11 Oct 2026, 07:32 PM
Aaj Ka Panchang 11 October 2026: नवरात्रि आज से, दिल्ली में सुबह 6:19 बजे से घटस्थापना
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Panchang 11 October 2026:</strong> आज से माता रानी की आराधना के नौ दिन शुरू हो रहे हैं. 11 अक्टूबर 2026, रविवार को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है. मां शैलपुत्री की पूजा होगी और घरों में कलश स्थापित किए जाएंगे. दिल्ली-NCR में घटस्थापना का सुबह का मुहूर्त 6:19 से 10:12 बजे तक है. सुबह समय नहीं मिले तो अभिजीत मुहूर्त का विकल्प भी है.</p>
<p style="text-align: justify;">पूजा की तैयारी के बीच आज के पंचांग की दो बातें ध्यान रखें. चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग होने पर भी घटस्थापना के समय दिए गए हैं. वहीं, चंद्रमा सुबह राशि बदलेगा. इसलिए पूजा का मुहूर्त, तिथि समाप्ति और राशि परिवर्तन के समय को अलग-अलग समझें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज कलश स्थापना कब करें?</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/ggOU5jjwdJQ?si=gIh87gFXHFGmQ6fG" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली-NCR में घटस्थापना के लिए ये दो समय हैं:</p>
<ol>
<li style="text-align: justify;">सुबह का समय सुबह 6:19 से 10:12 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे</li>
</ol>
<p style="text-align: justify;">सुबह पूजा करने की योजना है तो सामग्री पहले जुटा लें. कलश स्थापना की विधि भी पहले समझ लें, ताकि मुहूर्त के बीच सामान खोजने या पूजा का क्रम पूछने में समय न जाए. सुबह का समय छूट जाए तो अभिजीत मुहूर्त में स्थापना कर सकते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">वैधृति योग है, तो क्या पूजा रोक दें?</h3>
<p style="text-align: justify;">आज चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहने पर भी कलश स्थापना के लिए ऊपर दिए दोनों समय उपलब्ध हैं. वैधृति योग रात 9:05 बजे समाप्त होगा, लेकिन उसके खत्म होने का इंतजार न करें. कलश स्थापना रात में नहीं की जाती.</p>
<p style="text-align: justify;">घटस्थापना के लिए केवल सामान्य शुभ चौघड़िया देखकर शाम का समय भी न चुनें. इस पूजा का मुहूर्त अलग नियमों से तय होता है. आज सुबह या निर्धारित अभिजीत मुहूर्त के अनुसार तैयारी रखें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">नवरात्रि के पहले दिन का पंचांग</h3>
<p>पंचांग विवरण दिल्ली-NCR के अनुसार स्थिति-</p>
<ul>
<li>वार- रविवार</li>
<li>पूर्णिमांत और अमांत मास- आश्विन</li>
<li>पक्ष- शुक्ल पक्ष</li>
<li>तिथि प्रतिपदा- रात 9:30 बजे तक, फिर द्वितीया</li>
<li>नक्षत्र चित्रा- रात 10:32 बजे तक, फिर स्वाति</li>
<li>योग वैधृति- रात 9:05 बजे तक, फिर विष्कम्भ</li>
<li>चंद्र राशि- सुबह कन्या, फिर तुला</li>
<li>सूर्य राशि- कन्या</li>
<li>सूर्योदय- सुबह 6:19 बजे</li>
<li>सूर्यास्त- शाम 5:56 बजे</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">प्रतिपदा 10 अक्टूबर की रात शुरू हुई थी. 11 अक्टूबर को सूर्योदय पर प्रतिपदा रहने के साथ नवरात्रि आरंभ और घटस्थापना इसी दिन निर्धारित हैं. रात तक प्रतिपदा रहने का मतलब यह नहीं कि कलश स्थापना भी रात तक की जा सकती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज मां शैलपुत्री की पूजा होगी</h3>
<p style="text-align: justify;">नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है. उन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री और नवदुर्गा का पहला स्वरूप माना जाता है. आज घटस्थापना के साथ देवी पूजा की शुरुआत होगी.</p>
