 से 10:41 बजे तक रहेगा. आज एक ही तिथि से जुड़े दो अनुष्ठान हैं, लेकिन उनके समय अलग हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">श्राद्ध के लिए अपराह्न में अष्टमी देखी जाती है, जबकि जितिया की पूजा में प्रदोष काल की परंपरा महत्वपूर्ण है. इसलिए सुबह पंचांग में सप्तमी देखकर न श्राद्ध टालें, न जितिया का व्रत अगले दिन मानें.</p>
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<h3 style="text-align: justify;">3 अक्टूबर का पंचांग एक नजर में</h3>
<ul>
<li style="text-align: justify;">वार-  शनिवार</li>
<li style="text-align: justify;">तिथि-  सप्तमी सुबह 7:59 बजे तक, इसके बाद अष्टमी</li>
<li style="text-align: justify;">अष्टमी- समाप्ति 4 अक्टूबर सुबह 5:51 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">नक्षत्र-  आर्द्रा, 4 अक्टूबर रात 1:29 बजे तक</li>
<li style="text-align: justify;">योग-  वरीयान दोपहर 3:21 बजे तक, फिर परिघ</li>
<li style="text-align: justify;">चंद्र राशि-  पूरे दिन मिथुन</li>
<li style="text-align: justify;">सूर्य राशि-  कन्या</li>
<li style="text-align: justify;">सूर्योदय-  सुबह 6:15 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">सूर्यास्त-  शाम 6:05 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">राहुकाल-  सुबह 9:12 से 10:41 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">अभिजीत मुहूर्त-  सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 बजे</li>
</ul>
<h3 style="text-align: justify;">सुबह सप्तमी है, फिर जितिया व्रत आज क्यों?</h3>
<p style="text-align: justify;">हर व्रत का निर्णय केवल सूर्योदय की तिथि से नहीं होता. जितिया की जिस परंपरा में प्रदोष के समय अष्टमी ली जाती है, उसमें शाम की तिथि महत्वपूर्ण होती है. प्रदोष यानी सूर्यास्त के आसपास का समय.</p>
<p style="text-align: justify;">आज अष्टमी सुबह शुरू होकर शाम और रात में भी रहेगी. अगले दिन यह सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी. इसी स्थिति के आधार पर इस वर्ष जितिया का मुख्य व्रत 3 अक्टूबर को रखा गया है. Hindu Panchang भी जीवित्पुत्रिका व्रत इसी दिन बताता है.</p>
<p style="text-align: justify;">अष्टमी सुबह 7:59 बजे लगने का अर्थ यह भी नहीं है कि उससे पहले भोजन करके उपवास शुरू किया जाए. ओठगन और उपवास आरंभ करने की विधि परिवार की प्रचलित परंपरा के अनुसार होती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">जितिया की पूजा और पारण कब करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">जितिया में जीमूतवाहन की पूजा और कथा सुनने की परंपरा है. पंडित सुरेश श्रीमाली बताते हैं कि 3 अक्टूबर को शाम 6:05 से रात 8:29 बजे तक पूजा की जा सकती है. पूजा की सामग्री और विधि में क्षेत्र तथा परिवार के अनुसार अंतर हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">जितिया का पारण 4 अक्टूबर की सुबह अष्टमी समाप्त होने के बाद होगा. पारण के लिए अपने स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा में निर्धारित समय का पालन करें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">किस तिथि वाले पितरों का श्राद्ध आज करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">जिन परिजनों की मृत्यु शुक्ल या कृष्ण पक्ष की अष्टमी में हुई थी, उनका श्राद्ध आज है. इसमें मृत्यु की हिंदू तिथि देखी जाती है, अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख नहीं.</p>
<p style="text-align: justify;">नई दिल्ली के लिए कुतुप मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 बजे, रौहिण मुहूर्त 12:33 से 1:21 बजे और अपराह्न काल 1:21 से 3:43 बजे तक है. इन तीनों अवधियों में अष्टमी रहेगी.</p>
<p style="text-align: justify;">इसीलिए सुबह सप्तमी होने से अष्टमी श्राद्ध अगले दिन नहीं जाएगा. श्राद्ध के मुख्य दोपहर वाले समय में आज अष्टमी उपलब्ध है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज शुभ काम कब करें और राहुकाल कब है?</h3>
<p style="text-align: justify;">अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 बजे तक है. राहुकाल सुबह 10:41 बजे समाप्त हो जाएगा, इसलिए दोनों में टकराव नहीं है. हालांकि किसी संस्कार का समय तय करने के लिए दैनिक अभिजीत मुहूर्त के अतिरिक्त दूसरे पंचांग विचार भी जरूरी होते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">गुलिक काल सुबह 6:15 से 7:43 बजे और यमगण्ड दोपहर 1:38 से 3:07 बजे तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:38 से 5:26 बजे तक है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज तिथि, नक्षत्र और चंद्र राशि</h3>
<p style="text-align: justify;">पूर्णिमांत गणना के अनुसार आश्विन और अमांत गणना में भाद्रपद मास है. कृष्ण पक्ष चल रहा है. चंद्रमा पूरे दिन मिथुन राशि में रहेगा. दोपहर 3:21 बजे योग बदलेगा. नक्षत्र का परिवर्तन आधी रात के बाद होगा, 4 अक्टूबर को रात 1:29 बजे आर्द्रा समाप्त होकर पुनर्वसु शुरू होगा. आज कालाष्टमी और महालक्ष्मी व्रत का समापन भी है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">अष्टमी वाले पितरों का श्राद्ध आज दोपहर है. जितिया की पूजा शाम को होगी और पारण अगले दिन किया जाएगा. पंचांग में आधी रात के बाद दिए गए नक्षत्र परिवर्तन को 4 अक्टूबर का समय समझें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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