<p style="text-align: justify;">पहली बार घर में नवरात्रि पूजा कर रहे हैं तो अपनी पारिवारिक विधि के अनुसार पूजन करें. आज ही अगले दिनों की व्यवस्था भी तय कर लें. सुबह पूजा कौन करेगा, शाम की आरती कब होगी और बाहर रहने पर घर की पूजा कौन संभालेगा, इन बातों को पहले तय करने से रोज की जल्दबाजी कम होगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">सुबह चंद्रमा राशि बदलेगा, नक्षत्र रात में</h3>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली-NCR की स्थानीय गणना के अनुसार चंद्रमा सुबह 10:04 बजे कन्या से <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> राशि में प्रवेश करेगा. इसके बाद भी चित्रा नक्षत्र रात तक रहेगा. यानी चंद्र राशि बदलने और नक्षत्र बदलने का समय एक नहीं है.<br />रात में पंचांग के तीन बदलाव होंगे:</p>
<p style="text-align: justify;">- रात 9:05 बजे: वैधृति समाप्त, विष्कम्भ योग शुरू.<br />- रात 9:30 बजे: प्रतिपदा समाप्त, द्वितीया तिथि शुरू.<br />- रात 10:32 बजे: चित्रा समाप्त, स्वाति नक्षत्र शुरू.</p>
<p style="text-align: justify;">इन बदलावों के कारण सुबह और रात का पंचांग अलग होगा. पूजा की योजना बनाते समय उस अनुष्ठान का निर्धारित मुहूर्त देखें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और अन्य प्रमुख समय</h3>
<p style="text-align: justify;">राहुकाल शाम 4:29 से 5:56 बजे <br />यमगण्ड दोपहर 12:08 से 1:35 बजे <br />गुलिक काल दोपहर 3:02 से शाम 4:29 बजे <br />दुर्मुहूर्त शाम 4:23 से 5:10 बजे <br />चंद्रोदय सुबह 6:47 बजे <br />चंद्रास्त शाम 6:05 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">आज राहुकाल शाम को है. उसका सुबह के घटस्थापना मुहूर्त से टकराव नहीं है. स्थानीय दैनिक गणना के ये समय निकटतम मिनट तक दिए गए हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">1. मां शैलपुत्री की पूजा के साथ शारदीय नवरात्रि शुरू होगी.<br />2. दिल्ली-NCR में सुबह 6:19 से 10:12 बजे या निर्धारित अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना करें.<br />3. वैधृति योग समाप्त होने का इंतजार करते हुए रात में घटस्थापना न चुनें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पूजा की तैयारी के बीच आज के पंचांग की दो बातें ध्यान रखें. चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग होने पर भी घटस्थापना के समय दिए गए हैं. वहीं, चंद्रमा सुबह राशि बदलेगा. इसलिए पूजा का मुहूर्त, तिथि समाप्ति और राशि परिवर्तन के समय को अलग-अलग समझें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज कलश स्थापना कब करें?</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/ggOU5jjwdJQ?si=gIh87gFXHFGmQ6fG" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली-NCR में घटस्थापना के लिए ये दो समय हैं:</p>
<ol>
<li style="text-align: justify;">सुबह का समय सुबह 6:19 से 10:12 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे</li>
</ol>
<p style="text-align: justify;">सुबह पूजा करने की योजना है तो सामग्री पहले जुटा लें. कलश स्थापना की विधि भी पहले समझ लें, ताकि मुहूर्त के बीच सामान खोजने या पूजा का क्रम पूछने में समय न जाए. सुबह का समय छूट जाए तो अभिजीत मुहूर्त में स्थापना कर सकते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">वैधृति योग है, तो क्या पूजा रोक दें?</h3>
<p style="text-align: justify;">आज चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहने पर भी कलश स्थापना के लिए ऊपर दिए दोनों समय उपलब्ध हैं. वैधृति योग रात 9:05 बजे समाप्त होगा, लेकिन उसके खत्म होने का इंतजार न करें. कलश स्थापना रात में नहीं की जाती.</p>
<p style="text-align: justify;">घटस्थापना के लिए केवल सामान्य शुभ चौघड़िया देखकर शाम का समय भी न चुनें. इस पूजा का मुहूर्त अलग नियमों से तय होता है. आज सुबह या निर्धारित अभिजीत मुहूर्त के अनुसार तैयारी रखें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">नवरात्रि के पहले दिन का पंचांग</h3>
<p>पंचांग विवरण दिल्ली-NCR के अनुसार स्थिति-</p>
<ul>
<li>वार- रविवार</li>
<li>पूर्णिमांत और अमांत मास- आश्विन</li>
<li>पक्ष- शुक्ल पक्ष</li>
<li>तिथि प्रतिपदा- रात 9:30 बजे तक, फिर द्वितीया</li>
<li>नक्षत्र चित्रा- रात 10:32 बजे तक, फिर स्वाति</li>
<li>योग वैधृति- रात 9:05 बजे तक, फिर विष्कम्भ</li>
<li>चंद्र राशि- सुबह कन्या, फिर तुला</li>
<li>सूर्य राशि- कन्या</li>
<li>सूर्योदय- सुबह 6:19 बजे</li>
<li>सूर्यास्त- शाम 5:56 बजे</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">प्रतिपदा 10 अक्टूबर की रात शुरू हुई थी. 11 अक्टूबर को सूर्योदय पर प्रतिपदा रहने के साथ नवरात्रि आरंभ और घटस्थापना इसी दिन निर्धारित हैं. रात तक प्रतिपदा रहने का मतलब यह नहीं कि कलश स्थापना भी रात तक की जा सकती है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज मां शैलपुत्री की पूजा होगी</h3>
<p style="text-align: justify;">नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है. उन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री और नवदुर्गा का पहला स्वरूप माना जाता है. आज घटस्थापना के साथ देवी पूजा की शुरुआत होगी.</p>
<p style="text-align: justify;">पहली बार घर में नवरात्रि पूजा कर रहे हैं तो अपनी पारिवारिक विधि के अनुसार पूजन करें. आज ही अगले दिनों की व्यवस्था भी तय कर लें. सुबह पूजा कौन करेगा, शाम की आरती कब होगी और बाहर रहने पर घर की पूजा कौन संभालेगा, इन बातों को पहले तय करने से रोज की जल्दबाजी कम होगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">सुबह चंद्रमा राशि बदलेगा, नक्षत्र रात में</h3>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली-NCR की स्थानीय गणना के अनुसार चंद्रमा सुबह 10:04 बजे कन्या से <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> राशि में प्रवेश करेगा. इसके बाद भी चित्रा नक्षत्र रात तक रहेगा. यानी चंद्र राशि बदलने और नक्षत्र बदलने का समय एक नहीं है.<br />रात में पंचांग के तीन बदलाव होंगे:</p>
<p style="text-align: justify;">- रात 9:05 बजे: वैधृति समाप्त, विष्कम्भ योग शुरू.<br />- रात 9:30 बजे: प्रतिपदा समाप्त, द्वितीया तिथि शुरू.<br />- रात 10:32 बजे: चित्रा समाप्त, स्वाति नक्षत्र शुरू.</p>
<p style="text-align: justify;">इन बदलावों के कारण सुबह और रात का पंचांग अलग होगा. पूजा की योजना बनाते समय उस अनुष्ठान का निर्धारित मुहूर्त देखें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और अन्य प्रमुख समय</h3>
<p style="text-align: justify;">राहुकाल शाम 4:29 से 5:56 बजे <br />यमगण्ड दोपहर 12:08 से 1:35 बजे <br />गुलिक काल दोपहर 3:02 से शाम 4:29 बजे <br />दुर्मुहूर्त शाम 4:23 से 5:10 बजे <br />चंद्रोदय सुबह 6:47 बजे <br />चंद्रास्त शाम 6:05 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">आज राहुकाल शाम को है. उसका सुबह के घटस्थापना मुहूर्त से टकराव नहीं है. स्थानीय दैनिक गणना के ये समय निकटतम मिनट तक दिए गए हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">1. मां शैलपुत्री की पूजा के साथ शारदीय नवरात्रि शुरू होगी.<br />2. दिल्ली-NCR में सुबह 6:19 से 10:12 बजे या निर्धारित अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना करें.<br />3. वैधृति योग समाप्त होने का इंतजार करते हुए रात में घटस्थापना न चुनें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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